बड़े पर्दे पर आपने कई ऐसी लव स्टोरीज देखी होंगी जो आपके दिल को छू गई होंगी लेकिन कई कुछ रीयल लव स्टोरीज रील लव स्टोरीज से बढ़कर होती हैं। ऐसी ही एक जोड़ी थी सुनील दत्त और नरगिस की। दोनों की लव स्टोरीज के आपने कई किस्से सुने होंगे, लेकिन इस स्पेशल रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कुछ अनुसने किस्से जो आपके भी दिल को छू जाएंगे।
नरगिस को याद कर भावुक हो गए थे सुनील, कहा था- कोई कैसे किसी के बिना जीता है
11 मार्च 1958 को सुनील दत्त और नरगिस शादी के बंधन में बंधे थे। सुनील के जीवन में नरगिस काफी खास थीं। इस बारे में खुद सुनील कई इंटरव्यूज में बात कर चुके थे। ऐसे ही एक इंटरव्यू में सुनील से पूछा गया था कि, 'आपकी सफलता के पीछे किस महिला का हाथ था और आप अपनी सफलता का श्रेय किसे देते हैं?'
इस सवाल के जवाब में सुनील ने कहा था, हर मर्द की तरक्की के पीछे एक औरत का हाथ होता है, वैसे ही मैं ये भी समझता हूं कि मर्द की बरबादी के पीछे भी महिला का हाथ होता है। मगर मैं इस मामले में जरा खुशनसीब रहा, जरा लकी रहा। मेरी जिंदगी में बहुत सी औरतों का हाथ रहा है, सब से बड़ी तो मेरी मां थी। इसके बाद मेरी जिंदगी में एक ऐसी महिला आईं जो न सिर्फ एक बहुत अच्छी महिला थीं बल्कि एक महान कलाकार भी थीं। उनके साथ ही मेरे जीवन में काफी कुछ अच्छी चीजें आईं। खुशनसीब होते हैं वो लोग जिनको जीवन में किसी न किसी महिला का सहारा मिलता है। चाहें वो बेटी के रूप में हो, बहन के रूप में हो, पत्नी के रूप में हो या फिर मां के रूप में।'
आगे इंटरव्यू में सुनील से सवाल पूछा गया था कि फिल्मों के अलावा वो अपना वक्त कैसे बिताते हैं? इस सवाल पर सुनील ने कहा था, 'सिर्फ एक अच्छा कलाकार बनना काफी नहीं होता है। इसके साथ ही जरूरी होता है एक अच्छा इंसान होना। मेरी पत्नी (नरगिस) अब इस दुनिया में नहीं हैं, वो एक स्पेशल स्कूल चलाती थीं, चूंकि अब वो इस दुनिया में नहीं हैं तो उस स्कूल को मैं अपना वक्त देता हूं। इसके साथ ही मेरी पत्नी की मौत कैंसर से हुई थी, तो कैंसर अस्पताल में भी मैं हर रविवार जाता हूं और लोगों को वक्त देता हूं। मैं सोचता हूं कि जो काम वो छोड़ गई हैं अगर मैं वो पूरा कर पाया तो मुझे लगेगा कि मैंने अपनी जिंदगी में बहुत कुछ कर लिया।'
3 मई 1981 को नरगिस ने इस दुनिया को कैंसर के चलते अलविदा कह दिया था। नरगिस की मौत से न सिर्फ उनके करीबियों को बल्कि उनके हर फैन को भी ऐसा महसूस हुआ था जैसे कोई अपना चला गया हो। लेकिन उनकी मौत का असर सुनील दत्त पर कैसे हुआ और क्या बदला सुनील की जिंदगी में। इस सवाल पर सुनील भावुक हो गए थे और नम आंखों से उन्होंने कहा था, 'मैं इस बारे में कुछ कह नहीं सकता, इंसान सोचता है कि किसी के जाने के बाद वो जी नहीं पाएगा। लेकिन पता नहीं कैसे जी जाते हैं लोग। खैर अब मैं खुद जी रहा हूं, अब जो मेरी जिंदगी है उस पर मुझे मदर इंडिया का एक गाना बहुत याद आता है।'
