अपने संवादों से सबको खामोश कर देने वाले शॉटगन के नाम से मशहूर वरिष्ठ अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा अपने काम के अलावा विवादों से भी चर्चाओं में रहे हैं। शत्रुघ्न का मनमुटाव पिछली सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ भी रहा और पहले सुपरस्टार अभिनेता राजेश खन्ना के साथ भी। एक इंटरव्यू के दौरान शत्रुघ्न ने बताया है कि अब उन्होंने सभी के साथ अपने सारे गिले शिकवे अब भुला दिए हैं।
अस्पताल जाकर इसलिए राजेश खन्ना को गले लगाना चाहते थे शत्रुघ्न सिन्हा, सियासत ने बना दी ‘दीवार’
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पुरानी बातों को याद करते हुए शत्रुघ्न ने कहा कि उनके फिल्मी करियर के दौरान कुछ फिल्में ऐसी हैं जो उन्हें ऑफर तो हुई लेकिन उन्होंने किन्हीं कारणों से की नहीं। उन फिल्मों में 'दीवार', 'शोले' और 'सत्ते पे सत्ता' शामिल हैं। शत्रुघ्न ने बताया कि ये सभी फिल्में पहले उनके पास आई थीं लेकिन जब उनके हाथ से ये फिल्में निकलीं तो यही फिल्में अमिताभ बच्चन के पास पहुंचीं। हालांकि, इन फिल्मों को न करने का अब उन्हें कोई पछतावा नहीं। उन्होंने कहा है कि फिल्म इंडस्ट्री में ऐसी चीजें तो अक्सर होती रहती हैं।
शत्रुघ्न ने कहा कि जब भी कोई प्रोजेक्ट शुरू होता है तो बहुत ही बातें बनती हैं। कोई कलाकार किसी किरदार के लिए पहला विकल्प हो सकता है लेकिन ऐसा नहीं है कि उस किरदार को वही कलाकार निभाए। कभी-कभी निर्माताओं की सोच बदलती है और उस किरदार को निभाने के लिए कोई दूसरा कलाकार साइन किया जाता है। उन्हें लगता है कि इस किरदार को और भी कोई बेहतर कर सकता है तो उसी हिसाब से फैसला लिया जाता है। कभी कभी खुद कलाकार ही प्रोजेक्ट को अपने व्यक्तिगत कारणों की वजह से छोड़ देते हैं।
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, 'मैंने कई फिल्मों को सिर्फ इसलिए छोड़ दिया क्योंकि मैं अपनी दूसरी फिल्मों को उस वक्त कर रहा था। किसी दूसरी फिल्म के लिए मेरे लिए वक्त निकालना मुश्किल हो रहा था। उन्हीं फिल्मों में से एक फिल्म 'शोले' भी रही। मुझे लगता है कि फिल्म 'शोले' में जय का किरदार निभाने के लिए कलाकार का चयन सबसे अंत में हुआ था। रमेश सिप्पी चाहते थे कि उस किरदार को मैं निभाऊं लेकिन दूसरे कामों में व्यस्त रहने के कारण मैं उसे कर ही नहीं सकता था। हालांकि, ऐसी चीजों से रिश्ते खराब नहीं होते। आज भी रमेश सिप्पी और मेरे बहुत अच्छे संबंध हैं।'
अंग्रेजी न्यूज पोर्टल टाइम्स ऑफ इंडिया डॉट कॉम के साथ अपनी इस बातचीत में शत्रुघ्न का ये भी कहना रहा कि वह किसी भी कारण से अमिताभ बच्चन के खिलाफ नहीं हैं क्योंकि जिस तरह फिल्में उनके पास से निकलकर अमिताभ के पास गई हैं वैसा तो अक्सर होता रहता है।
शत्रुघ्न कहते हैं कि अमिताभ के लिए उनके दिल में सिर्फ प्रेम, सम्मान और स्नेह ही है। शत्रुघ्न ने बताया कि अगर उनसे कोई इस बारे में पूछता भी है तो वह सिर्फ यही कहते हैं कि 'छोड़ो कल की बातें, कल की बात पुरानी, नए दौर में लिखेंगे मिलकर नई कहानी।' अमिताभ के साथ तो उनका सब ठीक ही रहा लेकिन राजेश खन्ना के साथ थोड़ा मनमुटाव जरूर हुआ था।
शत्रुघ्न ने बताया कि राजेश खन्ना का मनमुटाव फिल्मों को लेकर नहीं, बल्कि राजनीति को लेकर हुआ था। शत्रुघ्न कहते हैं, 'राजेश खन्ना बहुत विचलित हो गए थे जब चुनावों में मैं उनके खिलाफ खड़ा हो गया। सच बताऊं तो मैं चाहता नहीं था कि मैं उनके खिलाफ चुनाव लड़ूं लेकिन लालकृष्ण आडवाणी जी को मैं मना भी नहीं कर पाया। मैंने यह बात राजेश को बताने की कोशिश भी की लेकिन उन्होंने सुनना पसंद नहीं किया। काफी लंबे समय तक हम दोनों ने बात भी नहीं की। हालांकि, कुछ सालों बाद हम बात करने लगे।'