अमिताभ बच्चन और शत्रुघ्न सिन्हा बॉलीवुड के दो दिग्गज सितारे हैं। बॉलीवुड में कभी अमिताभ बच्चन और शत्रुघ्न सिन्हा की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी, लेकिन 70 के दशक में दोनों की इस दोस्ती को किसी की नजर लग गई। दोनों ने 'काला पत्थर', 'दोस्ताना' और 'शान' जैसी सुपरहिट फिल्मों में साथ काम किया है।
अमिताभ के साथ तस्वीर साझा कर शत्रुघ्न बोले- 'सलामत रहे दोस्ताना हमारा', कभी फिल्मों की वजह से आ गई थी दोस्ती में दरार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नसीब, काला पत्थर और दोस्ताना उनकी सुपरहिट फिल्मों में शामिल हैं। उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री लाजवाब थी। लेकिन बताया जाता है दोनों के बीच दुश्मनी की वजह बॉलीवुड में अमिताभ बच्चन से उनका कद बड़ा होना था। हालांकि अब दोनों दोस्त हैं। शत्रुघ्न सिन्हा ने अमिताभ के साथ एक तस्वीर साझा की है।
इस तस्वीर को साझा करते हुए उन्होंने लिखा- 'सलामत रहे दोस्ताना हमारा।' हालांकि शत्रुघ्न सिन्हा की इस तस्वीर पर फैंस कमेंट कर अपनी राय रख रहे हैं। कोई कह रहा है फिर लड़ाई हो गया क्या तो कोई ट्विटर पर एक दूसरे को फॉलो न किए जाने से नाराज है।
Salamat rahe Dostana hamaara.. pic.twitter.com/E1bvI3uiPD
साल 2016 जनवरी में प्रकाशित हुई ‘एनिथिंग बट खामोश’ किताब में शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी और अमिताभ की दोस्ती पर कई बातें लिखी है। बायोग्राफी में शत्रुघ्न ने लिखा है कि, काला पत्थर के सेट पर उन्हें अमिताभ बच्चन के बगल वाली कुर्सी कभी ऑफर नहीं हुई। न ही कभी अमिताभ बच्चन का छाता उन्हें दिया गया। शूटिंग लोकेशन से अमिताभ और उन्हें एक ही होटल में जाना होता था लेकिन अमिताभ अकेले अपनी गाड़ी में बैठकर होटल चले जाते थे।
शत्रु ने अपनी किताब में इस बात का जिक्र भी किया है कि उन्होंने अमिताभ की वजह से कई फिल्में छोड़ीं। यहां तक कि उन्होंने कई बार साइनिंग अमाउंट तक लौटा दिया। देव आनंद की फिल्म 'प्रेम पुजारी' से बॉलीवुड डेब्यू करने वाले शत्रुघ्न ने पारस (1971), दोस्त (1974), काला पत्थर (1979), दोस्ताना (1980) जैसी फिल्मों में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है।