मशहूर रैपर बादशाह एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार कोरोना और लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने की वजह से वो मुंबई पुलिस के रडार पर हैं। दरअसल, कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से महाराष्ट्र सरकार ने नाइट कर्फ्यू को घोषणा कर दी थी। लेकिन बीती रात कुछ सितारे और खेल जगत के कुछ लोग मुंबई के एक क्लब में देर रात तक पार्टी करते नजर आए। इसके बाद मुंबई पुलिस ने सुरेश रैना, बादशाह और गायक गुरू रंधावा के खिलाफ महामारी के नियमों का उल्लंघन को लेकर मामला दर्ज किया। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं कि जब बादशाह किसी विवाद में फंसे हो, बादशाह के विवादों में होने की फेहरिस्त लंबी है।
बादशाह का विवादों से रहा है पुराना नाता, नाइट कर्फ्यू का उल्लंघन करने के अलावा इन खबरों से भी रहे चर्चा में
बीती रात मुंबई के एक क्लब में बादशाह और दूसरे सेलिब्रिटीज पुलिस का छापेमारी में पकड़े गए। हालांकि बादशाह, सुरेश रैना और गुरू रंधावा क्लब के पीछे के गेट से बाहर निकल गए थे। मुंबई पुलिस ने 34 लोगों के खिलाफ धारा 188 का मामला दर्ज किया है। इससे पहले भी रैपर बादशाह कई बार विवादों में फंस चुके हैं।
फर्जी फॉलोअर्स का आरोप
अगस्त 2020 में मुंबई क्राइम ब्रांच सोशल मीडिया पर फर्जी फॉलोअर्स लिस्ट के मामले में रैपर बादशाह को तलब कर चुकी है। मुंबई पुलिस ने रैपर बादशाह से पूछे जाने वाले 238 सवालों की लंबी फेहरिस्त तैयार की थी। पुलिस की ओर से दर्ज मामला यह था कि बादशाह के गाने यूट्यूब पर काफी पसंद किए जाते हैं, उसे लाखों लोग देखते भी हैं लेकिन कमेंट्स मुश्किल से सैकड़ों में होते हैं।
वर्ल्ड रिकॉर्ड विवाद
एक और विवाद में रैपर बादशाह का नाम सामने आया था। 'ये लड़की पागल है' गाने के लिए व्यूज खरीदे गए थे और इस बात को पुलिस की पूछताछ के दौरान रैपर बादशाह ने कबूल किया था। उन्होंने बताया कि 72 लाख रुपये में 7.2 करोड़ व्यूज खरीदे गए थे। यह गाना छह अलग-अलग देशों में टॉप ट्रेंड पर रहा था और इस गाने को महज 24 घंटे में 7.6 करोड़ व्यूज मिले थे। बादशाह चाहते थे कि उनका गाना 24 घंटे में सबसे ज्यादा देखे जाने वाला वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करे।
गेंदा फूल राइट्स विवाद
1978 में बीरभूम के लोक गायक रतन कहार ने 'बोरलोकर बिटिलो' गाना लिखा था और बादशाह ने अपने गाने गेंदा फूल में इसका इस्तेमाल किया था। ऐसा कहा जाता है कि गेंदा फूल गाने में बंगाली भाषा के हिस्से को बिना राइट्स के इस्तेमाल किया गया है। इसके बाद बादशाह ने ओरिजनल लोक गायक को बंगाली गाने का इस्तेमाल करने पर मुआवजा भरा था।
