कोरोनावायरस की दूसरी लहर का भयावह रूप देखने को मिल रहा है। रोजाना लाखों लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं और ना जाने कितने लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं। यह आंकड़ा बढ़ता ही नजर आ रहा है। ऐसे में सोनू सूद एक मसीहा बनकर लोगों की हर मुमकिन मदद कर रहे हैं। सोनू का मदद का सिलसिला पिछले साल प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने से शुरू हुआ था जो अब लोगों को ऑक्सीजन से लेकर अस्पतालों में बेड दिलाने तक आ पहुंचा है। सोशल मीडिया पर लोग सोनू सूद से मदद मांगते हैं और अभिनेता उन्हें फौरन मदद पहुंचाते हैं। फिर चाहे वो कोविड से जुड़ी हो या कोई अन्य समस्या हो। सोनू सूद एक बार हां कर देते हैं तो सहायता लोगों तक पहुंच ही जाती है। इसी बीच सोनू ने डॉक्टरों कोरोना मरीजों की जान बचाने को लेकर अहम सवाल पूछे हैं जो वाकई सोचने पर मजबूर कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया यूजर्स सोनू के इन सवालों पर जमकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
कोरोना: सोनू सूद ने डॉक्टरों से पूछे ये तीन सवाल, लोगों ने की जमकर तारीफ
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दरअसल, सोनू ने एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने यह अहम सवाल किए हैं। सोनू ने अपने ट्वीट में पहले सवाल में पूछा है, 'जब सबको पता है कि यह खास इंजेक्शन कहीं उपलब्ध नहीं है, तो सभी डॉक्टर इसी को लगाने की सलाह क्यों दे रहे हैं?'
इसी से जुड़ा सोनू ने अपना दूसरा सवाल पूछा है, 'जब अस्पताल ही दवा को नहीं ले पा रहे तो एक आम आदमी कहां से लेगा?' सोनू के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स जमकर उनकी तारीफ कर रहे हैं और उनका समर्थन भी कर रहे हैं।
वहीं सोनू ने आगे लिखा और अपना तीसरा सवाल रखा। उन्होंने पूछा 'हम लोग कोई और दवा क्यों नहीं इस्तेमाल कर सकते उनकी जगह पर, क्या किसी दूसरा रास्ता देखकर जिंदगियां नहीं बचाई जा सकतीं?' सोनू के इन सवालों से सभी सहमत हैं और हों भी क्यों ना, आखिरकार हर आम आदमी के दिमाग में ये सवाल घर कर बैठे हैं। ऐसे में सोनू का यह ट्वीट उनके लिए एक जरिया साबित हो गया है।
One simple question:
When everyone knows a particular injection is not available anywhere,why does every doctor recommends that injection only?
When the hospitals cannot get that medicine then how will a common man get?
Why can't v use a substitute of that medicine &save a life?
वहीं सोनू के निस्वार्थ भाव से मदद करने पर कुछ लोगों ने उनको ट्रोल किया था। लोगों का कहना था कि सोनू बिना किसी मतलब के लोगों की मदद क्यों कर रहे हैं। इस पर उन्होंने मुंहतोड़ जवाब दिया था और कहा था, किसी का उन्हें फ्रॉड कहना वैसा ही है, जैसे कई भ्रष्ट अधिकारी ईमानदारी से अच्छा काम करने वाले अधिकारी को निशाना बनाते रहते हैं। हालांकि, उनकी मानें तो वे ऐसे लोगों पर ध्यान देकर अपना वक्त बर्बाद नहीं करना चाहते।