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राजेंद्र कुमार: दोस्त की सलाह ने बना दिया 'जुबली कुमार', वरना घूम रहे होते अपराधियों के पीछे
बॉलीवुड में अपनी बेहतरीन अदाकारी से लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले राजेंद्र कुमार तुली की 20 जुलाई को बर्थ एनिवर्सरी है। राजेंद्र कुमार ने करीब चार दशक तक फिल्म इंडस्ट्री पर राज किया। यहां तक कि राजेंद्र कुमार को 60 के दशक का सबसे बेहतरीन एक्टर माना जाता था। हिंदी सिनेमा में 'जुबली कुमार' का खिताब पाने वाले एक्टर राजेंद्र कुमार तुली का जीवन काफी संघर्षों वाला रहा। 'जुबली कुमार' के जन्मदिन के खास मौके पर हम आपको उनसे जुड़ी कुछ खास बातें बताने जा रहे हैं...
पुलिस विभाग में मिल गई थी नौकरी
राजेंद्र कुमार अपने परिवार के साथ भारत आ गए थे। यहां उनके पिता ने कपड़ों का व्यापार शुरू किया था, जो अच्छा चल गया। इसके बाद राजेंद्र की नौकरी भी पुलिस विभाग में लग गई, वो भी सब-इंस्पेक्टर के पद पर। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। राजेंद्र के एक दोस्त ने उन्हें फिल्मी दुनिया के सपने दिखाए और मुंबई आकर एक्टिंग करने को कहा। वैसे तो राजेंद्र कुमार का बचपन का सपना था एक्टर बनने और दोस्त की बातों ने सपनों को हवा देने का काम कर दिया। वो पुलिस की ट्रेनिंग में जाने से दो दिन पहले ही मुंबई भाग गए। जब वह मुंबई पहुंचे तो असलियत का पता चला। दोस्त भी वहां संघर्ष कर रहा था। दोस्त से मिले धोखे की वजह से राजेंद्र कुमार काफी आहत हुए और उन्होंने शर्म के मारे घर वापस ना जाने का फैसला किया। फिर यहीं से राजेंद्र कुमार का फिल्मों में जाने का संघर्ष शुरू हुआ। अगर राजेंद्र कुमार फिल्मों में नहीं आते तो वो एक पुलिस वाले होते और अपराधियों के पीछे भाग रहे होते।
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राजेंद्र कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
बड़ी मुश्किलों के बाद राजेंद्र कुमार को गीतकार राजेंद्र कृष्ण की मदद से 150 रुपये की तनख्वाह पर निर्देशक एचएस रवैल के सहायक के तौर पर काम मिला था। राजेंद्र कुमार को पहली बार बड़े पर्दे पर साल 1950 में आई फिल्म 'जोगन' में देखा गया था। इस फिल्म में मुख्य किरदार में दिलीप कुमार थे। फिल्म में काम तो मिल गया था लेकिन पहचान बनाने के लिए राजेंद्र कुमार को सात साल लग गए।
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राजेंद्र कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
इसके बाद साल 1957 में नरगिस के साथ राजेंद्र कुमार को 'मदर इंडिया' में काम करने का मौका मिला। फिल्म में राजेंद्र कुमार का किरदार तो बहुत छोटा था लेकिन उनके काम की जमकर तारीफ की गई। इसके बाद साल 1963 में 'महबूब' फिल्म सुपर हिट हुई जिसके बाद राजेंद्र कुमार ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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राजेंद्र कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
साल 1963 से 1966 के दौरान सभी फिल्में सुपरहिट हुई। कहा जाता है कि उस वक्त हर सिनेमाघर में राजेंद्र कुमार की ही फिल्में लगी रहती थी। राजेंद्र कुमार का स्टारडम ऐसा बढ़ा कि उनकी फिल्में सिनेमाघरों में 25 हफ्तों तक लगातार चलती रहतीं और रिकॉर्ड बनातीं। बस ऐसे ही लोग उन्हें 'जुबली कुमार' कहकर बुलाने लगे।
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राजेंद्र कुमार, राजेश खन्ना
- फोटो : सोशल मीडिया
कहा जाता है कि राजेश खन्ना के फिल्मों में आते ही राजेंद्र कुमार का स्टारडम फीका पड़ने लगा। हालांकि उन्होंने अपने बेटे कुमार गौरव के लिए फिल्म का निर्देशन भी किया। इस फिल्म का नाम 'लव स्टोरी' था। राजेंद्र कुमार का फिल्मों में बहुत योगदान रहा है जिस वजह से उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है। राजेंद्र कुमार ने अपने करियर में 85 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। इन फिल्मों के नाम धूल का फूल, पतंग, धर्मपुत्र और हमराही हैं।
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