फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बाइस्कोप: इस फिल्म में ऋतिक ने मान लिया था श्रीदेवी को ‘चाची’, देखिए दोनों का पहला यादगार सीन

Sat, 25 Apr 2020 12:08 PM IST
shrilata biswas अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: shrilata biswas Updated Sat, 25 Apr 2020 12:08 PM IST
विज्ञापन
This day that year series Bollywood bhagwan dada 25 april 1986 bioscope amar Ujala hrithik roshan
श्रीदेवी, ऋतिक - फोटो : फाइल

वैसे तो बात एक फिल्म के संवाद के तौर पर ही कही गई लेकिन सुपरस्टार श्रीदेवी के हिंदी सिनेमा के किसी कलाकार की पत्नी बनने की बात ऋतिक रोशन ने पहली बार फिल्म भगवान दादा में जिस अंदाज में कही, वह आज तक सबको याद है। ऋतिक तब सिर्फ 12 साल के थे। नाना की फिल्म थी। पापा हीरो थे और साथ में थे साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत। रजनीकांत की तब तक दो फिल्में, अंधा कानून और गिरफ्तार हिंदी में सुपरहिट हो चुकी थीं। बाइस्कोप में आज हम बात करने जा रहे हैं, इन्हीं मेगास्टार रजनीकांत की एक हिंदी फिल्म भगवान दादा की जो रिलीज हुई थी 25 अप्रैल 1986 को।

This day that year series Bollywood bhagwan dada 25 april 1986 bioscope amar Ujala hrithik roshan
श्रीदेवी, ऋतिक - फोटो : फाइल

ऋतिक रोशन ने जो डायलॉग फिल्म में श्रीदेवी को देखकर पर्दे पर मारा था, वह था, 'मेरे मुंह से निकली बात जरूर पूरी होती है। तुम चाची बनकर ही रहोगी।' फिल्म में ये सीन तब आता है जब वह अपने बापू (रजनीकांत) को ढूंढ़ते ढूंढ़ते घर आता है। बापू उसका बस्ती का दादा है। लोग उसे भगवान की तरह पूजते हैं और वह इसलिए क्योंकि भगवान दादा ने बस्ती को शंभू दादा के आतंक से मुक्ति दिलाई है। स्वरूप (राकेश रोशन) को भी इसी घर में पनाह मिलती है और बिजली (श्रीदेवी) को भी। ऋतिक फिल्म में गोविंदा के रोल में है, जो बिजली को स्वरूप की पत्नी समझ लेता है।

This day that year series Bollywood bhagwan dada 25 april 1986 bioscope amar Ujala hrithik roshan
श्रीदेवी, ऋतिक - फोटो : फाइल

अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिल्म भगवान दादा की फोटो शेयर करते हुए ऋतिक रोशन ने श्रीदेवी के निधन पर लिखा था, 'मुझे उनसे प्यार था, मैं उन्हें इतना ज्यादा मानता था। मेरे जीवन का पहला एक्टिंग सीन उन्हीं के साथ था और मैं उस दिन बहुत नर्वस भी था। मुझे याद है कि मेरा हौसला बढ़ाने के लिए वह भी अपने हाथ ऐसे हिला रही थीं कि मुझे लगे वह मुझे देखकर नर्वस हैं और कांप रही हैं। ये देख सब हंस पड़े थे और वह तब तक हंसती रहीं जब तक कि शॉट ओके नहीं हो गया। मैं आपको कभी भूल नहीं पाऊंगा, मैम!'

विज्ञापन
विज्ञापन
This day that year series Bollywood bhagwan dada 25 april 1986 bioscope amar Ujala hrithik roshan
ऋतिक - फोटो : फाइल

तो फिल्म भगवान दादा की कहानी आगे बढ़ाने से पहले देख लेते हैं, श्रीदेवी और ऋतिक रोशन की कमाल की अदाकारी से लबरेज ये सीन:

विज्ञापन
This day that year series Bollywood bhagwan dada 25 april 1986 bioscope amar Ujala hrithik roshan
भगवान दादा - फोटो : फाइल

भगवान दादा के बनने की कहानी भी दिलचस्प है। हुआ कुछ यूं कि इस फिल्म के निर्माता और अभिनेता राकेश रोशन हवाई जहाज से चेन्नई जा रहे थे श्रीदेवी को साइन करने। इसी दौरान जहाज में ही उन्हें मशहूर लेखक डॉ. राही मासूम रजा मिल गए। जहाज में बैठे बैठे और एक दूसरे से बातचीत करते करते राही साहब ने ये कहानी राकेश रोशन को सुनाई। राकेश रोशन जा तो रहे थे श्रीदेवी को एक सोलो फिल्म के लिए साइन करने, लेकिन वापस मुंबई लौटे तो भगवान दादा के लिए साइन करके। फिल्म को राकेश रोशन के ससुर जे ओम प्रकाश ने निर्देशित किया। ऋतिक, उनके पापा और उनके नाना यानी तीन पीढ़ियों वाली इस फिल्म के दौरान जे ओमप्रकाश बीमार भी पड़े और उस वक्त फिल्म के तमाम सीन राकेश रोशन ने खुद निर्देशित कर लिए।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed