हिंदी सिनेमा के बेहतरीन विलेन्स में से एक रहे एमबी शेट्टी के बेटे आज इस इंडस्ट्री में उस मुकाम पर हैं, जहां पर उन्हें देखने के लिए किसी भी शख्स को अपना सिर ऊपर उठाना होगा। जी हां, हिंदी सिनेमा के खूंखार खलनायक एमबी शेट्टी के बेटे रोहित शेट्टी आज बॉलीवुड पर राज करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, किसी जमाने में धर्मेंद्र जैसे ही-मैन पर भारी पड़ने वाले एमबी शेट्टी की निधन के बाद एक्शन किंग रोहित शेट्टी दाने-दाने को मोहताज हो गए थे। जी हां, जिनका दीवाना आज सारा जमाना है वही रोहित शेट्टी किसी जमाने में पाई-पाई के लिए तरसते थे। अगर नहीं, तो चलिए आज रोहित शेट्टी के 50वें जन्मदिन के मौके पर जानते हैं उनकी जिंदगी का यह रोचक किस्सा..
Rohit Shetty: चांदी का चम्मच लेकर जन्मे रोहित ने देखे मुफलिसी के दिन, फिर ऐसे पलटी किस्मत और बन गए एक्शन किंग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
14 मार्च 1974 को मुंबई के एक फिल्मी परिवार में जन्में रोहित शेट्टी ने कभी नहीं सोचा होगा कि एक समय ऐसा भी आएगा जब उन्हें अपना करियर बनाने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पडेंगी। रत्ना शेट्टी और एम.बी शेट्टी के घर जन्में रोहित की मां जहां जूनियर आर्टिस्ट थीं, वहीं उनके पिता हिंदी और कन्नड़ की कई फिल्मों में खलनायक का रोल निभाने के साथ-साथ स्टंटमैन की तरह भी काम किया करते थे। लेकिन समय का च्रक देखिए जनाब सोने की चम्मच मुंह लेकर पैदा हुए रोहित को क्या पता था कि किस्मत उनके साथ ऐसा खेल खेलेगी कि सोने की चम्मच को छोड़ उनके हाथ में कटोरा आ जाएगा। दरअसल, रोहित शेट्टी जब पांच साल के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। एम.बी शेट्टी की मौत के बाद से ही उनके घर की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई थी। आलम यह था कि घर का सामान भी बेचना पड़ गया था, जिस वजह से वह भी कम उम्र में काम करने लगे थे।
अपनी फिल्मों में धमाकेदार एक्शन से लोगों का भरपूर मनोरंजन करने वाले रोहित शेट्टी के कंधों पर पिता की मौत बाद सारा भार आ गया था। ऐसे में उन्होंने महज 17 साल की उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया था। आज एक्शन के गुरु के नाम से मशहूर रोहित को अपने करियर के शुरुआती दौर में कड़ी मेहनत करनी पड़ी थी। वो कहते हैं न सोने को जितना तपाते हैं, वह उतना ही निखरता है। वहीं हाल रोहित शेट्टी का भी हुआ। निर्देशक ने अजय देवगन की डेब्यू फिल्म 'फूल और कांटे' से ही अपने करियर की शुरुआत की थी। जहां एक तरफ अजय बतौर अभिनेता बॉलीवुड में कदम रख रहे थे, वहीं दूसरी तरफ रोहित शेट्टी ने इस फिल्म में असिस्टेंट डायरेक्टर का काम किया। दोनों सुपरस्टार्स के करियर की शुरुआत के साथ-साथ उनके जीवन में एक ऐसी दोस्ती की शुरुआत भी हुई, जो आज इस इंडस्ट्री में एक मिसाल पेश करती है।
असिस्टेंट डायरेक्टर का काम करने के साथ-साथ रोहित कभी फिल्मों की अभिनेत्रियों का साड़ी प्रेस किया करते थे, तो कभी स्पॉट बॉय बन उनका टचअप किया करते थे। इसके साथ ही उन्होंने फिल्म 'सुहाग' में अक्षय कुमार के बॉडी डबल का रोल भी किया था। आज करोड़ों की संपत्ति के मालिक रोहित शेट्टी उस जमाने में इतना सब करने के बाद महज 35 रुपये कमा पाते थे। इस बात का खुलासा खुद निर्देशक ने किया था। उन्होंने बताया था कि कभी-कभी तो ऐसी नौबत आ जाती थी कि वह समझ नहीं पाते थे कि खाना खाऊं या फिर ट्रैवल करूं। रोहित को कभी खाना छोड़ना पड़ता था, तो कभी ट्रैवल। इस दौरान रोहित ने 'जुल्मी', 'प्यार तो होना ही था', 'हिंदुस्तान की कसम' और 'राजू चाचा' जैसी फिल्मों में काम किया।
बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर अजय की फिल्म से शुरुआत करने वाले रोहित ने निर्देशक की कुर्सी भी अपने जिगरी दोस्त की फिल्म से संभाली थी। जी हां, रोहित शेट्टी ने निर्देशक के तौर पर साल 2003 में आई फिल्म 'जमीन' से किया था, जिसमें अजय देवगन थे। लेकिन उनके करियर में रंग भरने का काम साल 2006 में आई फिल्म 'गोलमाल' ने किया था। इस फिल्म के बाद रोहित शेट्टी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और बॉक्स ऑफिस को एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दी, जिनकी दीवानगी लोगों के सिर चढ़कर बोलती है। रोहित ने 'संडे', 'गोलमाल रिटर्न्स', 'गोलमाल 3', 'चेन्नई एक्सप्रेस', 'सिंघम', 'सिंबा', 'सूर्यवंशम' और 'बोल बच्चन' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया।
Krishna Mukherjee: एक दूजे के हुए कृष्णा-चिराग, बंगाली रीति रिवाज से हुई शादी, तस्वीरों से नहीं हटेगी नजर