सुंदरता और ग्लैमर का पर्याय बन चुके बॉलीवुड में ऐसी कई अभिनेत्रियां हुई हैं, जिन्होंने अपने अभिनय के दम पर हिंदी सिनेमा में अलग छाप छोड़ी है। इन अभिनेत्रियों की अदाकारी का लोहा सिर्फ भारतीयों ने ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लोगों ने माना है। आज हम आपको हिंदी सिनेमा की कुछ बेहतरीन अदाकाराओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपने किरदार और अभिनय के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई। इसमें एक अभिनेत्री को तो अपने बोल्ड किरदार के लिए कड़ी आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा था। लेकिन वो आज भी लगातार सभी आलोचनाओं को दरकिनार कर आगे बढ़ती जा रही हैं। तो आइये जानते हैं हिंदी सिनेमा की बेहतरीन और हसीन अदाकाराओं के बारे में।
इन अभिनेत्रियों ने दमदार भूमिका निभाकर बनाई अपनी पहचान, एक तो बोल्ड किरदार के लिए हुई थीं ट्रोल
नरगिस (मदर इंडिया)
साल 1957 में आई फिल्म 'मदर इंडिया' रिलीज हुई थी। फिल्म में अभिनेत्री नरगिस ने राधा का किरदार निभाया था, जो ऐसी ग्रामीण महिला का किरदार था जो उधार में लिए हुए पैसों को चुकाने के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करती है। पति के साथ छोड़ देने के बाद वह अकेले ही अपने दोनों बच्चों की देखभाल करती है। राधा अपने ही बेटे की हत्या करती है, क्योंकि उसका अपना बेटा अनैतिक रास्तों पर चल पड़ता है। इस किरदार को संजीदगी और मार्मिकता के साथ नरगिस दत्त ने निभाया वह शायद किसी के लिए भी मुश्किल था। यह भारतीय सिनेमा की पहली ऐसी फिल्म थी जिसे ‘बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म’ की केटेगरी में ऑस्कर के लिए नॉमिनेट किया था। लेकिन सिर्फ एक वोट कम मिलने की वजह से ये फिल्म इस अवॉर्ड को जीतने में कामयाब नहीं हो पाई।
सुचित्रा सेन (आंधी)
साल 1975 में प्रदर्शित फिल्म 'आंधी' में सुचित्रा सेन ने एक ऐसी महिला की भूमिका निभाई थी जिसकी शादी उसके अति महत्वकांक्षी पिता द्वारा तोड़ दी जाती है। राजनीति में होने वाले उतार-चढ़ावों और अकेलेपन से जूझती महिला का किरदार निभाने वाली सुचित्रा के अभिनय को भरपूर सराहना मिली थी। सुचित्रा ने इस दमदार किरदार को निभाकर अपनी अलग पहचान बना ली थी।
शबाना आजमी (अर्थ)
फिल्म 'अर्थ' साल 1982 में रिलीज हुई थी। फिल्म में शबाना आजमी मुख्म भूमिका में थी और उन्होंने ऐसी महिला की भूमिका निभाई थी, जिसके निर्देशक पति ने किसी दूसरी महिला के लिए अपनी पत्नी को छोड़ दिया था। पति से अलगाव और आर्थिक परेशानी ने एक पराश्रित महिला को किस तरह सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया यह इस फिल्म की स्टोरी लाइन थी। इस किरदार को शबाना आजमी बेहद गंभीरता के साथ निभाया था और इसके लिए उनकी खूब सराहना हुई थी।
रेखा (उमराव जान)
सदाबहार अभिनेत्री रेखा अक्सर अपनी खूबसूरती और अभिनय के लिए सुर्खियों में रही हैं। उन्होंने फिल्म 'उमराव जान' में तवायफ की भूमिका अदा की थी। कहानी कुछ ऐसी थी कि युवा अमीरन को बचपन में ही अपने घर से अगवा कर लखनऊ की तवायफ उमराव जान बना दिया जाता है। बस यहीं से शुरू हो जाता है सपनों के टूटने और अरमानों के बिखरने का सिलसिला और फिर परिवार वालों की अवहेलना उमराव को मजबूत बना देता है। फिल्म में रेखा की बेहतरीन अदाकारी और उनका डांस लोगों के जेहन में आज भी मौजूद है।