अभिनेता संजय दत्त को अमेरिका जाने के लिए वीजा मिलने की खबरों के बीच उनके फैंस इसी महीने की 28 तारीख को रिलीज होने वाली उनकी फिल्म 'सड़क 2' की राह भी तक रहे हैं। फिल्म को सोशल मीडिया पर इसकी हीरोइन आलिया भट्ट और इसके निर्देशक महेश भट्ट के चलते भले ट्रोल किया जा रहा हो, लेकिन सच ये भी है कि संजय दत्त ने अपने करियर में ऐसी तमाम फिल्मों के लिए संजीवनी बूटी का काम किया है, जिनका दम रिलीज से पहले ही निकलता दिखा। फिल्म 'सड़क 2' वर्ष 1991 में आई संजय दत्त की ही फिल्म 'सड़क' का सीक्वल है। आइए, आज हम आपको बताते हैं उन फिल्मों के बारे में जिसमें संजय दत्त ने मुख्य भूमिका में न होते हुए भी फिल्म का कल्याण कर दिया।
बॉक्स ऑफिस पर संजू का ये है डबल चौका, साइड रोल से ही इन फिल्मों में लगा दिए चार चांद
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किरदार : राजेश
फिल्म : खतरों के खिलाड़ी (1988)
संजय दत्त एक वयस्क कलाकार के रूप में अपने पिता संजय दत्त के निर्देशन में बनी फिल्म 'रॉकी' में नजर आए। अपनी शुरुआती फिल्मों में संजय ने मुख्य अभिनेता की ही भूमिकाएं निभाई। लेकिन, जैसे-जैसे वह अपनी फिल्मों में आगे बढ़ते गए, वैसे ही उन्होंने अपने अभिनय के साथ प्रयोग करना शुरू किया और दूसरे कलाकारों के साथ भी कुछ अलग किरदारों में भी नजर आने लगे। टी रामा राव के निर्देशन में बनी इस फिल्म में संजय का एक प्रमुख किरदार है। यह कहानी एक ईमानदार ट्रक ड्राइवर बलवंत की है जो अपने भाई की मौत का बदला लेने के लिए गलत रास्तों पर चला जाता है। बलवंत को सही रास्ते पर वापस लाने के लिए उनके बेटे राजेश और महेश कड़ी मेहनत करते हैं। फिल्म में बलवंत का किरदार धर्मेंद्र ने निभाया है। जबकि राजेश और महेश के किरदार में क्रमशः संजय दत्त और चंकी पांडे नजर आए।
किरदार : राकेश राय / राका
फिल्म : जहरीले (1990)
यहां संजय दत्त ने एक नकारात्मक किरदार निभाया है। यह कहानी एक सेना के जवान कैप्टन जसवंत कुमार की है जो एक लड़ाई में अपनी एक बांह गंवाने के बाद शांति से जीने के लिए शांति नगर में आकर बस जाता है। लेकिन, वहां तो पहले से ही गुंडाराज था। तब जसवंत और एक लोकल टैक्सी ड्राइवर राजू इन गुंडों से निपटने का फैसला करते हैं। तब इन गुंडों का साथ देने के लिए आता है एक कुख्यात अपराधी राका। राका का किरदार संजय दत्त ने निभाया है। वहीं जसवंत कुमार के किरदार में जीतेंद्र और राजू के किरदार में चंकी पांडे नजर आए। ज्योतिन गोयल के निर्देशन में बनी इस फिल्म के हीरो तो जीतेंद्र ही हैं। लेकिन, जब संजय के किरदार की एंट्री फिल्म में होती है तो कहानी ही बदल जाती है।
किरदार : सूरज सिंह
फिल्म : योद्धा (1991)
राहुल रवैल के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सनी देओल, संजय दत्त, संगीता बिजलानी और डैनी डेंजोंगपा मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म के हीरो सनी देओल का किरदार करण एक न्याय प्रिय वकील है लेकिन संजय दत्त का किरदार सूरज सिंह अपनी प्रेमिका शिल्पा को खो देने के बाद नशेबाजी का शिकार हो जाता है। इस वजह से उसकी पूरी दुनिया ही बदल जाती है। और एक समय ऐसा आता है जब करण के सामने सूरज खड़ा होता है। हालांकि सूरज गलत है इसलिए उसे झुकना पड़ता है और अंत में दोनों सच्चाई के साथ मिलकर लड़ते हैं। यहां भी संजय दत्त फिल्म के हीरो तो नहीं थे लेकिन उनकी भूमिका अहम रही।
किरदार : कबीर नायक
फिल्म : धमाल (2007)
इस कॉमेडी ड्रामा फिल्म में रितेश देशमुख, अरशद वारसी, आशीष चौधरी और जावेद जाफरी मुख्य भूमिकाओं में हैं। लेकिन, संजय दत्त का भी एक अहम किरदार रहा है। फिल्म की कहानी में इन चारों कलाकारों के किरदारों को एक गड़े हुए खजाने का पता चलता है जिसके पीछे पहले से ही संजय दत्त का किरदार कबीर भी पड़ा हुआ है। कबीर से बचते बचाते ये चारों उस खजाने की खोज में निकल पड़ते हैं। इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म की शुरुआत से लेकर पूरी फिल्म में रितेश, अरशद, आशीष और जावेद ही छाए रहते हैं लेकिन अंत में पूरी वाहवाही संजय लूट लेते हैं।