अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद इन दिनों बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज्म का मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बीच अभिनेत्री कंगना रनौत ने हाल ही में एक टीवी इंटरव्यू में बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू, ऋचा चड्ढा और स्वरा भास्कर पर निशाना साधा। उन्होंने तापसी और स्वरा को बी ग्रेड फिल्मों की अभिनेत्री बताते हुए उन्हें चापलूस कहा था। जिसका दोनों अभिनेत्रियों ने बेबाकी से जवाब दिया, लेकिन अपनी इस बहस के बीच अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने सुशांत सिंह राजपूत के परिवार से माफी मांगी है।
स्वरा भास्कर ने सुशांत सिंह राजपूत के परिवार से मांगी माफी, इस बात पर जताया दुख
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दरअसल सोशल मीडिया पर अभिनेत्री कंगना रनौत के साथ बहस के बीच तापसी पन्नू और स्वरा भास्कर ने अपनी प्रतिक्रिया में बहुत बार अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के नाम का जिक्र किया था। जिसको स्वरा भास्कर ने निजी तौर पर गलत माना है और कहा है कि इसके लिए वह अभिनेता के परिवार के माफी मांगना चाहती हैं। यह समय सुशांत सिंह राजपूत की यादों को याद करने का है।
स्वरा भास्कर ने सुशांत सिंह राजपूत के परिवार से ट्विटर पर माफी मांगी है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'मुझे लगता है हमें सुशांत सिंह राजपूत के परिवार से माफी मांगनी चाहिए जितनी बार उन्होंने अभिनेता का नाम हमारी बहस में सुना होगा। यह हमारे बारे में नहीं है। सुशांत की फिल्म जल्द ही रिलीज होने वाली है। हमें उनकी यादों को सेलिब्रेट करना चाहिए और हमें विनम्र होना चाहिए'।
Had an introspective moment. I think we owe #SushantSinghRajput ‘s family an apology 4 the number of times they must’ve read his name in our arguments. This is not about us. 🙏🏽 Sushant has a release coming up, let’s celebrate the memory of the bright life we lost. Let’s be kind.
सोशल मीडिया पर स्वरा भास्कर के इस ट्वीट पर फैंस और कई सोशल मीडिया यूजर्स अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। आपको बता दें कि कंगना रनौत ने हाल ही में अपने इंटरव्यू में स्वरा भास्कर को चापलूस बोला था। इस बात का स्वरा ने कटाक्ष करते हुए जवाब दिया था। स्वरा भास्कर ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए, जिसमें उन्होंने कंगना पर निशाना साधा। स्वरा भास्कर ने लिखा, '1955 में 'पाथेर पांचाली' के साथ कंगना जी ने समानांतर सिनेमा चलाया, 2013 में क्वीन फिल्म के साथ फेमिनिज्म शुरू किया, पर इन सबसे पहले 1947 में उन्होंने भारत को आजादी दिलवाई थी, कहत एक अज्ञात चापलूस जरूरतमंद, आउटसाइडर, चापलूसी का फल (आम) खाते और उंगलियां चाटते हुए।'
स्वरा के इस ट्वीट के जवाब में कंगना रनौत की टीम ने लिखा, 'आपमें से कोई भी भारतीय सिनेमा के स्वर्ण युग में पैदा नहीं हुआ था, गैंगस्टर्स माफियाओं और डांस इंडस्ट्री पर कब्जा कर लिया था। नारीवाद और समानांतर सिनेमा जागरण क्वीन 2014 के साथ हुआ था। अगर हम गलत हैं तो हमें सही करें, बताएं क्या हुआ था?'
साथ साथ Middle cinema में साई परांजपे जी इत्यादि, फ़ारूक़ शेख़ सर, दीप्ति नवल जी, अमोल पालेकर साहब यादगार चेहरे हैं। 2000 के बाद के बदलते बॉलीवुड सिनमा में, मैं पीपली liveभेजा फ़्राई, खोसला का घोंसला को पैरलेल स्पेस में मानती हूँ। क्वीन (2013) मेरे लिए मेन्स्ट्रीम फ़िल्म थी। 2/n https://t.co/iAQSWp2VUG तनु वेड्ज़ मनु के साथ आपने, आनंद राय & हिमांशु शर्मा ने कमर्शल मेन्स्ट्रीम बॉलीवुड को एक नया रूप दिया। kudos! नहीं, क्वीन पैरलेल सिनमा नहीं। रही बात फ़ेमिनिस्ट फ़िल्मों की तो English Vinglish (2012), क्वीन के पहले आयी थी। Sridevi जी & गौरी शिन्दे को श्रेय मिलना चाहिए। 3/n fin 💜 https://t.co/iAQSWp2VUG
इसके जवाब स्वरा भास्कर ने लिखा, 'कंगना जी और उनकी टीम 1955 में सत्यजीत रे की 'पाथेर पांचाली' को समानांतर सिनेमा का आगाज माना जाता है। उनके साथ मृणाल सेन और ऋत्विक घटक इस सिनमा के अभिभावक माने जाते हैं। 70 के दशक में न्यू वेव सिनमा आया (मणि कौल, कुमार शाहणी, सईद मिर्जा, श्याम बेनेगल, कुंदन शाह अन्य) साथ-साथ मध्य सिनेमा में साई परांजपे जी इत्यादि। फारुक शेख सर, दीप्ति नवल जी, अमोल पालेकर साहब यादगार चेहरे हैं। 2000 के बाद के बदलते बॉलीवुड सिनमा में मैं पीपली लाइव, भेजा फ्राई, खोसला का घोंसला को पैरेलल स्पेस में मानती हूं। क्वीन (2013) मेरे लिए मेन्स्ट्रीम फिल्म थी।'
एक और ट्वीट में स्वरा ने लिखा, 'तनु वेड्स मनु के साथ आपने, आनंद राय और हिमांशु शर्मा ने कॉमर्शियल मेनस्ट्रीम बॉलीवुड को एक नया रूप दिया। क्वीन समानांतर सिनेमा नहीं। रही बात फेमिनिस्ट फिल्मों की तो इंग्लिश विंगलिश (2012), क्वीन से पहले आई थी। श्रीदेवी जी और गौरी शिंदे को श्रेय मिलना चाहिए।'