बीता हफ्ता सिनेमा के लिहाज से काफी हलचल भरा रहा। वो दिलीप कुमार की फिल्म का ‘गोपी’ का गाना तो आपको याद ही होगा, ‘सुख के सब साथी, दुख में न कोय...!’ जीवन भी ऐसा ही है। लोग दोस्त बनकर आते हैं, और दुख देकर चले जाते हैं। यही जीवन के सबक भी हैं। अगर आपने डार्कनाइट सीरीज की फिल्में देखी हैं तो इसकी पहली फिल्म ‘बैटमैन बिगिन्स’ में एक संवाद है जिसके मुताबिक दुख तब तक बना रहता है, जब तक कि उसके कारण का अस्तित्व है। किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान से मोह त्यागने का पहला चरण है, उसका अस्तित्व ही जीवन में नकार देना। लेकिन, हरीलाल गांधी ऐसा नहीं कर सके। जीवन भर दुखी रहे। ‘गांधी माई फादर’ के बाइस्कोप से शुरू हुआ बीता हफ्ता ‘हर दिल जो प्यार करेगा’, ‘मुगल ए आजम’, ‘खलनायक’ और ‘मैं सोलह बरस की’ से होता हुआ ‘कर्मा’ तक पहुंचा। आज इतवार है तो आपके लिए पेश है ये संडे बाइस्कोप गुलदस्ता, इन सारी फिल्मों के साथ, एक साथ।
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एक बार जरूर देखें ये फिल्म
फिल्म ‘गांधी माई फादर’ के समय कोई बड़ा शोर शराबा फिल्म का रिलीज से पहले हुआ नहीं था। हिंदी पट्टी के तो आधे दर्शकों को पता भी नहीं चला कि ये फिल्म कब आई और कब सिनेमाघरों से उतर भी गई। लेकिन, जिसने भी ये फिल्म देखी, उसने इसकी तारीफ की। फिल्म की रिलीज के वक्त एक बातचीत में तब अनिल कपूर ने कहा था, “मैंने इस फिल्म का निर्माता बनना सिर्फ इसलिए स्वीकार किया क्योंकि इसकी कहानी महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता के रूप में नहीं दिखाती बल्कि ये कहानी उनको अपने बेटे हरीलाल के पिता के रूप में सामने लाती है। निर्माता के रूप में मेरा इरादा अपनी प्रोडक्शन कंपनी के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक तय करना है।”
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सलमान-साजिद की हैट्रिक फिल्म
प्रोड्यूसर साजिद नाडियाडवाला के करियर ने रफ्तार पकड़ी फिल्म ‘जीत’ से। सनी देओल और सलमान खान स्टारर ये फिल्म बनी छह करोड़ में और इसने कमाए बॉक्स ऑफिस पर 55 करोड़। अगली फिल्म साजिद ने जो बनाई उसमें सलमान खान का डबल रोल था। डेविड धवन के निर्देशन में बनी इस फिल्म ‘जुड़वा’ ने सलमान के करियर को भी उस वक्त संभाला, जब उनको इसकी सख्त जरूरत थी। और, इसके बाद बनी सलमान और साजिद की जोड़ी ने हैट्रिक मारी फिल्म ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ के साथ। पांच अगस्त 2000 को रिलीज हुई इस फिल्म की रिलीज को 20 साल पूरे हो चुके हैं और आज भी ये नई पीढ़ी की पसंदीदा फिल्मों में शामिल है। सलमान के चाहने वाले इसे बेशुमार प्यार करते हैं।
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दिलीप कुमार प्रीमियर से रहे गैरहाजिर
फिल्म मुगल ए आजम का जब बंबई के मराठा मंदिर में प्रीमियर हुआ तो दिलीप कुमार उस प्रीमियर में नही गए थे। वजह था उनका गुस्सा जो इस बात पर था कि के आसिफ ने उनकी बहन से बिना उनकी रजामंदी के शादी कर ली। दिलीप कुमार को गुस्सा इस बात पर भी था कि उनकी बहन अख्तर ने भी कभी इसके बारे में उन्हें नहीं बताया। के आसिफ ने इस निकाह के बाद दो शादियां और कीं। एक मशहूर नृत्यांगना सितारा देवी से और तीसरी मशहूर अभिनेत्री निगार सुल्ताना से जिन्होंने फिल्म ‘मुगल ए आजम’ में बहार का किरदार किया। वही बहार जो सलीम पर मरती है और एक दिन हिंदुस्तान की मल्लिका बनने का ख्वाब देखती है। लेकिन, जब सलीम को अनारकली पर फिदा देखती है तो जाकर जिल्लेइलाही से इसकी शिकायत कर देती है।
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आमिर ने की ‘खलनायक’ बनने की कोशिश
‘खलनायक’ देश दुनिया में छह अगस्त 1993 को रिलीज हुई। इसी साल शाहरुख खान की फिल्म ‘बाजीगर’ 12 नवंबर को और ‘डर’ 24 दिसंबर को रिलीज हुई। तीनों फिल्मों में नायकों ने फिल्म के खलनायक का किरदार किया है और तीनों फिल्में सुपरहिट। ये तो आपको पता ही है कि फिल्म ‘डर’ में शाहरुख वाला किरदार पहले आमिर को ऑफर हुआ था। आमिर ने ये किरदार करने से मना तो कर दिया लेकिन जल्द ही उन्हें अपनी गलती का एहसास हो गया। फिर आमिर को किसी ने इस फिल्म के बारे में बताया तो आमिर ने बाकायदा सुभाष घई से मुलाकात की, बैठकें कीं और उनसे उस फिल्म के बारे में भी खूब पूछा जिसे वह नाना पाटेकर और जैकी श्रॉफ के साथ बना रहे थे।
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