बॉलीवुड में 46 साल तक राज करने वाली अभिनेत्री रीना रॉय का जन्म 7 जनवरी 1957 को हुआ था। रीना इस साल अपना 64वां जन्मदिन मना रही हैं। रीना रॉय बॉलीवुड की ऐसी अदाकारा है जिन्होंने लीड रोल से लेकर मां तक के सभी किरदारों को बड़ी स्क्रीन पर बखूबी निखाया। यहां तक कि उनका नाम अपने समय में हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस की लिस्ट में भी शुमार है। रीना राय को फिल्मों से किनारा किए हुए करीब 20 साल हो चुके हैं। तो चलिए उनके जन्मदिन पर हम आपको बताते हैं उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें...
Reena Roy Birthday: 64 साल की हुईं रीना रॉय, एक डायलॉग भूलने की मिली थी ऐसी सजा, हाथ से निकल गई थीं कई फिल्में
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रीना रॉय ने अपने करियर की शुरुआत 1972 में आई फिल्म 'जरूरत' से की थी। कहा जाता है कि रीना रॉय को बॉलीवुड में एंट्री करने के लिए काफी स्ट्रगल करना पड़ा था। उस वक्त रीना रॉय को काम की सख्त जरूरत थी। ऐसे में रीना हर छोटे-बड़े रोल करने के लिए तैयार थीं। उनका फिल्म इंडस्ट्री में कोई गॉडफादर नहीं था। रीना रॉय ने जरूरत से पहले बीआर इशारा की ही फिल्म 'नई दुनिया नए लोग' की शूटिंग शुरू की थी। लेकिन इस फिल्म के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि रीना के हाथों से कई फिल्में छूट गईं।
हुआ कुछ यूं था कि फिल्म 'नई दुनिया नए लोग' की आउटडोर शूटिंग चल रही थी। पूरी यूनिट बंगलुरू से पचास मील दूर एक जंगल में थी। पास से एक रेलवे लाइन गुजरती थी। सीन लेने की पूरी तैयारी हो चुकी थी, बस ट्रेन के आने का इंतजार था। सीन के बैकग्राउंड में एक ट्रेन चाहिए थी। फिल्म के निर्माता-निर्देशक बी.आर. इशारा ने रीना रॉय और सत्येन को बुलाकर समझाया- 'देखो, मेरे पास पैसा बिल्कुल खत्म है। यहां पर चौबीस घंटे में सिर्फ एक ट्रेन गुजरती है। ब्रांच लाइन है। तुम दोनों अपने-अपने डायलॉग अच्छी तरह दोहरा लो। ट्रेन के आने पर कुछ गड़बड़ हो गई तो मैं पूरे यूनिट को कल बंगलौर से यहां लाने का खर्चा बर्दाश्त नहीं कर सकता।'
रीना रॉय और सत्येन ने उन्हें विश्वास दिलाया कि ट्रेन आने दीजिए कोई गड़बड़ नहीं होगी। दूर से गाड़ी की सीटी सुनाई दी। पूरी यूनिट तैयार हो गई। गाड़ी नजदीक आई। रीना रॉय ने सत्येन की आंखों में देखा और अपना डायलॉग बोलने लगीं, लेकिन बीच में ही डायलॉग भूल गईं और गाड़ी गुजर गई। इशारा गुस्से में लाल हो गए। रीना की आंखों में आंसू आ गए, लेकिन गाड़ी तो गुजर चुकी थी। उनकी गैरजिम्मेदारी की हवा बंगलुरू से मुंबई तक ऐसी फैली कि रीना रॉय के हाथ में आईं कई फिल्में दूसरी हीरोइनें मार ले गईं।
इसके बाद रीना ने कमर कस ली कि अब वो अपनी एक्टिंग पर बहुत ज्यादा ध्यान देंगी। इसके बाद इशारा की ही फिल्म 'जरूरत' का सीन था। इस बार ट्रेन की जगह पर सूरज था। ट्रेन भी चौबीस घंटे में एक बार आती थी, सूरज भी चौबीस घंटे में एक बार ढलता है। रीना बड़े आत्मविश्वास के साथ बोलीं, 'इशारा जी, विजय अरोड़ा को सीन अच्छी तरह समझा दीजिए, कहीं ये कोई गलती कर बैठें और हां, मेरा तो गलती करने का सवाल ही पैदा नही होता। मैंने बंगलुरू में गाड़ी गुजर जाने दी थी, मगर इस बार सूरज को नहीं ढलने दूंगी और सचमुच ऐसा ही हुआ। रीना ने ढलते सूरज के बैक-ग्राउंड में एक जबरदस्त टेक दिया। फिल्म रिलीज हुई और रीना बॉलीवुड में छा गईं।
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