हिंदी सिनेमा के नौजवान एक्शन हीरो टाइगर श्रॉफ विवादों से दूर रहते हैं। अपनी मोहब्बत को जमाने से छुपाते नहीं हैं और अपने पिता जैकी श्रॉफ के दुलारे बेटे हैं। 'बागी' सीरीज से अपना नाम रोशन कर चुके टाइगर की अगली छलांग यशराज फिल्मस की अगले हफ्ते रिलीज हो रही फिल्म 'वॉर' है। टाइगर अपनी बहन कृष्णा के साथ मिलकर इन दिनों बच्चों को मार्शल आर्ट्स सिखाते हैं और उनकी ये फिटनेस चेन जल्द ही बरेली में भी खुलने वाली है। अमर उजाला संवाददाता अमित कुमार सिंह ने उनसे की ये खास मुलाकात।
Exclusive: इंटरव्यू में बोले टाइगर श्रॉफ, 'मैं अपने पिता के सारे सपने पूरे करना चाहता हूं'
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हिंदी सिनेमा में दो हीरो की फिल्में बननी इसीलिए बंद हुईं कि अभिनेताओं का आपसी विश्वास कमजोर कम होता गया। फिल्म 'वॉर' में आपको तो कहीं ऐसी असुरक्षा महसूस नहीं हुई?
नहीं, बिल्कुल नहीं। मैं ऋतिक रोशन को अपना आदर्श मानता हूं। मेरे मन में उनके प्रति सिर्फ इज्जत ही है। हम दोनों अलग-अलग पीढ़ियों के हैं और अगर हमारी तुलना होती भी है तो ये मेरे लिए फख्र की बात होगी। मेरे लिए यही बहुत बड़ी जीत है। उनसे काफी कुछ सीखने को मिला। मेरे लिए तो ये उनसे सीखने का एक बहुत ही अच्छा मौका रहा। मेरी किस्मत अच्छी रही कि मुझे उनके साथ काम करने का मौका मिला।
आपका फिटनेस और एक्शन की तरफ झुकाव कैसे हुआ?
बचपन से मुझे खेल का बहुत ही शौक था। इस वजह से शुरू से ही मेरे जीने के तरीके में फिटनेस एक बड़े हिस्से के तौर पर शामिल हो गई। दरअसल जब तक मैं अपनी एनर्जी को कहीं इस्तेमाल नहीं कर लेता हूं तब तक मैं सो नहीं पाता हूं।
आप एक्शन हीरो के तौर पर स्थापित होते जा रहे हैं। डर नहीं लगता कि आप एक ही तरह के रोल में बंधते जा रहे हैं?
एक्शन हीरो के तौर पर पहचाने जाने से मुझे खुशी होती है। इसी से मेरी एक पहचान बनी है। खास तौर पर आज के समय में प्रतियोगिता इतनी ज्यादा है कि एक पहचान मिलनी बहुत जरूरी है नहीं तो आप भीड़ में कहीं खो जाते हैं। मुझे इससे बिल्कुल भी डर नहीं लगता, यही मेरी पहचान है।
आपके पिता जैकी श्रॉफ ने अमर उजाला के इंटरव्यू में कहा है कि वह कभी अपने बच्चों से काम नहीं करना चाहते थे। एक बेटे के तौर पर आप अपने पिता के लिए क्या सोचते हैं?
दरअसल, मैं उनसे काम नहीं करवाना चाहता हूं। मैं उनको बहुत ही अच्छी जिंदगी देना चाहता हूं। उनकी जो भी ख्वाहिशें और सपने हैं मैं उन्हें पूरा करना चाहता हूं। उन्होंने मुझे और मेरी बहन को इतना अच्छा बचपन दिया है कि मैं हजार बार में भी उसकी भरपाई नहीं कर सकता।