दक्षिण सिनेमा के सुपरस्टार रजनीकांत की सुपर-डुपर हिट फिल्म 'शिवाजीः द बॉस' ने 15 साल पूरे कर लिए हैं। इस फिल्म का फैंस के बीच अलग ही क्रेज देखा गया। एवीएम प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशक एस शंकर ने किया। यह फिल्म 15 जून 2007 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। दक्षिण सिनेमा की यह पहली फिल्म थी, जिसने 150 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की।
Sivaji The Boss: 15 साल पहले साउथ की इस फिल्म ने कमाए थे 150 करोड़, ...और रजनीकांत को बना दिया सिनेमा का 'बॉस'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रजनीकांत ने ली थी 26 करोड़ रुपये फीस
इस फिल्म में जनीकांत के अलावा श्रिया सरन, सुमन, विवेक, मणिवन्नन और रघुवरन ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। म्यूजिक ए आर रहमान ने दिया। इस फिल्म में रजीनकांत की फीस काफी चर्चा में रही। बता दें कि इस फिल्म में काम करने के लिए रजनीकांत ने साल 2007 में 26 करोड़ रुपये फीस ली थी। जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
2012 में थ्रीडी में हुई रिलीज
यह फिल्म 15 जून 2007 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में तमिल में रिलीज हुई थी। फिल्म को हिंदी में भी डब किया गया था, जिसे 8 जनवरी 2010 को रिलीज किया गया था। दुनियाभर के बॉक्स-ऑफिस पर फिल्म ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। फैंस के बीच इस फिल्म की दीवानगी देखते हुए इसे 3डी में तब्दील किया गया। यह ऐसी पहली 3डी भारतीय फिल्म है, जिसे नए डॉल्बी एटमॉस प्लेटफॉर्म के साथ लॉन्च किया गया। 3डी फॉरमेट में फिल्म का ट्रेलर 2012 में लॉन्च किया गया था, जबकि थ्रीडी वर्जन में यह फिल्म 12 दिसंबर 2012 को रिलीज की गई थी। फिल्म के थ्रीडी वर्जन की अवधि मूल फिल्म से कम है।
यह है फिल्म की कहानी
फिल्म में एक सॉफ्टवेयर सिस्टम आर्किटेक्ट शिवाजी की कहानी दिखाई गई है, जो अमेरिका में काम पूरा करने के बाद अपने वतन भारत लौटता है। वापसी के वह मुफ्त उपचार और शिक्षा की सुविधा के साथ समाजसेवा करना चाहता है। हालांकि, एक पॉलिटिकल लीड आदिशेषन उसकी इस प्लानिंग में खलल पैदा करता है। भ्रष्टाचार को देखने के बाद शिवाजी अपने तरीके से सिस्टम का मुकाबला करता नजर आता है। फिल्म की कहानी और रजनीकांत के अभिनय ने लोगों के दिलों में अलग जगह बनाई। बता दें कि इस शानदान फिल्म ने एक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, तीन फिल्मफेयर पुरस्कार और दो विजय पुरस्कार जीते थे।