फिल्म निर्माता महेश भट्ट ने बॉलीवुड में तमाम लोगों को फिल्म और सिनेमा की बारीकियों से रूबरू कराया है। अक्सर महेश भट्ट के साथ काम करने वाले कलाकार उनके साथ अपने काम करने के अनुभवों को साझा करते नजर आते हैं। वह किस तरह इंडस्ट्री में बेहतर से बेहतर काम करने के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं। मगर, इंडस्ट्री में महेश भट्ट की प्रेरणा रहे शख्स को आप जानते हैं? बॉलीवुड में आज महेश भट्ट का जो ओहदा है, उसके पीछे महेश भट्ट की मेहनत के साथ-साथ राज खोसला की प्रेरणा है। मशहूर निर्माता-निर्देशक और स्क्रीनराइटर रहे राज खोसला साहब सिनेमा की दुनिया में महेश भट्ट के गुरु रहे। कई बातचीत में महेश भट्ट ने इसे दोहराया है। आज उन्हीं राज खोसला साहब का जन्मदिन है। आइए जानते हैं किस तरह नौकरी की तलाश में महेश भट्ट उनके पास पहुंचे और फिर आगे की कहानी...
Raj Khosla Birthday: फिल्म इंडस्ट्री से नफरत करते थे राज खोसला, वजह सुन महेश भट्ट रह गए थे हैरान
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पहले सवाल का जवाब था 'जीरो'
महेश भट्ट को पहली नौकरी राज खोसला ने दी थी। महेश भट्ट नौकरी के सिलसिले में राज खोसला साहब के पास गए थे। तब उन्होंने सबसे पहले महेश भट्ट से सवाल किया था, 'जीरो से दस तक के स्केल पर आप फिल्म मेकिंग के बारे में क्या जानते हैं?' महेश भट्ट ने जवाब दिया, 'जीरो'। तब राज खोसला मुस्कुराए और बोले, शुरुआत करने के लिए जीरो सबसे अच्छी जगह होती है। और इस तरह महेश भट्ट को असिस्टेंट डायरेक्टर की अपनी पहली नौकरी मिली। इसके बाद फिल्म निर्माण और निर्देशन की दुनिया में महेश भट्ट ने जो योगदान देना शुरू किया, दुनिया उसे जानती है।
ट्विटर पर साझा की थी तस्वीर
A mentor is someone who allows you to see hope inside yourself. ( With my guru Raj Khosla Saab who was born on 31 st May 1925. I was Raj Saab’s assistant in Mera Gaon Mera Desh.
एक बार महेश भट्ट ने अपने गुरु राज खोसला साहब के साथ वाली यह यह पुरानी तस्वीर ट्विटर पर साझा की थी। इसके साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा था, 'एक प्रशिक्षक वह होता है, जो आपको अपने भीतर उम्मीद देखना सिखाता है। अपने गुरु राज खोसला साहब के साथ मेरी तस्वीर।' इस दौरान जानकारी देते हुए महेश भट्ट ने बताया, 'फिल्म 'मेरा गांव मेरा देश' में मैं राज साहब का असिस्टेंट था। महेश भट्ट ने यह जानकारी भी दी कि राज खोसला ने गुरु दत्त के असिस्टेंट के रूप में काम की शुरुआत की थी।
Raj Saab was Guru Dutt’s assistant. ) @FilmHistoryPic pic.twitter.com/6lAVynYY9t
संगीत की बारीकियां भी सीखीं
महेश भट्ट ने राज खोसला साहब से सिर्फ फिल्म मेकिंग की बारीकियां ही नहीं सीखीं, उनके पास संगीत की जो अविश्वसनीय विरासत है, वह भी उन्होंने राज खोसला के साथ प्रशिक्षण में प्राप्त की। बता दें कि राज खोसला को बहुत ही शानदार तरीके से फिल्मों में म्यूजिक सीन की शूटिंग करने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने यह बारीकियां अपने गुरु और महान अभिनेता-निर्देशक रहे गुरु दत्त से सीखीं। 'लग जा गले', 'मेरा साया साथ होगा', 'जाने क्या बात है', 'है अपना दिल तो आवारा' और 'ये है बॉम्बे मेरी जान' खोसला द्वारा शूट किए गए कुछ सबसे प्रतिष्ठित गानों में शामिल हैं।
राज खोसला ने एक बार महेश भट्ट से कहा था, 'मुझे फिल्ममेकिंग से प्यार है, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री से नफरत है। यह हारा हुआ खेल है, जिसमें जीत किसी की नहीं होती।' बता दें कि अभिनेता देव आनंद के कहने पर गुरु दत्त ने फिल्म बाजी (1951) में राज खोसला को फिल्म में बतौर सहायक मौका दिया था। उस वक्त राज खोसला की उम्र 26 वर्ष थी। बाद में गुरु दत्त ने सीआईडी (1956) में राज खोसला को निर्देशक के रूप में ब्रेक दिया। यह बतौर निर्देशक राज खोसला की पहली फिल्म थी, जिसमें देव आनंद ने प्रमुख भूमिका निभाई। बता दें कि राज खोसला ने करीब चार सालों तक गुरु दत्त के असिस्टेंट के रूप में काम किया।