मौत को मात देकर कैमरे के सामने लौटीं फिटनेस मॉडल और अभिनेत्री श्वेता मेहता जल्दी ही ओटीटी पर नया धमाका करने वाली हैं। 2017 में एमटीवी रोडीज राइजिंग विनर रहीं श्वेता एक न्यूज चैनल पर फिट न्यूज नामक कार्यक्रम की होस्ट भी रह चुकी हैं। साल 2019 में हुए एक एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल हुई श्वेता ने अपने जीवट को अपना हथियार बनाया और मौत को मात देकर एक बार फिर से ग्लैमर जगत में सक्रिय हो चुकी हैं। श्वेता का बीते दिनों रिलीज एक म्यूजिक वीडियो काफी चर्चा में रहा।
Shweta Mehta: मौत को मात देकर कैमरे के सामने लौटीं सुपरमॉडल, बोलीं, महिलाओं की फिटनेस को लेकर सोच बदलना जरूरी
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लॉस एंजिलिस में नेटफ्लिक्स की सीरीज बीस्ट मास्टर के दूसरे सीजन से दुनिया भर में सुर्खियां बटोरने वाली श्वेता कई फिटनेस प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। श्वेता कहती हैं, ‘मेरा इरादा शुरू से मनोरंजन जगत में महिला किरदारों की पहचान बदलना रहा है। अब भी तमाम निर्देशक महिला कलाकारों को अपनी फिल्मों व सीरीज में सिर्फ एक सजावटी वस्तु की तरह इस्तेमाल करते हैं। समय अब ये पहचान बदलने का है।’
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श्वेता के मुताबिक, यदि कोई अभिनेता किसी स्पेशल रोल के लिए अपनी बॉडी बना रहा हो या फिर हेल्थ बेनिफिट के लिए जिम जा रहा हो, तो उसके लिए उसकी प्रशंसा की जाती है, लेकिन साथ ही जब कोई एक्ट्रेस जिम जाती है, वेटलिफ्टिंग करती है या एक्सरसाइज करती है, तो उसे ऐसा नहीं करने के लिए कहा जाता है, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे वह मैस्कुलाइन लगेंगी। भारतीय महिलाएं कुश्ती से लेकर वेटलिफ्टिंग और बॉक्सिंग तक में तिरंगा लहरा रही हैं, और मेरा मानना है कि ये छवि अब भारतीय सिनेमा में भी परिलक्षित होनी जरूरी है।
आमतौर पर अभिनेत्रियों को सबसे ज्यादा डर उनकी खूबसूरती के बिगड़ने का रहता है। इसकी वजह पूछने पर श्वेता मेहता कहती हैं, ' महिलाओं को सबसे ज्यादा इस बात का अंदेशा रहता है कि कहीं कोई ये न कह दे, ओह! अब तो ये मैस्कुलिन दिखती है! लोग ये समझ नहीं पाते हैं कि वेट लिफ्टिंग या एक्सरसाइज करने से हम आदमी नहीं बन जायेंगे। अब के समय में एक्ट्रेसेस एक्शन रोल्स करना चाहती हैं, एक स्ट्रांग कैरेक्टर निभाना चाहती हैं न कf सिर्फ एक्टर्स और झाड़ियों के आगे पीछे घूम के गाना गाना चाहती है। अब समय है कि लोग अपनी सोच को बदलें और आगे बढ़ें।’
श्वेता कहती हैं, 'पहले कास्टिंग डायरेक्टर भी यह मान लेते थे कि अगर मैं फिटनेस बैकग्राउंड से हूं, तो मैं सिर्फ पावर लिफ्टिंग कर सकती हूं और अच्छा एक्टिंग नहीं कर सकती। वे पहले से ही एक माइंडसेट बना लेते हैं और वह बिना मेरा ऑडिशन देखे कि मैं ग्लैमरस रोल्स नहीं कर पाऊंगी। जिम बॉडी जैसी कोई चीज नहीं है, यह फिट बॉडी है। सबसे जरूरी बात मुझे लगती है कि यह उन लोगों की असुरक्षा है जो फिट नहीं रह सकते, अपनी हेल्थ के बारे में सीरियस नहीं रहते हैं, वही हमेशा दूसरों को नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं।’