अभिनेता, निर्माता शाहरुख खान की आने वाली फिल्म ‘जवान’ का पहला गाना ‘जिंदा बंदा’ यूट्यूब पर खूब तारीफें बटोर रहा है। पहले 24 घंटे मे सबसे ज्यादा व्यूज पाने वाला ये इस साल का पहला गाना भी बन चुका है। गाने के शुरू में शाहरुख खान एक शेर पढ़ते हैं जो मशहूर शायर वसीम बरेलवी की एक मशहूर गजल के मतले (गजल के पहले शेर को मतला कहते हैं) जैसा मालूम होता है। पहली बार सुनने में लगता है कि ‘जिंदा बंदा’ लिखने वाले ने इसे गाने की शुरुआत के लिए यूं ही इस्तेमाल कर लिया है। लेकिन गाने में बाकायदा वसीम बरेलवी का नाम लिखा गया है और अब पता चला है कि शाहरुख खान ने इसे अपनी फिल्म में शामिल करने से पहले बाकायदा वसीम बरेलवी से बात की और काफी लंबी बात की।
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Zinda Banda: जब बजी वसीम बरेलवी के फोन की घंटी, आवाज आई, आदाब, वसीम साब! मैं शाहरुख खान बोल रहा हूं...
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शाहरुख खान,वसीम बरेलवी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
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वसीम बरेलवी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
वसीम बरेलवी की मशहूर गजल का मतला कुछ यूं है..
उसूलों पे जहां आंच आए टकराना जरूरी है
जो जिन्दा हों तो फिर जिन्दा नजर आना जरूरी है
और, फिल्म ‘जवान’ के गाने ‘जिंदा बंदा’ से पहले शाहरुख खान के लिखे और बोले संवाद में इसे कुछ यूं शामिल किया गया है...
उसूलों पर जहां आंच आए टकराना जरूरी है
बंदा जिन्दा हो तो जिन्दा नजर आना जरूरी है
जिन लोगों ने भी सोमवार को रिलीज हुआ ये गाना सुना और जिन जिनको वसीम बरेलवी के इस शेर के बारे में पता था, उन सबका ध्यान सबसे पहले इसी तरफ गया। यूट्यूब पर गाने के क्रेडिट में वसीम बरेलवी का नाम भी लिखा मिला।
उसूलों पे जहां आंच आए टकराना जरूरी है
जो जिन्दा हों तो फिर जिन्दा नजर आना जरूरी है
और, फिल्म ‘जवान’ के गाने ‘जिंदा बंदा’ से पहले शाहरुख खान के लिखे और बोले संवाद में इसे कुछ यूं शामिल किया गया है...
उसूलों पर जहां आंच आए टकराना जरूरी है
बंदा जिन्दा हो तो जिन्दा नजर आना जरूरी है
जिन लोगों ने भी सोमवार को रिलीज हुआ ये गाना सुना और जिन जिनको वसीम बरेलवी के इस शेर के बारे में पता था, उन सबका ध्यान सबसे पहले इसी तरफ गया। यूट्यूब पर गाने के क्रेडिट में वसीम बरेलवी का नाम भी लिखा मिला।
शाहरुख खान,वसीम बरेलवी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
इस बारे में तफ्तीश करने पर पता चलता है कि फिल्म ‘जवान’ में इस शेर को शामिल करने के लिए शाहरुख खान ने सिर्फ शायर वसीम बरेलवी को पूरी इज्जत बख्शी बल्कि खुद ही उनसे फोन पर बात भी की है। बरेली के स्थानीय पत्रकार आर बी लाल बताते हैं, ‘इसके लिए शाहरुख खान के दफ्तर से सुमित अरोड़ा का फोन वसीम बरेलवी के पास आया था। वसीम बरेलवी और शाहरुख खान में में इसके बाद करीब 17 मिनट लंबी बातचीत इस शेर को लेकर हुई।’
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शाहरुख खान, जिंदा बंदा गाना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
जानकारी के मुताबिक शाहरुख खान जब फोन पर आए तो उनका पहला वाक्य था, ‘जनाब वसीम बरेलवी साब! मैं शाहरुख खान बोल रहा हूं। आपके एक मशहूर शेर में बस थोड़ी सी तब्दीली की इजाजत चाहता हूं।’ बताते हैं कि पहले तो वसीम बरेलवी इस बात को लेकर थोड़ा असहज हुए लेकिन शाहरुख खान ने जिस अंदाज से पूरी बातचीत की और जिस तरह के अदब और शऊर का परिचय दिया, उससे वसीम बरेलवी काफी प्रभावित हुए और आखिरकार उन्होंने शाहरुख को फिल्म ‘जवान’ के गाने ‘जिंदा बंदा’ में इसकी इजाजत दे दी।
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शाहरुख खान, प्रियमणि जिंदा बंदा गाने में
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
फिल्म ‘जवान’ के गाने ‘जिंदा बंदा’ में वसीम बरेलवी का नाम जाने से होगा ये कि अब इस गाने की बिक्री से जो भी रकम हासिल होगी, उसका एक हिस्सा रॉयल्टी के रूप में वसीम बरेलवी के पास भी जाएगा। गाना यूट्यूब के सिर्फ टी सीरीज के चैनल पर 39 मिलियन यानी 3.9 करोड़ लोग देख चुके हैं। इसे पहले 24 घंटे में सबसे ज्यादा व्यूज पाने वाले इस साल के पहले गाने के रूप में भी इज्जत मिल रही है। पूरा गाना इरशाद कामिल ने लिखा है और इसका संगीत दिया है दक्षिण भारतीय सिनेमा के मशहूर संगीतकार अनिरुद्ध ने।