इन दिनों बॉलीवुड में सबसे ज्यादा ज्वलंत मुद्दा केवल सुशांत सिंह राजपूत का ही है। उनकी मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। सुशांत के निधन के बाद से ही बॉलीवुड में परिवारवाद का मुद्दा भी उभरकर सामने आया है। वहीं बॉलीवुड और परिवारवाद के मुद्दे पर अमर उजाला के साथ बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने चर्चा की। इस दौरान उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत के निधन पर भी दुख जताया।
Exclusive: जरूरत के समय सुशांत सिंह राजपूत के साथ नहीं थे उनके दोस्त, शत्रुघ्न सिन्हा ने उठाए सवाल
चर्चा के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने सुशांत सिंह राजपूत के बारे में बात करते हुए बताया कि वो सुशांत से महज एक बार ही मिले थे। पहली ही मुलाकात में उन दोनों के बीच उन्हें काफी समानताएं नजर आई थीं। साथ ही सुशांत भी पटना से थे और शत्रुघ्न भी बिहार से हैं, तो उन्हें सुशांत से थोड़ा लगाव भी था। बातचीत के दौरान शत्रुघ्न ने सुशांत के दोस्तों पर भी सवाल उठाए।
शत्रुघ्न ने सुशांत के बारे में बात करते हुए उनके दोस्तों पर भी निशाना साधा। उन्होंने सुशांत के दोस्तों से पूछा कि उनकी जरूरत के वक्त वो उनके साथ क्यों नहीं थे? शत्रुघ्न ने कहा, 'सुना है कि सुशांत को तकलीफ होती थी। मानसिक तकलीफ होती थी। लोग कहते हैं कि वो डिप्रेशन का शिकार थे। तो मैं जानना चाहता हूं उनके दोस्तों से। सब नहीं कई दोस्त। जो अब इतनी चिंता कर रहे हैं वो उस वक्त कहां थे? डिप्रेशन में साथ क्यों नहीं दिया।'
आगे शत्रुघ्न कहते हैं, 'जब वो ग्रुपिज्म का शिकार हो रहे थे तो उस समय उनकी हौसला अफजाई क्यों नहीं की। उनके लिए उस वक्त बयान क्यों नहीं दिया? सुशांत सिंह राजपूत के साथ कदम से कदम मिलाकर या कंधे से कंधा मिलाकर आगे चलने की बात क्यों नहीं की? आज कर रहे हैं, ठीक है मैं मानता हूं कि मामला लॉजिकल कंक्लूजन पर आए। साथ साथ ये भी तो लगता है मुझे कि अब हमारे परिवार का बच्चा आज हमारे बीच नहीं है। आज सब कुछ उसके लिए हो रहा है लेकिन जिसके लिए ये सब हो रहा है वो हमारे बीच नहीं है।'
गौरतलब है कि इस चर्चा के दौरान शत्रुघ्न ने नेपोटिज्म को लेकर भी बात की। उन्होंने ये भी बताया कि वो बॉलीवुड में खुद के दम पर आए थे और उन्हें नेपोटिज्म का शिकार नहीं होना पड़ा। साथ ही उन्होंने अपने तीनों बच्चों के बारे में बात करते हुए कहा कि मेरे दोनों बेटे लव और कुश बेहद काबिल हैं लेकिन आज उन्हें जहां होना चाहिए वहां नहीं हैं, लोग तो यहां भी नेपोटिज्म पेश करेंगे। सोनाक्षी की फिल्म अगर चली तो जनता की वजह से चली। सोनाक्षी की फिल्में असफल हुईं उस वक्त किसी ने नेपोटिज्म के बारे में चर्चा नहीं की।
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