प्रवासी मजदूरों और जरूरतमंदों के लिए मसीहा बने अभिनेता सोनू सूद इन दिनों सुर्खियों में छाए रहते हैं। वह लॉकडाउन और कोरोना वायरस की मार झेल रहे कई लोगों की मदद कर चुके हैं। ऐसे में उन्होंने अमर उजाला से भी बातचीत की। इस दौरान सोनू सूद ने प्रवासी मजदूरों और जरूरतमंदों की मदद को लेकर ढेर सारी बाते कीं। साथ ही यह भी बताया कि वह इनकी मदद कैसे कर पा रहे हैं।
इस तरह मजदूरों के लिए भोजन और घर पहुंचाने की व्यवस्था करते हैं सोनू सूद, ऐसे जुटाते हैं आर्थिक मदद
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अमर उजाला से बातचीत के दौरान सोनू सूद से पूछा गया कि इतनी तादाद में मजदूरों को घर पहुंचाना और उनके लिए खाने-रहने की व्यवस्था करने के लिए वह कैसे आर्थिक संसाधन जुटा रहे हैं। इस सवाल का जवाब देते हुए सोनू सूद ने अपने दोस्तों और सहयोगियों का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने कैसे मजदूरों और जरूरतमंदों की मदद करने की कोशिश की।
अभिनेता ने कहा, 'एक बार मैंने और मेरी बचपन की दोस्त ने एक परिवार को देखा और उन्हें घर पहुंचाया। इसके बाद मैंने सोचा कि मैं खुद से इन लोगों की मदद कर सकता हूं। फिर मैंने लोगों के लिए बहुत सारी बसों की व्यवस्था की। इसके बाद लोग जाने शुरू हुए तो एक अलग तरह का माहौल बनना शुरू हुआ। बहुत सारे लोग रुक गए और उन्होंने हमसे संपर्क करना शुरू कर दिया'।
सोनू सूद ने आगे कहा, 'यह सब हमारे लिए चुनौतीपूर्ण था। हम करीब 15-16 हजार लोगों से मिल चुके हैं और अभी करीब हमारे पास 40- 45 हजार लोगों की लिस्ट है। जब आप पहला कदम रखते हैं तो लोग आपसे धीरे-धीरे जुड़ने लगते हैं। ऐसे ही मेरे बहुत सारे दोस्त मेरे साथ जुड़े। किसी ने कहा कि वह आधी बस के मजदूरों की जिम्मेदारी उठा सकता है तो किसी ने उनके खाने की व्यवस्था कर दी'।
अभिनेता ने अपनी बात खत्म करते हुए आगे कहा, 'इस तरह लोग हमसे जुड़ते चलते गए। दूसरे शहरों के लोग फोन करके बोलने लगे कि आप जहां भी हैं जिस शहर में है मजदूरों को खाना खिलाने का सहयोग करें। मैंने जब यह पहल शुरू की तो बहुत लोग और मेरे दोस्त आगे आए। उन्होंने मुझसे कहा कि वो भी मेरे साथ हैं। हर कोई मजदूरों की मदद करना चाहता था लेकिन उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि वह कैसे मदद करें और हम लोगों ने विश्वास बनाया। इसी वजह से हम लोगों की मदद कर पा रहे हैं उन्हें घर पहुंचा पा रहे हैं।
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