अमर सिंह चमकीला एक ऐसा नाम है जिन्हें पंजाबी लोकगीत और अपनी बेहतरीन स्टेज परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता है। चमकीला एक मशहूर पंजाबी सिंगर थे साथ ही साथ वह खुद ही अपने गाने लिखते थे। उनका अपना एक बैंड भी था जिसमें दो लोग और उनकी पत्नी अमरजोत सिंह चमकीला, जिनके साथ वह गाना भी गाते और तुम्बी भी बजाया करते थे। वह सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में मशहूर थे। उनके सुपरहिट गानों में ललकारे नाल और कुछ धार्मिक गीत बाबा तेरा ननकाना, तलवार मैं कलगीधार दी काफी लोकप्रिय रहे थे। आज उनका जन्मदिन है।
31 साल पहले इस सिंगर को गोलियों से भून डाला था, 365 दिन में इतने स्टेज शोज का बनाया था रिकॉर्ड
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करियर की शुरूआत
अमर सिंह चमकीला का जन्म 21 जुलाई 1960 को डुग्री गाँव लुधियाना में हुआ था। पढाई पूरी करने के बाद वह इलेक्ट्रीशियन बनना चाहते थे, लेकिन उन्हें नौकरी एक कपड़े की मिल में मिली। उन्हें संगीत का शौक था तो कुछ सालों में वह हारमोनियम और ढोलकी बजाना सीख गए। 18 साल की उम्र में उनका मिलना सुरेंद्र शिंदा से हुआ, तब सुरेंद्र को पता लगा कि अमर सिंह कितने प्रतिभाशाली थे। फिर सुरेंद्र और अमर ने एक साथ काम करना शुरू कर दिया, और अमर सिंह ने अपने नाम के आगे चलकीला लगा लिया। जिसके बाद कुछ ही समय में उनकी शादी भी हो गई।
ऐसे हुई गायन की शुरुआत
शादी हुई तो घर की जिम्मेदारियाँ भी बढ़ गई, पर तब तक वह कुछ खास गाया नहीं करते थे, वह ज्यादातर सुरेंद्र के लिए गाने लिखा करते थे। पैसों की जरूरत के चलते उन्होंने खुद सोलो परफॉर्मेंस देना शुरु कर दिया था। वह अकसर अपने गाने में दुनिया की सच्चाई लोगों के सामने रखते थे। इसके चलते उनके गानों को लोग पसंद करने लगे, फिर धीरे धीरे उनकी लोकप्रियता बढ़ती चली गई।
कुछ समय बाद चमकील ने सोनिया शिंदा के साथ मिलकर स्टेज परफॉर्मेंस देने लगे था। दरअसल सोनिया शिंदा, सुरेंद्र शिंदा के साथ गाया करती थीं, लेकिन सुरेंद्र जब कनाडा के टूर पर गए थे तब वह अपने साथ एक और लोकप्रिय सिंगर गुलशन कोमल ले गए थे। जिसके चलते सोनिया ने चमकीला को कहा कि वह अपनी एक एल्बम रिकॉर्ड करें। जिसके बाद 1981 में दोनों ने मिलकर आठ गाने रिकॉर्ड किए, एल्बम बापू साडा गुम हो गया के नाम से।
कहानी का तीसरा कोण
उसके बाद उन्होंने एक और सिंगर के साथ काम किया जिनका नाम था मिस उषा। उसी साल उन्होने अमरजोत के साथ भी काम किया था। अमरजोत खुद भी काफी लोकप्रिय थीं, कुलदीप मानक जैसे जाने माने सिंगर के साथ भी वह काम कर चुकी थीं। जिसके बाद, जल्द यह जोड़ी बहुत लोकप्रिय हो गई। इस लोकप्रियता को बरकरार रखने के लिए अमर सिंह चमकीला ने 23 मई 1983 में अमरजोत के साथ दूसरी शादी की थी।