सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद मुंबई पुलिस के सामने उनकी तीन बहनों प्रियंका सिंह, मीतू सिंह और नीतू सिंह ने बयान दर्ज कराया था। सुशांत की बहनों के बयान सामने आ गए हैं जिसमें उन्होंने माना कि लॉकडाउन के दौरान सुशांत अच्छा महसूस नहीं कर रहे थे। लॉकडाउन के दौरान मीतू सिंह अपने भाई से मिलने उनके घर भी पहुंची थीं।
सुशांत की तीनों बहनों ने पुलिस को दिया था ये बयान, मीतू सिंह ने बताया- '14 जून को जब फोन मिलाया तो...'
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मीतू सिंह का बयान
'आठ जून की सुबह सुशांत का फोन आया। उसने मुझे घर आकर मिलने के लिए कहा। मैं शाम साढ़े पांच बजे सुशांत से मिलने गई। जब मैं उससे मिली तो वो बहुत परेशान था। मैंने पूछा कि क्या हुआ? उसने कहा कि लॉकडाउन की वजह से वो कहीं आ जा नहीं सकता और बोर हो रहा है। जब लॉकडाउन खत्म होगा तो वो दक्षिण भारत जाएगा। 14 जून 2020 को सुबह साढ़े 10 बजे मैंने सुशांत को फोन किया लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। तब मैंने सिद्धार्थ पिठानी को कॉल किया, जो सुशांत के साथ रहता था। उसने कहा कि सुशांत सर ने नारियल पानी और अनार का जूस ले लिया है। हो सकता है कि वो सो रहे हों। उसके बाद सिद्धार्थ पिठानी ने दरवाजा खटखटाया लेकिन दरवाजा नहीं खुला।'
'मैंने उससे कहा कि सुशांत कभी दरवाजा बंद नहीं करता। मैंने सिद्धार्थ से कहा कि वो दरवाजा फिर से खटखटाए और मुझे फोन करके बताए। सिद्धार्थ ने मुझे बताया कि सुशांत सर के दरवाजे को कई बार खटखटाया लेकिन उन्होंने नहीं खोला। हम लोग चॉबी वाले को बुला रहे हैं। सिद्धार्थ के फोन के बाद मैंने कैब की और सुशांत के घर की ओर रवाना हो गई। इसी दौरान सिद्धार्थ का फोन आया। उसने बताया कि दरवाजा खुल गया है और सुशांत पंखे से लटके हुए मिले हैं। जब मैं घर पहुंची तो सुशांत बेड पर पड़े हुए मिले। सीलिंग फैन से हरा कुर्ता लटक रहा था। सिद्धार्थ और उसके सहयोगियों ने शव को उतारा और पुलिस को फोन किया। बांद्रा पुलिस मौके पर पहुंचीं। मैंने अपनी बहन नीतू और प्रियंका को इस घटना के बारे में बताया।'
नीतू सिंह का बयान
'अक्टूबर 2019 में सुशांत ने पूरे परिवार को कहा कि वो अच्छा महसूस नहीं कर रहे हैं। इसलिए मैं और मेरे पति उससे मिलने मुंबई पहुंचे। सुशांत के करियर में उस वक्त काफी उतार चढ़ाव हो रहा था। नवंबर 2016 में सुशांत की तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए वो हिंदुजा अस्पताल में डॉ केसरी चावड़ा से इलाज करवा रहे थे। लॉकडाउन की वजह से वो घर पर ही थे। इस दौरान वो किताबें पढ़ रहे थे और वर्कआउट, मेडिटेशन करते थे।'
प्रियंका सिंह का बयान
'2013 में मेरे भाई सुशांत सिंह राजपूत ने मुझे और मेरी बहनों कि बताया कि वो अच्छा महसूस नहीं कर रहे हैं। हमने उन्हें समझाया तब वो थोड़ा ठीक महसूस करने लगे। 2013 में उन्होंने एक मनोचिकित्सक से सलाह ली। उनका करियर अच्छा चल रहा था। कम समय में उन्होंने काफी कुछ हासिल कर लिया था। अक्टूबर 2019 में उन्होंने परिवार को बताया कि वो अच्छा महसूस नहीं कर रहे हैं। इसके बाद मैं, मेरे पति और दूसरी बहनें सुशांत के फ्लैट पर गए। नवंबर 2019 में मेरे भाई फिर से ठीक नहीं थे इसलिए वो हिंदुजा अस्पताल में केसरी चावड़ा से इलाज करवा रहे थे। चार जून 2020 को हमारी बात हुई थी। मैंने उससे कहा था कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद मैं मिलने आऊंगी।'