सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज होने वाली हिंदी फिल्मों का आने वाले शुक्रवार को एक नया रिकॉर्ड सा बनता दिख रहा है। हाल के बरसों में ये पहला मौका होगा जब एक साथ बड़े सितारों, नामी तकनीशियनों और दिग्गज प्रोडक्शन घरानों की फिल्में एक साथ बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हो रही हैं। देखने में ही असामान्य सी दिखने वाली इस घटना के पीछे का असल राज दरअसल कुछ और है। हाल के बरसों में तमाम फिल्म निर्माताओँ ने कम बजट की फिल्में ओटीटी को मोटी रकम में बेचकर खूब मुनाफा कमाया है। लेकिन, ओटीटी ने अब अपनी चाल बदल दी है।
November 3 Riddle: क्यों रिलीज हो रहीं एक ही दिन छह हिंदी फिल्में, समझिए 3 नवंबर की पूरी फिल्म पहेली
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इस समय भारत के ओटीटी बाजार में काफी हलचल मची हुई है। सोनी के ओटीटी सोनी लिव और जी समूह के ओटीटी जी5 को लेकर कारोबारी जगत में तरह तरह की चर्चाएं हैं। दोनों कंपनियों का विलय होना तो तय हो चुका है लेकिन ये आधिकारिक रूप से कब संपन्न माना जाएगा, दोनों कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन भी बता पाने की सूरत में नहीं है। और, इसी वजह से दोनों ओटीटी में नई फिल्मों की खरीद पर एक तरह से अघोषित रोक लगी हुई है। इन ओटीटी के फिल्मों की खरीद के कंपटीशन से हट जाने का असर बाजार पर भी दिख रहा है।
प्राइम वीडियो ने कोरोना संक्रमण काल में ‘लक्ष्मी’ और ‘कुली नंबर वन’ जैसी फिल्मों को सीधे ओटीटी पर रिलीज करने में मोटी रकम खर्च की। इस खरीद पर कंपनी के भीतर भी सवाल उठे। इसी तरह डिज्नी प्लस हॉटस्टार के भीतर फिल्म ‘कठपुतली’ को सीधे ओटीटी पर रिलीज करने के लिए खर्च की गई मोटी रकम पर काफी दिन तक बातचीत चलती रही। डिज्नी के अपना भारतीय कारोबार जियो स्टूडियोज को बेचने की भी बात चल रही है और इसके चलते डिज्नी प्लस हॉटस्टार के भीतर बड़े फैसले थमे हुए हैं। नेटफ्लिक्स ने भी जब ‘ड्राइव’ जैसी फिल्म के अधिकार खरीदे थे तो फिल्म कारोबार जगत में इसे लेकर खूब कानाफूसी हुई। इस सबके चलते ओटीटी के मौजूदा प्रबंधन कर्मियों ने फिल्मों की खरीद का फॉर्मूला ही बदल दिया है।
अब ओटीटी पर वही फिल्में रिलीज हो रही हैं जो या तो इन ओटीटी ने पहले से मंजूर करके इन्हें बनाने में खुद धन का निवेश किया है और या फिर जो बड़ी बजट की फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी हैं और इनके सिर्फ ओटीटी अधिकार इन्होंने खरीदे हैं। अब किसी ऐसी फिल्म का, जो बनी तो सिनेमाघरों के लिए लेकिन फिल्म के थियेटर वितरण अधिकार न बिक पाने के चलते सीधे ओटीटी पर रिलीज होना चाहती है, ओटीटी पर पहला प्रसारण मुश्किल हो गया। अब बिना ओटीटी की मंजूरी के बनी फिल्मों का सिनेमाघरों में प्रदर्शन अनिवार्य हो चला है। अधिकतर ओटीटी प्रबंधन इसके बाद ही फिल्म के सिर्फ ओटीटी अधिकार खरीदने की बात कर रहे हैं। इस तरह से फिल्म की बॉक्स ऑफिस वैल्यू का भी खुलासा हो जाता है और ये भी पता चल जाता है कि समीक्षकों ने उसे कितनी तवज्जो दी। हालांकि, इस सब में समीक्षकों से उनकी रेटिंग बढ़वाने का भी एक नया कारोबार मुंबई में जन्म ले चुका है।
यही वजह है कि इस शुक्रवार यानी 3 नवंबर को एक साथ छह हिंदी फिल्में रिलीज हो रही हैं। इनमें से अधिकतर फिल्में ओटीटी पर रिलीज होने के उद्देश्य से ही बनीं लेकिन जब तक ये तैयार हुईं, ओटीटी ने अपना खेल बदल दिया है। नेटफ्लिक्स के लिए ‘मोनिका ओ माय डार्लिंग’ और ‘स्कूप’ जैसे प्रोजेक्ट बना चुकी मैचबॉक्स शॉट्स की फिल्म ‘थ्री ऑफ अस’ पिछले साल गोवा के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित हुई लेकिन साल बीतने को है और इसे न तो किसी ओटीटी ने खरीदी और न ही इसका किसी बड़े प्रोडक्शन घराने से सौदा हो सका, लिहाजा बिना किसी प्रचार प्रसार के ये फिल्म 3 नवंबर को रिलीज होने जा रही है।
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