दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मामले में पिता केके सिंह द्वारा करवाई गई एफआईआर के बाद ही इस केस का पूरा नजरिया ही बदल गया है। इस मामले पर सुशांत सिंह राजपूत के पिता के वकील और पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल विकास सिंह ने भी कई खुलासे किए हैं। जिनमें से एक बड़ा खुलासा है कि फरवरी 2020 में ही सुशांत के परिजनों ने अभिनेता की जान को खतरा होने की बात कही थी।
सुशांत केस: राजपूत परिवार के वकील का दावा, फरवरी में ही पुलिस को किया था खतरे को लेकर आगाह
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दरअसल एक टीवी चैनल से बात करते हुए विकास सिंह ने कहा कि सुशांत के पिता ने फरवरी में बांद्रा पुलिस को पहले बताया था कि सुशांत अच्छे लोगों के साथ नहीं है और उसकी जिंदगी खतरे में है। इसके साथ ही विकास सिंह ने दावा किया कि सुशांत के निधन के बाद जब परिवार ने पुलिस से इस बारे में जांच करने को कहा कि कौन सुशांत का दिमाग कंट्रोल कर रहा था, कौन उसके मेडिकल ट्रीटमेंट का ध्यान रख रहा था, तब भी वे अलग एंगल से जांच कर रहे थे।
विकास सिंह ने भी आगे कहा कि शुरुआत में पटना पुलिस भी इस मामले में एफआईआर दर्ज करने से झिझक रही थी। लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री संजय झा ने उन्हें मामला समझाया और तब जाकर एफआईआर दर्ज की गई। बता दें कि सुशांत के परिवार ने अभी तक सीबीआई जांच की मांग नहीं की है।
एफआईआर में सुशांत के पिता केके सिंह ने कई मुद्दों पर सवाल उठा हैं। केके सिंह का कहना है, 'साल 2019 से पहले जब मेरे बेटे सुशांत को कोई भी दिमागी परेशानी नहीं थी तो रिया के संपर्क में आने के बाद अचानक क्या हुआ कि वो दिमागी रूप से एकदम परेशान हो गया, इसकी जांच की जाए।'
एफआईआर में केके सिंह ने कहा, 'यदि इस दौरान वह मानसिक रूप से परेशान था या उसका कोई दिमागी इलाज चल रहा था तो इस संबंध में हमसे लिखित या मौखिक अनुमति क्यों नहीं ली गई, क्योंकि जब कोई व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार होता है तो उसके सारे अधिकार उसके परिवार के ही पास होते हैं, इसकी जांच की जाए।'
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