भारतीय गायिका और अभिनेत्री सुचित्रा कृष्णमूर्ति और फिल्म निर्देशक शेखर कपूर की बेटी कावेरी आखिरकार बोस्टन से वापस आ ही गईं। गत गुरुवार की दोपहर को सुचित्रा ने खुद एक ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। वहीं विपुल अमृतलाल शाह की पत्नी और अभिनेत्री शेफाली शाह ने भी सोशल मीडिया पर ही अपने दोनों बेटों के स्पेन से सुरक्षित घर लौटने की पुष्टि की है। दुनिया में फैले कोरोना वायरस के डर की वजह से विदेशों में रह रहे सभी भारतवासियों को स्वदेस लौटने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
कोरोना के डर के बीच विदेश से लौटे ये स्टार किड्स, मांओं ने ली राहत की सांस
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शेखर कपूर की बेटी कावेरी का बोस्टन से अपने घर के लिए उड़ान भरना बहुत मुश्किल हो रहा था। अभिनेत्री सुचित्रा ने बताया कि कावेरी बोस्टन में बर्कली कॉलेज ऑफ म्यूजिक में पढ़ रही है। 13 मार्च से भारत के विदेशी नागरिकों के प्रवेश पर भारत सरकार के निर्देश के बाद कावेरी अमेरिका में अटक गई थी। स्थिति के बारे में विस्तार से बताते हुए सुचित्रा ने कहा, 'कावेरी का कॉलेज 10 मार्च के आसपास बंद हो गया था, और बच्चों को अपने छात्रावासों को खाली करने के लिए कहा गया था। कावेरी बोस्टन में हमारे पारिवारिक दोस्तों के साथ रह रही थी। इस महामारी के बीच वह अभी घर आई है तो राहत की सांस है।'
सुचित्रा ने आगे कहा, 'वह सिर्फ छः दिनों के लिए ही वहां अटक गई थी, लेकिन यह एक वर्ष की तरह महसूस हो रहा था। तारीफ है वहां की सरकार की जिन्होंने बहुत अच्छे तरीके से हमारी सहायता की। हमें लगातार हमारे सभी सवालों के जवाब मिले। मैं अपने डॉक्टरों, एयरलाइन, सुरक्षा कर्मियों और अन्य सभी का धन्यवाद करती हूं, जो भारत को सुरक्षित रखने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।' बोस्टन से लौटने के बाद कावेरी ने अब खुद को आइसोलेशन में रखा है। सुचित्रा ने कहा, 'भारत पहुंचने के बाद कावेरी का हवाई अड्डे पर चेकअप हुआ था और वह बिल्कुल ठीक है। लेकिन वह एक जिम्मेदार लड़की है, इसलिए उसने खुद को आइसोलेशन में रखा है। कावेरी ने बताया कि हवाई अड्डे पर कोई महामारी जैसी स्थिति नहीं थी। हर कोई बहुत अच्छे से पेश आ रहा था। भारत में जिस तरह से चीजों को संभाला जा रहा है उससे मेरा सलाम है।'
इधर अभिनेत्री शेफाली शाह शुरुआत से ही कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों को सचेत कर रही हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक फोटो साझा करके अपने दोनों बेटों की सही सलामत घर लौटने की पुष्टि की। उनके बेटे स्पेन के सलाओ कैम्ब्रिल्स में एक अकादमी में फुटबॉल के खिलाड़ी बनने की ट्रेनिंग ले रहे थे। वे जहां रह रहे थे उन्हें वहां से निकाला जा रहा था। इस समय वे उनके करियर की महत्वपूर्ण वर्ष में थे, क्योंकि वह बहुत ही जल्द बोर्ड की परीक्षा देने वाले थे। स्थिति तब बुरी हो गई थी जब कोरोना के भय से स्पेन की सरकार ने 15 मार्च को राष्ट्रीय बंद की घोषणा कर दी। शेफाली के पास अपने बेटों को वापस लाने के लिए 18 से भी कम घंटे का समय था, क्योंकि इसके बाद सीमाओं को बंद किया जाना था।
शेफाली ने बताया, 'जब मेरे दोनों बेटे भारत पहुंचे तो उनकी जांच की गई । जांच में कुछ नहीं मिला तो उन्हें पूरी तरह से परीक्षण के लिए सेवन हिल हॉस्पिटल में ले जाया गया। वहां उन्हें 24 घंटे तक रखा गया, जिसमें उनके शरीर के तापमान, गले और कोरोना के लक्षण के बारे में पूरी पड़ताल की गई। फिर बाद में उन्हें क्लीन चिट देकर घर जाने के लिए बोल दिया गया।'