भारत की पूर्व विदेश मंत्री, दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज का मंगलवार रात निधन हो गया। 14 फरवरी 1952 को हरियाणा के अंबाला कैंट में जन्मी सुषमा स्वराज ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1970 के दशक में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की थी। सुषमा स्वराज ने अपने कार्यकाल के दौरान कई ऐसे काम किए जिसकी वजह से दुनिया उन्हें याद करेगी। सुषमा स्वराज उन 46 भारतीय नर्सों के लिए फरिश्ता बनकर सामने आई थी जिसपर फिल्म बनी टाइगर जिंदा है।
फिल्म के हीरो बेशक सलमान खान रहे हो लेकिन असल जिंदगी में सुषमा स्वराज इराक में फंसी 46 भारतीय नर्सों और पूरे देश की हीरो थीं। साल 2014 में सुन्नी चरमपंथियों के संगठन आईएसआईएस (ISIS) ने 46 भारतीय नर्सों को बंधक बना लिया था तो उस वक्त की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इन भारतीय नर्सों को वहां से बाहर निकालने में अंतरराष्ट्रीय स्तर कर काफी कवायद की थी।
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सुषमा स्वराज
- फोटो : अमर उजाला
इस पूरे मामले पर सुषमा स्वराज ने खुद नजर रखी और वो तब तक शांति से नहीं बैठीं जबतक सारी नर्सें भारत सकुशल नहीं लौट आईं। 5 जुलाई 2014 को जब इराक से 46 भारतीय नर्सों को लेकर जब एयर इंडिया का विशेष विमान मुंबई लेकर पहुंचा तो सुषमा स्वराज की सांस में सांस आई। देश भर के लोगों ने नर्सों के स्वदेश वापस लाने में किए गए प्रयासों के लिए सुषमा स्वराज का आभार व्यक्त किया था।
सलमान खान की फिल्म 'टाइगर जिंदा है' की असली कहानी की कुछ-कुछ घटनाओं से प्रेरित थी। फिल्म में बताया गया था कि टाइगर यानी सलमान खान 40 नर्स की जान आतंकियों से बचाता है। जिसमें 25 भारतीय और 15 पाकिस्तानी नर्स हैं लेकिन असली कहानी में 46 नर्स केवल भारत के केरल की रहने वाली होती हैं। असल घटना में किसी भी दूसरे देश की नर्स शामिल नहीं थीं।
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46 nurses rescued from iraq
- फोटो : Twitter
फिल्म में बताया गया है कि रॉ एजेंट टाइगर नर्स को बचाने के लिए इराक जाता है और अकेले दम पर वो नर्स की जान बचाता है लेकिन असलियत में ये सरकार का ऑपरेशन था। इराक सरकार के साथ मिलकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भारतीय नर्सो की सुरक्षित वतन वापसी कराई थी। यही नहीं एयर इंडिया के विशेष विमान से 46 नर्स के साथ-साथ 183 यात्रियों को भी लेकर आया गया था।