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हिंदी सिनेमा के ट्रेंडसेटर निर्देशक राज खोसला की 10 बेहतरीन फिल्में, हीरोइनों को मिले दमदार रोल
Sun, 09 Jun 2019 09:27 AM IST
भावना शर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई
एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई
Published by: भावना शर्मा
Updated Sun, 09 Jun 2019 09:27 AM IST
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raj khosla
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सिनेमा में कहानी और संगीत की अहमियत बताने वाले गुणी निर्देशकों में गिने जाने वाले राज खोसला को अपनी फिल्मों में महिला किरदारों के दमदार किरदारों के लिए हमेशा याद किया जाता है। अपनी तमाम फिल्मों की कहानियां भी खुद लिखने वाले राज खोसला बाद में निर्माता और फिल्म वितरक भी बने। लुधियाना, पंजाब में जन्मे राज खोसला की 28वीं पुण्यतिथि पर आइए जानते हैं उनकी 10 बेहतरीन फिल्मों के बारे में। देखिए आगे की स्लाइड्स।
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सीआईडी (1956)
गुरु दत्त की इसी फिल्म से वहीदा रहमान ने हिंदी सिनेमा में अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की। देव आनंद, शकीला, जॉनी वॉकर, के.एन. सिंह और वहीदा रहमान जैसे सितारों से सजी इस फिल्म के निर्देशन का जिम्मा संभाला राज खोसला ने। फिल्म सीआईडी राज खोसला की दूसरी ही फिल्म थी। यह क्राइम थ्रिलर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई और साल 1956 की सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्म बनी। इस फिल्म की सफलता पर खुश होकर गुरु दत्त ने राज खोसला को बतौर उपहार एक विदेशी कार दी थी।
गुरु दत्त की इसी फिल्म से वहीदा रहमान ने हिंदी सिनेमा में अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की। देव आनंद, शकीला, जॉनी वॉकर, के.एन. सिंह और वहीदा रहमान जैसे सितारों से सजी इस फिल्म के निर्देशन का जिम्मा संभाला राज खोसला ने। फिल्म सीआईडी राज खोसला की दूसरी ही फिल्म थी। यह क्राइम थ्रिलर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई और साल 1956 की सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्म बनी। इस फिल्म की सफलता पर खुश होकर गुरु दत्त ने राज खोसला को बतौर उपहार एक विदेशी कार दी थी।
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वो कौन थी (1964)
देश में निओ नॉयर फिल्मों की शुरुआत करने वाले निर्देशक राज खोसला ने 1964 में मनोवैज्ञानिक रहस्यों पर आधारित फिल्म वो कौन थी बनाई। इस फिल्म में साधना, मनोज कुमार और प्रेम चोपड़ा मुख्य भूमिका में थे। मदन मोहन के संगीत से सजी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट फिल्म साबित हुई। बेस्ट सिनेमाटोग्राफी के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार जीतने के साथ ही इस फिल्म को फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर मेल और फिल्मफेयर बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर के पुरस्कारों के लिए नामित किया गया। इस फिल्म का लता मंगेशकर की आवाज में गया हुआ गाना ‘लग जा गले’ कालयजी गीत है।
देश में निओ नॉयर फिल्मों की शुरुआत करने वाले निर्देशक राज खोसला ने 1964 में मनोवैज्ञानिक रहस्यों पर आधारित फिल्म वो कौन थी बनाई। इस फिल्म में साधना, मनोज कुमार और प्रेम चोपड़ा मुख्य भूमिका में थे। मदन मोहन के संगीत से सजी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट फिल्म साबित हुई। बेस्ट सिनेमाटोग्राफी के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार जीतने के साथ ही इस फिल्म को फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर मेल और फिल्मफेयर बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर के पुरस्कारों के लिए नामित किया गया। इस फिल्म का लता मंगेशकर की आवाज में गया हुआ गाना ‘लग जा गले’ कालयजी गीत है।
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मेरा साया
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मेरा साया (1966)
हिंदी सिनेमा में अपनी फिल्मों से नए ट्रेंड शुरू करने वाले राज खोसला ने मराठी फिल्म पथलाग की रीमेक कै तौर पर बनाई मेरा साया। एक मुसाफिर एक हसीना और वो कौन थी के बाद अभिनेत्री साधना के साथ राज खोसला की तीसरी फिल्म थी। सुनील दत्त, साधना, के एन सिंह और प्रेम चोपड़ा जैसे सितारों से सजी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और इसने अच्छी कमाई भी की। इस फिल्म का संगीत भी लोंगो ख़ूब पसंद आया। राज खोसला के बेहतरीन निर्देशन में बनी इस फिल्म ने फिल्मफेयर बेस्ट साउंड का अवार्ड भी जीता। फिल्म का गाना ‘झुमका गिरा रे’ आज भी काफी लोकप्रिय है।
हिंदी सिनेमा में अपनी फिल्मों से नए ट्रेंड शुरू करने वाले राज खोसला ने मराठी फिल्म पथलाग की रीमेक कै तौर पर बनाई मेरा साया। एक मुसाफिर एक हसीना और वो कौन थी के बाद अभिनेत्री साधना के साथ राज खोसला की तीसरी फिल्म थी। सुनील दत्त, साधना, के एन सिंह और प्रेम चोपड़ा जैसे सितारों से सजी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और इसने अच्छी कमाई भी की। इस फिल्म का संगीत भी लोंगो ख़ूब पसंद आया। राज खोसला के बेहतरीन निर्देशन में बनी इस फिल्म ने फिल्मफेयर बेस्ट साउंड का अवार्ड भी जीता। फिल्म का गाना ‘झुमका गिरा रे’ आज भी काफी लोकप्रिय है।
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दो बदन (1966)
दो बदन उन कुछ गिनी चुनी फिल्मों में से है जिनमें मनोज कुमार ने एक रोमांटिक अभिनेता का किरदार निभाया। राज खोसला के बेहतरीन निर्देशन में बनी इस फिल्म में आशा पारेख, मनोज कुमार, सिम्मी ग्रेवाल और प्राण मुख्य भूमिका में थे। इसी फिल्म ने आशा पारेख को हिंदी सिनेमा में एक गंभीर अभिनेत्री के तौर पर स्थापित किया। एक अमीर लड़की और एक गरीब लड़के की प्रेम कहानी पर आधारित इस फिल्म ने 4 फिल्मफेयर पुरस्कार जीते।
दो बदन उन कुछ गिनी चुनी फिल्मों में से है जिनमें मनोज कुमार ने एक रोमांटिक अभिनेता का किरदार निभाया। राज खोसला के बेहतरीन निर्देशन में बनी इस फिल्म में आशा पारेख, मनोज कुमार, सिम्मी ग्रेवाल और प्राण मुख्य भूमिका में थे। इसी फिल्म ने आशा पारेख को हिंदी सिनेमा में एक गंभीर अभिनेत्री के तौर पर स्थापित किया। एक अमीर लड़की और एक गरीब लड़के की प्रेम कहानी पर आधारित इस फिल्म ने 4 फिल्मफेयर पुरस्कार जीते।