किशोर कुमार की इस फिल्म को नष्ट करने के मुंबई हाईकोर्ट ने दिए थे आदेश, 60 साल बाद मिली रील
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दरअसल 1957 में किशोर कुमार की फिल्म बेगुनाह को बैन कर दिया गया था। इसके साथ ही मुंबई हाईकोर्ट ने बेगुनाह के सभी प्रिंट्स को नष्ट करने के आदेश भी दे दिए थे। लेकिन नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया को 60 साल बाद फिल्म की रील मिली है, जो आश्चर्यजनक है।
नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया के डायेरक्टर प्रकाश ने न्यूज एंजेसी पीटीआई को बताया कि कई लोग वर्षों से रील को ढूंढ़ रे थे, चूंकि यह हमारे पास नहीं थी तो हम भी सक्रियता से इसकी खोज करने लगे। ऐसे में यह खोज का चमत्कार है।'
View this post on Instagram
A post shared by Kishore Kumar (@legendkishorekumar) on
बातचीत में प्रकाश ने आगे कहा, 'म्यूजिक कंपोजर शंकर-जयकिशन के फैंस लंबे समय से फुटेज की तलाश कर रहे थे क्योंकि यही एक फिल्म है जिसमें जयकिशन का बड़ा रोल था। हमारे पास दो फेज में बेगुनाह की 16 एमएम की दो रील्स हैं जो करीब 60 से 70 मिनट की हैं। एक रील दो महीने पहले हमारे पास आई और दूसरी पिछले हफ्ते आई। दूसरी रील में 'ऐ प्यासे दिल बेजुबां' गाना है जिसमें जयकिशन, शकीला दिख रहे हैं। गाने को मुकेश ने आवाज दी है। रील की कंडीशन अच्छी नहीं है लेकिन गाना चल रहा है।'
गौरतलब है कि फिल्म बेगुनाह साल 1957 में रिलीज हुई थी। लेकिन पैरामाउंट पिक्चर्स अमेरिका ने किशोर कुमार की फिल्म पर कॉपीराइट का आरोप लगाया था। फिल्म बेगुनाह पर 1954 में रिलीज हुई हॉलीवुड फिल्म 'नॉक ऑन वुड' से कॉपी होने का आरोप था। जिसके बाद हाईकोर्ट ने फिल्म के सभी प्रिंट नष्ट करने के आदेश दिए थे।
पढ़ें:नेहा कक्कड़ का दिल जीतने के लिए आदित्य नारायण बने 'वीरू', धर्मेंद्र ने भी ऐसे की मदद