सुलक्षणा पंडित 70 और 80 के दशक की जानी-मानी गायिका और हीरोइन थीं, बला की खूबसूरत, जिन पर हर कोई फिदा था। उनके तीखे नैन-नक्श, कातिल हंसी, जो भी देखता देखता ही रह जाता। लेकिन कौन जानता था कि इनकी जिंदगी और करियर प्यार के चक्कर में तबाह हो जाएगा ? कौन जानता था कि हमेशा ही हंसती और खिलखिलाने वाली ये हीरोइन एक दिन खामोश होकर गुमनामी में खो जाएगी ? खुद सुलक्षणा पंडित को भी इसका आभास नहीं होगा। आइए जानते हैं सुलक्षणा पंडित के बारे में ..
70 के दशक की मशहूर हीरोइन थीं सुलक्षणा पंडित, संजीव कुमार की मौत के बाद खो बैठीं मानसिक संतुलन
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गंभीर स्वभाव के संजीव को देखते ही सुलक्षणा को उन पर प्यार आ गया। उस वक्त संजीव कुमार का दिल तो हेमा मालिनी पर आया हुआ था इसके बावजूद सुलक्षणा संजीव कुमार को चाहने लगीं। संजीव कुमार ने हेमा मालिनी को शादी के लिए प्रपोज किया तो उन्होंने इसे ठुकरा दिया था क्योंकि हेमा मालिनी धर्मेंद्र से प्यार करती थीं। हेमा के मना करने के बाद संजीव कुमार का दिल टूट चुका था। उनकी और सुलक्षणा की तब तक काफी अच्छी दोस्ती हो चुकी थी वो हर बात सुलक्षणा से शेयर करते रहते थे।
संजीव कुमार जब हेमा मालिनी से अलग हो गए तो सुलक्षणा ने खुद ही अपने प्यार का इजहार संजीव कुमार से कर दिया लेकिन होनी को तो शायद कुछ और ही मंजूर था। हेमा के मना करने के बाद उन्होंने सुलक्षणा को भी ठुकरा दिया। संजीव कुमार के ठुकराए जाने के बाद तो जैसे सुलक्षणा की जिंदगी ही उजड़ गई। उन्होंने फिल्में करनी छोड़ दीं और बाहरी दुनिया से नाता ही तोड़ लिया।
सुलक्षणा अपनी मां के साथ मुंबई के एक फ्लैट में रहने लगीं थीं। मां के साथ रहते हुए भी उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और वो डिप्रेशन में चली गईं। 1985 में जब संजीव कुमार की मौत हुई तो सुलक्षणा सदमे में चली गईं। कहते हैं सुलक्षणा अपना मानसिक संतुलन खो बैठीं और वो किसी को पहचानती भी नहीं थीं। इसका खुलासा खुद सुलक्षणा ने 1999 में एक इंटरव्यू में किया था।
सुलक्षणा ने कहा था, 'संजीव के चले जाने के बाद मैं डिप्रेशन में चली गई थी। मैंने लगभग खुद को खत्म ही कर लिया था लेकिन भगवान की मर्जी थी कि मैं बच गई और आज भी मैं अपनी जिंदगी जी रही हूं हालांकि मैं अभी भी उस सदमे से उबरी नहीं हूं। मैंने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया है और पूरे दिन मैं सिर्फ अच्छी फिल्में देखती हूं, गाने सुनती हूं ताकि मैं जिंदगी और इस दुनिया का सामना कर पाऊं।' पैरेंट्स के गुजरने के बाद सुलक्षणा पंडित अपनी बहन विजेता पंडित के साथ रहने लगीं।