अभिनेता सोनू सूद लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों के लिए 'मसीहा' बनकर सामने आए हैं। मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने में मदद करने के बाद वह प्रवासियों की मदद कर रहे हैं। वह बसों के जरिए लगातार लोगों को उनके घर पहुंचा रहे हैं। सोनू सूद अपनी दोस्त नीति गोयल के साथ मिलकर 'घर भेजो' मुहिम चला रहे हैं। सोनू ने अभी तक 12,000 से भी अधिक प्रवासियों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाया है।
सोनू सूद पहुंचे वडाला, फिर बिहार के लिए निकली बसें, अब तक 12 हजार लोगों की ले चुके दुआएं
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सोनू सूद के इस कदम की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। लोग उन्हें हॉलीवुड सुपरहीरोज से भी बड़ी उपाधि दे रहे हैं। उनकी मदद के जरिए घर पहुंचे लोगों ने उन्हें 'रील विलेन और रियल हीरो' (फिल्मों के खलनायक और असल जिंदगी के नायक) की उपाधि दी है। वहीं कुछ लोग तो इस मुश्किल हालात में इस मदद से इतने भावुक हो गए कि उन्होंने सोनू को साक्षात भगवान का दर्जा दे दिया है। न सिर्फ आम लोग बल्कि केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी सोनू की इस पहल की प्रशंसा की है।
सोनू की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोशल मीडिया पर जो भी उनसे संपर्क कर गुहार लगा रहे हैं सोनू खुद उन्हें जवाब देकर मदद का भरोसा दे रहे हैं। इन दिनों सोनू का ट्विटर अकाउंट ऐसे ही संदेशों से भरा पड़ा है। सोनू ने खुद भी यह बात जाहिर की है कि उन्हें हजारों की संख्या में मदद के लिए संदेश आ रहे हैं।
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सोनू ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। उनसे जुड़े करीबी सूत्र के अनुसार वह लगातार 20-20 घंटों तक फील्ड पर रहकर प्रवासियों की मदद कर रहे हैं। अपनी इस पहल के बारे में बात करते हुए सोनू सूद ने कहा, 'मेरे लिए यह बहुत ही भावुक यात्रा रही है क्योंकि इन प्रवासियों को अपने घरों से दूर सड़कों पर घूमते हुए देखने के बाद मुझे बहुत दुख हुआ।'
सोनू सूद ने कहा, 'मैं प्रवासियों को घर भेजना तब तक जारी रखूंगा जब तक कि अंतिम प्रवासी अपने घर और चाहने वालों से ना मिल जाए। यह वास्तव में मेरे दिल के करीब है और मैं इसे अपना सब कुछ दूंगा।'