14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। इस केस की जांच मुंबई पुलिस कर रही है। पहले ही दिन से मुंबई पुलिस इस केस को लेकर सवालों के घेरे में है। शुरुआत से ही सुशांत के केस को मुंबई पुलिस आत्महत्या बता रही है। वहीं अब सुशांत के परिजनों और राजपूत परिवार के वकील विकास सिंह ने इस केस में कई बड़े खुलासे किए हैं।
14 जून को साढ़े नौ बजे सुशांत के मोबाइल से गया था परिवार को मिस्ड कॉल, और फिर....
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एक तरफ जहां राजपूत परिवार के वकील विकास सिंह ने कई खुलासे किए हैं तो वहीं अब एक चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक 14 जून को सुबह साढ़े नौ बजे सुशांत सिंह राजपूत के मोबाइल से उनके परिवार के मोबाइल पर एक मिस्ड कॉल गया था। हालांकि ये मिस्ड कॉल भी एक रिंग में ही कट गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक सुशांत के परिजनों ने तुरंत अभिनेता को कॉल बैक किया लेकिन फोन लगा नहीं। इसके बाद सुशांत सिंह के परिजनों ने अभिनेता के साथ मौजूद रहने वाले कर्मचारी को कॉल किया और सुशांत से बात कराने के लिए कहा। लेकिन कर्मचारी ने सुशांत के बिजी होने की बात कहकर फोन काट दिया।
इसके साथ ही याद दिला दें कि एक टीवी चैनल से बात करते हुए विकास सिंह ने कहा कि सुशांत के पिता ने फरवरी में बांद्रा पुलिस को पहले बताया था कि सुशांत अच्छे लोगों के साथ नहीं है और उसकी जिंदगी खतरे में है। इसके साथ ही विकास सिंह ने दावा किया कि सुशांत के निधन के बाद जब परिवार ने पुलिस से इस बारे में जांच करने को कहा कि कौन सुशांत का दिमाग कंट्रोल कर रहा था, कौन उसके मेडिकल ट्रीटमेंट का ध्यान रख रहा था, तब भी वे अलग एंगल से जांच कर रहे थे।
विकास सिंह ने भी आगे कहा कि शुरुआत में पटना पुलिस भी इस मामले में एफआईआर दर्ज करने से झिझक रही थी। लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री संजय झा ने उन्हें मामला समझाया और तब जाकर एफआईआर दर्ज की गई। बता दें कि सुशांत के परिवार ने अभी तक सीबीआई जांच की मांग नहीं की है।
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