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इस डायरेक्टर की वजह से सुबह 9 बजे शहर में लग जाता था कर्फ्यू, 'गिनीज बुक' में दर्ज हुआ था रिकॉर्ड

Wed, 12 Dec 2018 08:15 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 12 Dec 2018 08:15 AM IST
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ramanand sagar death anniversary here unknown facts
ramanand sagar - फोटो : file photo

रामायण जैसे सीरियल बनाकर रामानंद सागर आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में राज करते हैं। टीवी पर पहली बार राम की कहानी को पर्दे पर इतने जीवंत तरीके से दिखाया गया था। रामानंद सागर की प्रतिभा का आंकलन इससे लगाया जा सकता है कि वो एक लेखक, पत्रकार, स्क्रिप्ट राइटर, डायलॉग राइटर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर थे। रामानंद सागर का निधन आज ही के दिन यानी 12 दिसंबर 2005 को हुआ था। उनकी डेथ एनिवर्सरी पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें...

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ramanand sagar - फोटो : file photo

रामानंद सागर का जन्म 29 दिसंबर 1917 पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था। उनके बचपन का नाम चंद्रमौली चोपड़ा था। रामानंद को उनकी नानी ने गोद लिया था, उन्होंने ही नया नाम रामानंद दिया। बंटवारे के बाद रामानंद का परिवार भारत आ गया। जिसके बाद उनके परिवार की आर्थिक हालत बेहद खराब हो गई थी। 

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ramayan - फोटो : file photo

परिवार की मदद करने के लिए रामानंद ने कम उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया था। उन्हें ट्रक क्लीनर और चपरासी की नौकरी करनी पड़ी। मुंबई पहुंचकर यहां उन्होंने करियर की शुरुआत बतौर राइटर शुरु की। वो कहानी और स्क्रीनप्ले लिखा करते थे। जल्द ही रामानंद कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ने लगे। साल 1950 में उन्होंने प्रोडक्शन कंपनी सागर आर्ट कॉरपोरेशन शुरू की।

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ramayan

रामानंद सागर के वैसे तो कई सीरियल और फिल्में पॉपुलर हुईं लेकिन जिसने सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी वो था रामायण। 25 जनवरी 1987 को रामायण का पहला एपिसोड प्रसारित हुआ। ये सीरियल 31 जुलाई 1988 तक चलता रहा। दूरदर्शन पर रामायण रविवार सुबह 45 मिनट (विज्ञापन समेत) तक आता था। जबकि उस दौर में बाकी सीरियल को 30 मिनट का स्लॉट ही मिलता था।

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ramayan - फोटो : file photo

78 एपिसोड वाले रामायण का प्रसारण जब होता था तो देश की सड़कों और गलियों में कर्फ्यू जैसा सन्नाटा छा जाता था। आज के दौर में इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। माना जाता है इस सीरियल को करीब 10 करोड़ लोग देखते थे। राम-सीता के किरदार करने वाले अरुण गोविल और दीपिका चिकलिया को लोग भगवान की तरह पूजने लगे थे। रामानंद सागर ने सीरियल के सभी पात्रों से कह रखा था कि वो असल जिंदगी में भी आचरण को बेहतर रखें।  इसने दुनिया में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले माइथीकॉलोजिकल सीरियल के तौर पर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में बनाई।  

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