अभिनेता पृथ्वीराज कपूर के छोटे बेटे शशि कपूर की पहली फिल्म जहां फ्लॉप रही, वहीं रियल जिंदगी में पहली मोहब्बत सुपरहिट हो गई, लेकिन वे रोमांटिक हीरो नहीं बन पाए। हालांकि हिंदी के साथ-साथ वे उस दौर की अंग्रेजी फिल्मों में भी बड़े चेहरे होते थे।
शशि कपूर की पहली फिल्म फ्लॉप, पहली मोहब्बत हिट पर 'रोमांटिक' न बन पाए
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1938 में जन्में शशि, किशोरवस्था में ही अपने पिता पृथ्वीराज कपूर के साथ थिएटर से जुड़ गए थे। इस दौरान उनका जुड़ाव भारत और पूर्वी एशिया की यात्रा पर आई बर्तानवी नाटक मंडली 'शेक्सपिएराना' से हुआ। जहां उनकी मुलाकात मंडली के संचालक की बेटी जेनिफर केडिल से हुई। शशि कपूर उनसे प्यार कर बैठे, बाद में उन्होंने शादी कर ली।
यश चोपड़ा निर्देशित फिल्म 'धर्मपुत्र' से शशि कपूर की बतौर हीरो पारी शुरू होती है। आचार्य चतुरसेन शास्त्री के उपन्यास पर आधारित इस फिल्म में सांप्रदायिक दंगों को दिखाया गया। यह मुस्लिम दम्पत्ति के अवैध संतान की कहानी थी। यह फिल्म बहुत सफल नहीं रही।
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1960 में शशि कपूर अपनी इमेज बदलते दिखे। इस दौर में उन्होंने कई रोमांटिक फिल्में कीं। 'चार दीवारी', 'मेहंदी लगी मेरे हाथ', 'प्रेमपत्र', 'मोहब्बत इसको कहते हैं', 'नींद हमारी ख्वाब तुम्हारे', 'जुआरी', 'कन्यादान', 'हसीना मान जाएगी' जैसी फिल्मों में वह नजर आए। ज्यादातर फिल्में असफल रहीं।
अमिताभ बच्चन के साथ शशि कपूर 'दीवार' सहित कई फिल्मों में दिखे। इस जोड़ी ने 'इमान धर्म', 'त्रिशूल', 'शान', 'कभी कभी', 'रोटी कपड़ा और मकान', 'सुहाग', 'सिलसिला', 'नमक हलाल', 'काला पत्थर' और 'अकेला' में भी काम किया। ज्यादातर फिल्में दर्शकों द्वारा पसंद की गयीं।
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