फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

TWO INDIAS: यहां पढ़िए वीर दास की 'भारत विरोधी' कविता जिसपर हो रहा बवाल, दिल्ली-मुंबई में शिकायत दर्ज

Wed, 17 Nov 2021 01:14 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: अपूर्वा राय Updated Wed, 17 Nov 2021 01:14 PM IST
विज्ञापन
TWO INDIAS: Vir Das seven minute monologue on India create controvery
Vir Das - फोटो : Social Media

कॉमेडियन वीर दास को देश को अपमानित करने वाली कविता के कारण विरोध का सामना करना पड़ रहा है। उनके वीडियो की सोशल मीडिया पर ख़ूब चर्चा हो रही है। कई लोग ये कविता सुनने के बाद वीर दास की तारीफ कर रहे हैं तो कई लोग उन पर भारत की छवि वैश्विक स्तर पर खराब करने का आरोप लगाते हुए उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं। उनके खिलाफ अब दिल्ली और मुंबई के थानों में उनके खिलाफ शिकायत दी गई है। 



वीर दास ने जो मोनोलॉग पढ़ा है उसका शीर्षक है - 'आई कम फ्रॉम टू इंडियाज', चलिए जानते हैं वीर दास ने इस कविता में कहा कुछ कहा है...

TWO INDIAS: Vir Das seven minute monologue on India create controvery
Vir Das - फोटो : Social Media

मैं उस भारत से आता हूं, जहां AQI 9000 है लेकिन हम फिर भी अपनी छतों पर लेटकर रात में तारे देखते हैं। मैं उस भारत से आता हूं, जहां हम दिन में औरतों की पूजा करते हैं और रात में गैंगरेप करते हैं।

मैं उस भारत से आता हूं जहां आप हमारी हंसी की खिलखिलाहट हमारे घर की दीवारों के पार से भी सुन सकते हैं, और मैं उस भारत से भी आता हूं जो कॉमेडी क्लब की दीवारें तोड़ देता है, जब उसके अंदर से हंसी की आवाज आती है।

TWO INDIAS: Vir Das seven minute monologue on India create controvery
Vir Das - फोटो : Social Media

मैं उस भारत से आता हूं, जहां ओल्ड लीडर्स अपने मरे पिता के बारे में बात करना बंद नहीं करते और न्यू लीडर्स अपनी जीवित मां के रास्तों पर चलना शुरू नहीं करते।

मैं उस भारत से आता हूं, जहां की एक बड़ी आबादी 30 साल से छोटी है लेकिन फिर भी 75 साल के लीडर्स के 150 साल पुराने आइडिया को सुनना बंद नहीं करती।

मैं उस भारत से आता हूं, जहां लोग क्लब के बाहर सड़कों पर सोते हैं लेकिन साल में 20 बार तो सड़क ही क्लब होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
TWO INDIAS: Vir Das seven minute monologue on India create controvery
Vir Das - फोटो : सोशल मीडिया

मैं उस भारत से आता हूं, जहां हम वेजेटेरियन होने में गर्व महसूस करते हैं लेकिन उन्हीं किसानों को कुचल देते हैं, जो ये सब्ज़ियां उगाते हैं। मैं उस भारत से आता हूं जो कभी चुप नहीं होता और मैं उस भारत से आता हूं जो कभी नहीं बोलता।

मैं उस भारत से आता हूं, जहां बच्चे मास्क लगा कर एक दूसरे का हाथ थामते हैं और मैं उस भारत से भी आता हूं, जहां के लीडर्स बिना मास्क लगाए गले मिलते हैं।

विज्ञापन
TWO INDIAS: Vir Das seven minute monologue on India create controvery
Vir Das - फोटो : सोशल मीडिया

मैं उस भारत से आता हूं, जहां हम बॉलीवुड की वजह से ट्विटर पर बंटे होते हैं लेकिन थिएटर के अंधेरे में उसी बॉलीवुड की वजह से एक साथ होते हैं। मैं उस भारत से आता हूं, जहां हम जब भी ‘ग्रीन’ के साथ खेलते हैं ब्लीड ब्लू का नारा देते हैं लेकिन ग्रीन से हारने पर हम अचानक से ऑरेंज हो जाते हैं।

मैं उस भारत से आता हूं, जहां म्यूजिक हमारा बहुत हार्ड है लेकिन जज्बात बहुत सॉफ्ट हैं। मैं उस भारत से आता हूं, जो ये देखेगा और कहेगा ‘ये कॉमेडी नहीं है जोक कहां है? और मैं उस भारत से भी आता हूं, जो ये देखेगा और जानेगा कि ये बहुत बड़ा जोक ही है. बस फ़नी नहीं है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed