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गौरव सोलंकी के बाद हिंदी सिनेमा में सुनाई दी एक नए लेखक की आमद, थप्पड़ लिखकर मशहूर हुईं मृणमयी
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: Mishra Mishra
Updated Sat, 29 Feb 2020 11:02 PM IST
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thappad
- फोटो : Amar Ujala, Mumbai
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तापसी पन्नू की फिल्म नई 'थप्पड़' ने एक नई सामाजिक बहस की शुरुआत कर दी है। फिल्म में तापसी पन्नू के अभिनय और अनुभव सिन्हा के बराबरी की तारीफ इसकी लेखक मृणमयी लागू को भी मिल रही हैं। इससे पहले लेखक गौरव सोलंकी को अनुभव की आयुष्मान खुराना स्टारर फिल्म आर्टिकल 15 लिखने के लिए तमाम सम्मान और पुरस्कार मिल चुके हैं।
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Reema Lagoo with Daughter Mrunmayee
- फोटो : Social Media
मृणमयी अपनी इस कहानी को सराहे जाने से खुश हैं। वह कहती हैं, 'लेखकों को उनकी लिखी कहानी का श्रेय मिलना ही चाहिए। मुझे पूरा भरोसा है कि अब हम उसी राह पर हैं। मेरी लिखी फिल्म 'थप्पड़' को शानदार प्रतिक्रिया मिली है, ये इस बात की गवाह है।' मृणमयी लागू को सिनेमा विरासत में मिला है। उनकी मां रीमा लागू ने सलमान खान की बतौर हीरो पहली फिल्म मैंने प्यार किया में नई सदी की नई मां का किरदार किया था। ये पहली हिंदी फिल्म रही है जिसमें बेटा अपनी मां को सेक्सी मां बोलता है। रीमा लागू का नाम अब मृणमयी अपनी लेखनी से रोशन कर रही हैं।
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Mrunmayee
- फोटो : Social Media
मृणमयी कहती हैं, 'मुझे लगता है कि मुझे मिल रही सराहना की वजह हमारा चुना गया विषय है, जिसने सब जगह पर बहसों का सिलसिला शुरू कर दिया है। सराहना इस बात की भी है कि कैसे हमने इस विषय को संभाला और उसे पर्दे तक पहुंचाया। मैं समझती हूं कि अनुभव ने इस शानदार विषय को लाकर बेहतरीन तर्क दिया है।'
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थप्पड़
- फोटो : सोशल मीडिया
इस कहानी के बारे में पूछने पर मृणमयी बताती हैं, 'ये विचार जब अनुभव ने मुझे बताया तब कहानी उनके दिमाग में चल रही थी। उसे सुनकर मेरे दिमाग में कोई सवाल नहीं था, क्योंकि मैं भी ऐसा ही कुछ करना चाहती थी। मेरे दिमाग में सिर्फ एक ही सवाल था कि इतने बड़े संदेश को इतनी साधारण कहानी के जरिए हम लोगों तक पहुंचाएंगे कैसे? हम इसे कैसे लिखें जो इसका संदेश लोगों के दिल को छुए, उपदेश जैसा न लगे। फिर मेरे सारे सवाल इसको बुनने में ही समाप्त हो गए।'
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