अपने अभिनय से छोटे और बड़े पर्दे पर अमिट छाप छोड़ने वाले अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अब इस दुनिया में नहीं रहे। उन्होंने खुदकुशी कर ली है। 34 साल के अभिनेता ने खुदकुशी करने का फैसला क्यों किया यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। सुशांत सिंह राजपूत ने छोटे पर्दे के अलावा बॉलीवुड की शानदार फिल्मों में काम किया था। फिल्म छिछोरे बड़े पर्दे पर सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म थी। उनकी यह फिल्म जिंदगी से उम्मीद हार चुके लोगों को प्रेरित कर देने वाली थी। ऐसे में आज हम आपको सुशांत सिंह राजपूत की फिल्मों के कुछ शानदार डायलॉग्स से रुबरू करवाते हैं।
सुशांत सिंह राजपूत ने इस फिल्म से सिखाया था 'सक्सेस' और 'फेलियर' में अंतर, पढ़ें उनकी फिल्मों के 10 शानदार डायलॉग्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डायलॉग- हम हर जीत, सक्सेस, फेलियर में इतना उलझ गए हैं कि जिंदगी जीना भूल गए हैं। जिंदगी में अगर कुछ सबसे ज्यादा जरूरी है तो वो है खुद की जिंदगी
फिल्म- छिछोरे (2019)
डायलॉग- जिस महफिल ने ठुकराया हमको, क्यों उस महफिल को याद करें, आगे लम्हा बुला रहा, आओ उसके साथ चलें
फिल्म- पीके (2014)
फिल्म- राब्ता (2017)
डायलॉग- गैंग से तो भाग लूंगा वकील, अपने आप से कैसे भागूंगा
फिल्म- सोन चिड़िया (2019)
डायलॉग- सक्सेस के बाद का प्लान सबके पास है, लेकिन अगर गलती से फेल हो गए तो फेलियर से कैसे डील करना है, कोई बात ही नहीं करना चाहता है।
फिल्म- छिछोरे (2019)
डायलॉग- एक बॉलर विकेट लेगा, एक अच्छा बैट्समैन किसी मैच में आपके लिए रन बनाएगा, किसी मैच में नहीं बनाएगा, लेकिन एक अच्छा फिल्डर हर मैच में आपके लिए रन बचाएगा।
फिल्म- एम एस धोनी: द अनटेल्ड स्टोरी (2016)
डायलॉग- बागी का काम है अपना धर्म निभाना, बाकी माई के ऊपर है
फिल्म- सोन चिड़िया (2019)
डायलॉग- एक था राजा एक थी रानी, दोनों मर गए खत्म कहानी, मैं ड्रिंक ला रहा हूं, तू ला ठंडा पानी।
फिल्म- राब्ता (2017)