7 अप्रैल 1962 को जन्मे और सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले मशहूर निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने हिंदी सिनेमा में अपनी पहली ही फिल्म से धमाका किया। आपराधिक विषयों वाली फिल्मों के गुरु समझे जाने वाले और अपने दोस्तों के बीच रामू के नाम से मशहूर राम गोपाल वर्मा ने करियर के शुरूआती दिन नाइजीरिया में बिताए। वापस हैदराबाद लौटकर वीडियो कैसेट किराए पर देने की दुकान खोली और फिर फिल्म निर्देशक बने। अपने करियर के शुरूआती दिनों में अब के मशहूर निर्देशक अनुराग कश्यप उनके असिस्टेंट हुआ करते थे। आपको बताते हैं रामू की उन पांच सर्वश्रेष्ठ फिल्मों के बारे में, जिन्होंने उन्हें हिंदी सिनेमा का बड़ा ब्रांड बनाया।
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इन 5 फिल्मों ने राम गोपाल वर्मा को बनाया बॉलीवुड का 'सरकार', आमिर खान ने भी मांगा था काम
Sun, 07 Apr 2019 07:51 AM IST
शिप्रा सक्सेना
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिप्रा सक्सेना
Updated Sun, 07 Apr 2019 07:51 AM IST
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Ram Gopal Varma
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Shiva
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शिवा (1990)
1989 में राम गोपाल वर्मा ने तेलुगू फिल्म सिवा से निर्देशन में कदम रखा और इसके अगले ही साल इसी फिल्म का हिंदी रीमेक शिवा के नाम से बनाकर उन्होंने हिंदी सिनेमा में शानदार एंट्री की। फिल्म की कहानी कॉलेज में होने वाली गुंडा गर्दी पर आधारित है और इसका बहुत कुछ हिस्सा रामू ने अपनी कॉलेज लाइफ से लिया। इस फिल्म से ही नागार्जुन की हिंदी सिनेमा में एंट्री हुई। फिल्म में परेश रावल भी एक दमदार भूमिका में दिखे। इस ब्लॉकबस्टर फिल्म से रामू रातोंरात हिंदी सिनेमा में छा गए।
1989 में राम गोपाल वर्मा ने तेलुगू फिल्म सिवा से निर्देशन में कदम रखा और इसके अगले ही साल इसी फिल्म का हिंदी रीमेक शिवा के नाम से बनाकर उन्होंने हिंदी सिनेमा में शानदार एंट्री की। फिल्म की कहानी कॉलेज में होने वाली गुंडा गर्दी पर आधारित है और इसका बहुत कुछ हिस्सा रामू ने अपनी कॉलेज लाइफ से लिया। इस फिल्म से ही नागार्जुन की हिंदी सिनेमा में एंट्री हुई। फिल्म में परेश रावल भी एक दमदार भूमिका में दिखे। इस ब्लॉकबस्टर फिल्म से रामू रातोंरात हिंदी सिनेमा में छा गए।
Rangeela
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रंगीला (1995)
रंगीला बनाने तक राम गोपाल वर्मा का नाम हिंदी सिनेमा में अदब से लिया जाने लगा। आमिर खान उन दिनों का चढ़ता सूरज थे और उन्होंने खुद रामगोपाल वर्मा से अपने लिए किसी दमदार विषय की तलाश करने की बात कही। राम गोपाल वर्मा कॉलेज के दिनों से श्रीदेवी के दीवाने रहे। इस विषय पर एक फिल्म मस्त भी उन्होंने बनाई। लेकिन, उससे पहले श्रीदेवी को लेकर अपनी दीवानगी की झलक उन्होंने मिली और मुन्ना के जरिए फिल्म रंगीला में दिखाई। मिली सुपरस्टार बन जाती है और मुन्ना को लगता है वह सुपरस्टार राज कमल के प्यार में पड़ चुकी है। हिंदी सिनेमा की ये उन चंद फिल्मों में है जिनका रीमेक हॉलीवुड ने किया। वहां ये फिल्म 2004 में विन अ डेट विद टेड हेमिल्टन नाम से रिलीज हुई।
रंगीला बनाने तक राम गोपाल वर्मा का नाम हिंदी सिनेमा में अदब से लिया जाने लगा। आमिर खान उन दिनों का चढ़ता सूरज थे और उन्होंने खुद रामगोपाल वर्मा से अपने लिए किसी दमदार विषय की तलाश करने की बात कही। राम गोपाल वर्मा कॉलेज के दिनों से श्रीदेवी के दीवाने रहे। इस विषय पर एक फिल्म मस्त भी उन्होंने बनाई। लेकिन, उससे पहले श्रीदेवी को लेकर अपनी दीवानगी की झलक उन्होंने मिली और मुन्ना के जरिए फिल्म रंगीला में दिखाई। मिली सुपरस्टार बन जाती है और मुन्ना को लगता है वह सुपरस्टार राज कमल के प्यार में पड़ चुकी है। हिंदी सिनेमा की ये उन चंद फिल्मों में है जिनका रीमेक हॉलीवुड ने किया। वहां ये फिल्म 2004 में विन अ डेट विद टेड हेमिल्टन नाम से रिलीज हुई।
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Satya
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सत्या (1998)
रामगोपाल वर्मा ने इस फिल्म से हिंदी सिनेमा को एक नया डॉन दिया, भीखू म्हात्रे। मनोज बाजपेयी तब तक फिल्मों और टीवी सीरियलों में छोटे मोटे रोल किया करते थे। इस फिल्म ने मनोज बाजपेयी को स्टार बना दिया। रामू ने इस फिल्म के जरिए साउथ के एक और सितारे जे डी चक्रवर्ती को भी हिंदी सिनेमा में इंट्रोड्यूस किया। फिल्म ने रामगोपाल वर्मा के लिए पुरस्कारों की कतार लगा दी। अनुराग कश्यप इस फिल्म की राइटिंग टीम का हिस्सा बने और ये फिल्म उन्होंने मशहूर कलाकार सौरभ शुक्ला, जिन्होंने इस फिल्म में कल्लू मामा का सुपरहिट किरदार किया, के साथ लिखी।
रामगोपाल वर्मा ने इस फिल्म से हिंदी सिनेमा को एक नया डॉन दिया, भीखू म्हात्रे। मनोज बाजपेयी तब तक फिल्मों और टीवी सीरियलों में छोटे मोटे रोल किया करते थे। इस फिल्म ने मनोज बाजपेयी को स्टार बना दिया। रामू ने इस फिल्म के जरिए साउथ के एक और सितारे जे डी चक्रवर्ती को भी हिंदी सिनेमा में इंट्रोड्यूस किया। फिल्म ने रामगोपाल वर्मा के लिए पुरस्कारों की कतार लगा दी। अनुराग कश्यप इस फिल्म की राइटिंग टीम का हिस्सा बने और ये फिल्म उन्होंने मशहूर कलाकार सौरभ शुक्ला, जिन्होंने इस फिल्म में कल्लू मामा का सुपरहिट किरदार किया, के साथ लिखी।
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Company
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कंपनी (2002)
सत्या ने अगर हिंदी सिनेमा को मनोज बाजपेयी की दमदार अदाकारी से परिचित कराया तो मुंबई अंडरवर्ल्ड पर बनी फिल्म कंपनी ने हिंदी सिनेमा को दिया विवेक ओबेरॉय। कथित रूप से छोटा राजन पर आधारित फिल्म का किरदार चंदू नागरे सुपरहिट रहा। ये फिल्म रामू की क्राइम ट्रायोलॉजी की शिवा और सत्या के बाद तीसरी कड़ी बनी। फिल्म में अजय देवगन कुछ कुछ दाऊद इब्राहिम से मिलता जुलता किरदार करते दिखे। फिल्म में मनीषा कोइराला, सीमा बिस्वास ने भी दमदार काम किया। फिल्म ने ब्लॉकबस्टर होने का खिताब पाया और0 तमाम देसी-विदेशी फिल्म फेस्टिवल्स में ये फिल्म कई साल तक दिखाई जाती रही।
सत्या ने अगर हिंदी सिनेमा को मनोज बाजपेयी की दमदार अदाकारी से परिचित कराया तो मुंबई अंडरवर्ल्ड पर बनी फिल्म कंपनी ने हिंदी सिनेमा को दिया विवेक ओबेरॉय। कथित रूप से छोटा राजन पर आधारित फिल्म का किरदार चंदू नागरे सुपरहिट रहा। ये फिल्म रामू की क्राइम ट्रायोलॉजी की शिवा और सत्या के बाद तीसरी कड़ी बनी। फिल्म में अजय देवगन कुछ कुछ दाऊद इब्राहिम से मिलता जुलता किरदार करते दिखे। फिल्म में मनीषा कोइराला, सीमा बिस्वास ने भी दमदार काम किया। फिल्म ने ब्लॉकबस्टर होने का खिताब पाया और0 तमाम देसी-विदेशी फिल्म फेस्टिवल्स में ये फिल्म कई साल तक दिखाई जाती रही।