जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को मंगलवार को रिहा कर दिया गया। वह बीते साल 5 अगस्त से जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से नजरबंद थे। उमर अब्दुल्ला के रिहा होने के बाद बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अभिनेत्री ने उमर अब्दुल्ली की रिहाई पर ऐसा ट्वीट किया है जिसकी वजह से वह सोशल मीडिया पर बुरी तरह से ट्रोल हो गई हैं।
उमर अब्दुल्ला की रिहाई पर स्वरा ने बोली ऐसा बात, ट्रोलर्स बोले, 'कभी तो पॉजिटिव सोचा करो आंटी जी'
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दरअसल उमर अब्दुल्ला ने रिहा होने के बाद अपनी एक तस्वीर को ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने अपने 232 दिनों के रिहा होने के बारे में प्रतिक्रिया दी। स्वरा भास्कर ने उमर अब्दुल्ला के इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, 'यह व्यक्ति कश्मीर में भारत सरकार की स्थिति का महत्वपूर्ण पैरोकार था जो 232 दिनों तक अपने ही घर में नजरबंद था।' स्वरा भास्कर का ये ट्वीट कई सोशल मीडिया यूजर्स को पसंद नहीं आया और उन्होंने स्वरा को ट्रोल करना शुरू कर दिया।
This man one of the most important advocates of the Indian State's position in #Kashmir was under house arrest for 232 days!!!! #juststatingfacts https://t.co/8ixaZXHsc7
Self Quarantine नाम के यूजर ने स्वरा के ट्वीट पर कमेंट करते हुए लिखा, 'हो सकता है कि इनको कुछ कट्टर ताकतों से बचाने के लिए हाउस अरेस्ट किया हो सरकार ने...कभी तो पॉजिटिव सोचा करो आंटी जी'। Yashdeep parashar ने लिखा, 'स्वरा भास्कर आप अपने लोगो के देखकर कितना इमोशनल हो जाते हो ना बाकी मोदी जी भी फिरकी ले रहे है जब सब दुनिया घरों में बंद है तब इस को बाहर छोड़ दिया'। इनके अलावा और भी कई सोशल मीडिया यूजर्स ने स्वरा भास्कर उनके ट्वीट पर ट्रोल किया है।
हो सकता है कि इनको कुछ कट्टर ताकतों से बचाने के लिए हाउस अरेस्ट किया हो सरकार ने...कभी तो पॉजिटिव सोचा करो आंटी जी🤔😃🙏 स्वरा भास्कर आप अपने लोगो के देखकर कितना इमोशनल हो जाते हो ना 😭 बाकी मोदी जी भी फिरकी ले रहे है जब सब दुनिया घरों में बंद है तब इस को बाहर छोड़ दिया 😃
गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 हटाने के बाद सरकार ने जम्मू-कश्मीर में पब्लिक सिक्योरिटी एक्ट लागू कर दिया था। इसके तहत उमर अब्दुल्ला और उनके पिता फारूक अब्दुल्ला को नजरबंद किया गया था। फारूक अब्दुल्ला को बीती 13 मार्च को रिहा किया गया। मंगलवार को कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उमर अब्दुल्ला को रिहा किया गया। रिहा होने के बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य और राज्य के बाहर हिरासत में रखे गए सभी लोगों को रिहा किया जाना चाहिए।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मैंने सोचा था कि मैं अपनी शर्तों पर ही बात करूंगा लेकिन कोरोना वायरस से हमें एकजुट होकर लड़ना होगा, इस वजह से मैं आपके सामने अपनी बात रखने के लिए आया हूं। वहीं उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला की सात महीने बाद हुई रिहाई का स्वागत किया। इसके अलावा अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद से जम्मू-कश्मीर के अंदर और बाहर के राज्यों की जेलों में बंद सभी राजनीतिक बंदियों और अन्य की रिहाई की मांग की।

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