एक्टर-डायरेक्टर शेखर कपूर इन दिनों अपनी फिल्म 'व्हाट्स लव गॉट टू डू विद इट' की सफलता का स्वाद चख रहे हैं। इस बीच उन्होंने 1983 में आई फिल्म 'मासूम' के सीक्वल को लेकर जानकारी साझा की है। बता दें कि 'मासूम' के जरिए शेखर कपूर ने निर्देशन की दुनिया में डेब्यू किया था। यह फिल्म जबर्दस्त तरीके से हिट हुई थी। बीते दिनों इसके सीक्वल को लेकर चर्चा शुरू हुई थी। अब हाल ही में खुद शेखर कपूर ने इसे लेकर जानकारी साझा की है।
Shekhar Kapur: घर से जुड़ा होगा 'मासूम' के सीक्वल की कहानी का आधार, शेखर कपूर ने किया खुलासा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शेखर कपूर ने बताया कि सीक्वल का नाम 'मासूम...द न्यू जेनरेशन' होगा। इसके अलावा उन्होंने फिल्म की थीम को लेकर भी चर्चा की। आपको बता दें कि शेखर कपूर द्वारा निर्देशित फिल्म मासूम में नसीरूद्दीन शाह और शबाना आजमी लीड रोल में नजर आए थे। यह फिल्म एरिक सेगल के उपन्यास 'मैन, वुमन एंड चाइल्ड' पर आधारित थी।
फिल्म 'मासूम' में इंदु (शबाना आजमी) और डीके (नसीरूद्दीन) की कहानी दिखाई गई है, जो अपनी दो बेटियां पिंकी और मिन्नी के साथ दिल्ली में रहते हैं। इस बीच डीके को खबर मिलती है कि उसका एक बेटा राहुल भी है, जो उसका पहले के अफेयर से हुआ था। राहुल के आ जाने से डीके और उसके खुशहाल परिवार की शांति भंग हो जाती है, क्योंकि डीके राहुल को अपने घर दिल्ली ले आता है। फिल्म में बाल कलाकारों के रोल जुगल हंसराज, आराधना और उर्मिला मातोंडकर ने अदा किए। इस फिल्म को दर्शकों ने खूब पसंद किया साथ ही फिल्म की झोली में कई अवॉर्ड भी आए।
Bollywood Movies: बॉलीवुड की इन फिल्मों पर सेंसर बोर्ड ने चलाई सबसे ज्यादा कैंची, लिस्ट देखकर रह जाएंगे हैरान
हाल ही में 'मासूम' के सीक्वल को लेकर शेखर कपूर का कहना है कि इसकी कहानी बुजुर्ग दंपति, उनके टूटते घर और उसमें पीढ़ीगत बदलाव के साथ हुए अनुभवों के इर्द-गिर्द होगी। शेखर कपूर ने कहा कि जब आप लोगों से घर के बारे में बात करते हैं तो सबसे पहले वह इसे एक प्रॉपर्टी कहते हैं, यह रियल इस्टेट है। इसके बाद दूसरी चीज वे कहते हैं कि इसकी कीमत क्या है? आपकी संपत्ति की कीमत महत्वपूर्ण है, लेकिन घर आखिर क्या है?
Jacqueline Fernandez: दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट पहुंचीं जैकलीन, 200 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला
निर्देशक ने आगे बताया, 'घर वह है जहां इंसान बड़ा होता है। वहां की यादें उसके मन में बसी होती हैं। दीवारों की यादें, सोफा पर बैठने की यादें। उस घर की ढेरों यादें होती हैं। इसलिए मैं कह रहा हूं कि घर का मूलभूत विचार क्या है।' उन्होंने आगे बताया कि वह एक ऐसी फिल्म बनाना चाहते हैं जहां वह जटिल परिस्थितियों को एक सादा कहानी के जरिए बता सकें।
Vivan Bhathena Interview: रामू ने तो एक शेड्यूल के बाद फिल्म से निकाल दिया, सलमान के भरोसे ने बदल दी किस्मत