उदीयमान अभिनेता ताहिर राज भसीन अपनी फिल्म 'फोर्स 2' की चौथी जयंती पर अपने किरदारों के चुनाव को लेकर काफी भरोसे में दिखते हैं। 'मर्दानी' और 'फोर्स 2' दो ऐसी फिल्में रही हैं जिनके नकारात्मक किरदारों को ताहिर ने बड़े ही आत्मविश्वास के साथ पर्दे पर उतारा है, साथ ही उन्होंने 'मंटो' और 'छिछोरे' में संवेदनशील भूमिकाएं निभाकर भी लोगों की खूब तारीफ पाई है। 'फोर्स 2' के 4 साल पूरे होने के मौके पर ताहिर बताते हैं कि नकारात्मक किरदारों ने ही उन्हें उनके करियर में बेहतर किरदार चुनने में मदद की।
‘फोर्स 2’ के चार साल पूरे होने पर ताहिर भसीन का खुलासा, ‘लूप लपेटा’ में पहली बार उठाया ये जोखिम
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'मर्दानी' और 'फोर्स 2' में एक विलेन के रूप में खूब नाम कमाने वाले ताहिर बताते हैं कि कैसे इन फिल्मों ने उन्हें इस इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में मदद की। ताहिर कहते हैं, "मैं कभी भी किसी के कैरेक्टर को जज नहीं करता, और मैंने एक्टिंग के इस नियम का हमेशा पालन किया है। बात चाहे 'मर्दानी' में करण रस्तोगी की हो या 'फोर्स 2' में शिव शर्मा की, मैंने कभी भी किसी किरदार का आकलन समाज द्वारा तय किए गए नियमों के आधार पर नहीं किया। मैं तो किरदारों को उसी तरीके से निभाता हूं जैसा स्क्रिप्ट में लिखा गया है। मुझे लगता है कि यही बात इन कैरेक्टर्स को और ज्यादा इंटरेस्टिंग बनाती है और शायद इसी वजह से मुझे स्टूडियोज़ की ओर से इस तरह के ज्यादा-से-ज्यादा किरदारों को निभाने का ऑफर मिला है।"
ताहिर जल्द ही रणवीर सिंह स्टारर फ़िल्म '83' में सुनील गावस्कर की भूमिका निभाते नज़र आएंगे। इसके अलावा वह आने वाली फ़िल्म 'लूप लपेटा' में तापसी पन्नू के साथ रोमांटिक हीरो की भूमिका में दिखाई देंगे, जिसमें उन्होंने तापसी पन्नू के साथ जोड़ी बनाई है। ताहिर कहते हैं, “लूप लपेटा में रोमांटिक हीरो की भूमिका मेरे लिए काफी एक्साइटिंग है और इससे मेरी एक्टिंग के सफ़र में एक नया मोड़ आएगा, और मैं इस मौके का भरपूर फायदा उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। केवल सिनेमा में ही हम रोमांस, कॉमेडी, धोखा या चालबाजी जैसे इंसानी गुणों को अलग-अलग सेगमेंट में बांट देते हैं। लेकिन सच्चाई यही है कि इंसान में इनमें से कई गुण एक साथ मौजूद हो सकते हैं। मेरे लिए चुनौती तो बस रोमांटिक हीरो की भूमिका को पर्दे पर इस तरह निभाने की है, जो लोगों को पसंद आए, जो ग्रेडेड और स्टाईलाइज्ड हो, साथ ही लोगों को वह किरदार अपना सा लगे।”
विलेन या हीरो, किस तरह का कैरेक्टर ताहिर को सबसे ज्यादा पसंद है, यह सवाल पूछने पर वह कहते हैं कि, "मैं जो किरदार कर रहा हूं, उसके जीवन के संघर्ष से दर्शकों का मनोरंजन होना सबसे महत्वपूर्ण है। मुझे यह कहावत बड़ी अच्छी लगती है कि हर खलनायक किसी की कहानी में एक नायक होता है। इससे हमें एहसास होता है कि इस तरह के डेफिनेशंस बिल्कुल सही हैं। मुझे अलग-अलग भावनाओं और इंसान की खामियों को दर्शाने वाले किरदार बेहद पसंद हैं, जिन्हें स्क्रीन पर इतने शानदार और जादुई तरीके से प्रेजेन्ट किया जाए कि वे देखने वालों का मन मोह लें।”
ताहिर अपनी आने वाली फ़िल्म 'लूप लपेटा' में रोमांटिक लीड रोल कर रहे हैं, तो क्या आने वाले दिनों में हम उन्हें एंटी-हीरो कैरेक्टर्स को पर्दे पर निभाते हुए देख पाएंगे? इसके जवाब में ताहिर कहते हैं, "मैं वर्तमान में जीने वाला इंसान हूं। आज मुझे 'लूप लपेटा' की टीम के साथ काम करने में बड़ा मज़ा आ रहा है और मैं बिल्कुल अनोखे अंदाज में रोमांटिक हीरो की भूमिका निभा रहा हूं। मेरे लिए तो इसमें काम करने का अनुभव एकदम नया और बिल्कुल निराला है, और यह मेरे लिए सबसे बड़ा चैलेंज है।"