बॉलीवुड फिल्मों में बोल्ड सीन अब आम बात हो गए हैं। दर्शकों को लुभाने के लिए तो कभी स्क्रिप्ट की मांग के मुताबिक बोल्डनेस का तड़का लगाया जाता है। कुछ फिल्में तो ऐसी हैं, जिन्हें परिवार के साथ बैठकर देखा ही नहीं जा सकता। मगर, इंटीमेट दृश्यों की कहानी अब सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं रह गई है। साउथ इंडस्ट्री इससे भी चार कदम आगे निकल चुकी है। साउथ इंडस्ट्री हर माममे में नए प्रयोग कर रही है। ऐसे में बोल्ड सीन के मामले में भी क्यों पीछे रहे? फिर भी कुछ लोगों को लगता है कि साउथ सिनेमा में इंटिमेट सीन नहीं होते, ऐसा नहीं है। हम आपको साउथ की उन फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप परिवार के साथ बैठकर नहीं देख सकते...
Bold Cinema: बॉलीवुड से चार कदम आगे है साउथ इंडस्ट्री, इन फिल्मों में भर-भरकर परोसे गए हैं इंटीमेट सीन
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'गुरुदु'
वर्ष 2013 में रिलीज हुई तेलुगू फिल्म 'गुरुदु' में भूमिका ऋतु कौर और शिवाजी ने लीड रोल अदा किया है। इस फिल्म में बोल्ड सीन की कोई सीमा नहीं है। ऋतु और शिवाजी ने फिल्म में कई बोल्ड सीन दिए हैं। परिवार के साथ तो इस फिल्म को देखने की भूल बिल्कुल न करें।
'चंद्रा'
कन्नड़ और तमिल भाषा में साल 2013 में रिलीज हुई फिल्म फिल्म 'चंद्रा' भी बोल्ड सीन देने के मामले में बॉलीवुड से कम नहीं है। फिल्म में श्रिया सरन और प्रेम कुमार ने काफी इंटीमेट सीन दिए। जिन्हें अकेले देखना ही सही रहेगा।
'मादा मरुगम'
तेलुगू भाषा में 2010 में आई फिल्म 'मादा मरुगम' भी बोल्ड सीन को लेकर खूब सुर्खियों में रही। फिल्म में एक्टर एक्ट्रेस ने बोल्ड सीन के मामले में मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दी थीं। इस फिल्म को एकांत कोने में ही देखना उपयुक्त रहेगा।
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'थापू'
तमिल सिनेमा की बोल्ड फिल्मों में से एक थी, जो साल 2010 में रिलीज हुई। रानी चतुर्वेदी ने इस फिल्म में आपकी कल्पना से ज्यादा बोल्ड सीन दिए हैं। फिल्म को 18+ कटेगरी में रखा गया था।
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