हिंदी फिल्मों में शोहरत और ग्लैमर के बीच, एक लंबी फेहरिस्त है जहां कई कलाकार या तो गुमनामी में मर गए, या तन्हाई में, बहुत गरीबी में या रहस्यमय हालात में- जैसे जिया खान, प्रत्युशा बैनर्जी, परवीन बॉबी, गुरु दत्त, नलीनी जयवंत, अचला सचदेव। ये एक अजीब सा एहसास होता है कि जिसे जीते जी भुला दिया गया उस कलाकार के जाने के बाद गूगल सर्च में वो शख़्स ट्रेंड करने लगता है या अचानक से लोग उनके बारे में और जानना चाहते हैं। आइए आज बात करतें हैं इन्ही में से कुछ सितारों की।
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वो सितारे जिनकी मौत रही अनसुलझी पहेली, दिव्या भारती तो करियर के शिखर पर दुनिया को कह गईं अलविदा
Wed, 20 Feb 2019 07:50 AM IST
भावना शर्मा
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी
Published by: भावना शर्मा
Updated Wed, 20 Feb 2019 07:50 AM IST
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दिव्या भारती
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दिव्या भारती
- फोटो : SOCIAL MEDIA
दिव्या भारती
25 साल पहले वो 5 अप्रैल 1993 की रात थी जब खबर आई थी कि अभिनेत्री दिव्या भारती पांचवें फ़्लोर पर अपने घर की बालकनी से गिर गईं हैं। आज तक उनकी मौत एक रहस्य बनी हुई है। तब हर अखबार में ये सुर्खी थी कि मुंबई में दिव्या भारती को कूपर अस्पताल ले जाया गया था जहां उनकी मौत हो गई।
25 साल पहले वो 5 अप्रैल 1993 की रात थी जब खबर आई थी कि अभिनेत्री दिव्या भारती पांचवें फ़्लोर पर अपने घर की बालकनी से गिर गईं हैं। आज तक उनकी मौत एक रहस्य बनी हुई है। तब हर अखबार में ये सुर्खी थी कि मुंबई में दिव्या भारती को कूपर अस्पताल ले जाया गया था जहां उनकी मौत हो गई।
महेश आनंद
महेश आनंद
अभी कुछ दिन पहले खबर आई कि हिंदी फ़िल्मों में विलेन का रोल करने वाले 57 साल के अभिनेता महेश आनंद की लाश उनके घर से मिली जो डि-कंपोज हालत में थी। घर में जब पुलिस आई तो टीवी चल रहा था और खाने की प्लेट साइड में रखी थी।
अभी कुछ दिन पहले खबर आई कि हिंदी फ़िल्मों में विलेन का रोल करने वाले 57 साल के अभिनेता महेश आनंद की लाश उनके घर से मिली जो डि-कंपोज हालत में थी। घर में जब पुलिस आई तो टीवी चल रहा था और खाने की प्लेट साइड में रखी थी।
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परवीन बाबी
परवीन बाबी
2005 में मौत के बाद भी परवीन बाबी के बारे में जानने की लोगों की जिज्ञासा कम नहीं हुई है। उन्होंने अपनी बिंदास इमेज, ग्लैमर और ज़िंदगी अपनी शर्तों पर जीने की अदा के चलते खास जगह बनाई। ख़ूब पैसा और नाम कमाया। उनके कई रिश्ते बने और टूटे। फिर स्किज़ोफ़्रीनिया ने उनकी ज़िंदगी को ऐसे अंधेरे में धकेला जहां से एक दिन उनकी मरने की ही खबर आई। जब कई दिनों तक घर के बाहर से अख़बार और दूध के पैकेट किसी ने नहीं हटाए तो पुलिस ने दरवाज़ा तोड़ लाश निकाली।
2005 में मौत के बाद भी परवीन बाबी के बारे में जानने की लोगों की जिज्ञासा कम नहीं हुई है। उन्होंने अपनी बिंदास इमेज, ग्लैमर और ज़िंदगी अपनी शर्तों पर जीने की अदा के चलते खास जगह बनाई। ख़ूब पैसा और नाम कमाया। उनके कई रिश्ते बने और टूटे। फिर स्किज़ोफ़्रीनिया ने उनकी ज़िंदगी को ऐसे अंधेरे में धकेला जहां से एक दिन उनकी मरने की ही खबर आई। जब कई दिनों तक घर के बाहर से अख़बार और दूध के पैकेट किसी ने नहीं हटाए तो पुलिस ने दरवाज़ा तोड़ लाश निकाली।
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गुरु दत्त
गुरु दत्त
अपने अभिनय और निर्देशन दोनों के लिए गुरु दत्त का बहुत नाम और इज़्ज़त थी लेकिन निजी जिंदगी में पत्नी गीता दत्त से उनका रिश्ता बिल्कुल बिखर चुका था और अक्सर झगड़ा होता था। वे बच्चों और पत्नी से अलग अकेले रहते थे। 9 अक्तूबर 1964 को ऐसे ही एक झगड़े के बाद उनके दोस्त अबरार अलवी मिलने पहुंचे तो गुरु दत्त शराब पी रहे थे। देर रात दोनों ने खाना खाया और अबरार अपने घर चले गए। अगले दिन अबरार अल्वी आए तो उन्होंने देखा कि गुरु दत्त की मेज पर एक गिलास रखा हुआ था जिसमें एक गुलाबी रंग का तरल पदार्थ बचा हुआ था और गुरु दत्त की मौत हो चुकी थी। ये खुदकुशी थी या ओवरडोज ये बहस आज भी जारी है लेकिन उस दिन एक चमकता सितारा हमेशा के लिए बुझ गया।
अपने अभिनय और निर्देशन दोनों के लिए गुरु दत्त का बहुत नाम और इज़्ज़त थी लेकिन निजी जिंदगी में पत्नी गीता दत्त से उनका रिश्ता बिल्कुल बिखर चुका था और अक्सर झगड़ा होता था। वे बच्चों और पत्नी से अलग अकेले रहते थे। 9 अक्तूबर 1964 को ऐसे ही एक झगड़े के बाद उनके दोस्त अबरार अलवी मिलने पहुंचे तो गुरु दत्त शराब पी रहे थे। देर रात दोनों ने खाना खाया और अबरार अपने घर चले गए। अगले दिन अबरार अल्वी आए तो उन्होंने देखा कि गुरु दत्त की मेज पर एक गिलास रखा हुआ था जिसमें एक गुलाबी रंग का तरल पदार्थ बचा हुआ था और गुरु दत्त की मौत हो चुकी थी। ये खुदकुशी थी या ओवरडोज ये बहस आज भी जारी है लेकिन उस दिन एक चमकता सितारा हमेशा के लिए बुझ गया।