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'पद्मावत' पर बोले भंसाली - फिल्म छोड़ सकता था लेकिन डटा रहा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 03 Feb 2018 11:23 AM IST
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Sanjay Leela Bhansali
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'पद्मावत' फिल्म की धमाकेदार कमाई लगातार जारी है। फिल्म के कलेक्शन को देखकर ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं यह जल्द ही 200 करोड़ का आकड़ा पार कर लेगी। फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली को इसे थियेटर तक पहुंचाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा लेकिन रिलीज के दो हफ्ते बाद उनका ऐसा बयान सामने आया है जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे।
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बॉलीवुड लाइफ से बात करते हुए संजय लीला भंसाली ने कहा - 'इस फिल्म को बीच में ही छोड़ने की मेरे पास कई सारी वजह थी लेकिन मैंने कभी भी इसके बारे में नहीं सोचा। फिल्म की शुरुआत से आखिरी तक इस मुझे कई सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मेरे पास 'पद्मावत' के अलावा तीन और कहानियां थी लेकिन मैंने इसी को पर्दे पर उतारने का सोचा।'
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फिल्ममेकर ने साल 1988 में आई फिल्म 'भारत की खोज' का जिक्र करते हुए कहा- 'इसमें पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बारे में थोड़ा दिखाया गया है लेकिन तब का मौहाल बहुत अच्छा था लोग उदार थे। इतना जरूर कहूंगा कि फिल्ममेकर को आशा कभी भी नहीं छोड़नी चाहिए। 1964 में 'रानी पद्ममिनी' फिल्म आई थी लेेकिन उस वक्त उसका किसी ने भी विरोध नहीं किया। ऐसे में इस फिल्म का विरोध क्यों हुआ मुझे समझ में नहीं आया।'
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Sanjay leela bhansali
जब भंसाली से पूछा गया कि क्या आप अगली बार कोई ऐतिहासिक फिल्म बनाएंगे या नहीं इस पर उन्होंने कहा - 'हर फिल्म की एक किस्मत होती है। कभी-कभी कुछ चीजें आपके हाथों से बाहर निकल जाती हैं और उसमें आप कुछ नहीं कर सकते। मैं उन्हीं फिल्मों को बनाता हूं जो मेरे दिल के करीब होती हैं फिर चाहे वो समकालीन फिल्म हो या फिर ऐतिहासिक। तीन कहानियां मेरे पास और थी लेकिन मैंने 'पद्मावत' को ही बनाने का सोचा।'
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उन्होंने आगे कहा - 'मेरा पूरा ऑफिस चाहता था कि मैं और कहानियों पर काम करूं। यहां तक की रिसर्च भी पूरी हो गई थी लेकिन मैंने आखिर में कहा कि मुझे 'पद्मावत' ही बनानी हैं। जो भी मेरे दिल में आता है मैं वो बनाता हूं और ना तो बीते वक्त की चिंता करता हूं ना ही भविष्य की।'