कोरोना वायरस की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन है। लोगों ने खुद को घर में बंद कर रखा है। इस बीच सरकार ने छोटे पर्दे के दर्शकों को बेहद खास तोहफा दिया है। 80 के दशक का मशहूर टीवी सीरियल रामायण को एक बार फिर से टीवी पर प्रसारित किया गया है। रामायण का प्रसारण 28 मार्च को किया गया। ऐसे में रामायण देखते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट किया, जिस पर मशहूर अभिनेता संजय खान की बेटी फराह खान अली ने कटाक्ष किया है।
रामायण देखते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने साझा की तस्वीर, अभिनेता की बेटी ने किया कटाक्ष
प्रकाश जावड़ेकर ने रामायण देखते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर अपनी एक तस्वीर साझा की। इस तस्वीर को साझा करते हुए उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'मैं रामायण देख रहा हूं और आप।' प्रकाश जावड़ेकर के इस ट्वीट पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। संजय खान की बेटी फराह खान अली ने उनके इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कटाक्ष किया, जिसके बाद प्रकाश जावड़ेकर ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया।

फराह खान अली ने अपने ट्वीट में लिखा, 'मैं आपको घर पर आराम से बैठा हुआ देख रही हूं, जबकि कई प्रवासी श्रमिक भोजन और पानी के बिना मीलों की यात्रा करते हुए अपने गांवों की ओर चल रहे हैं।' फराह खान अली ने इस ट्वीट को उन लोगों को ध्यान में रखते हुए किया जो लॉकडाउन होने की वजह से अपने घर और गावों की ओर लौट रहे हैं। हालांकि अब प्रकाश जावड़ेकर ने अपना ट्वीट को डिलीट कर दिया है।
I am watching you sitting comfortably at home while many migrant workers are struggling without food and water travelling miles walking towards their villages. https://t.co/FL67BWTBk8
— Farah Khan (@FarahKhanAli) March 28, 2020
गौरतलब है कि टीवी पर छोटे पर्दे की कई सीरियल्स को दोबारा से प्रसारित किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बीते दिनों रामायण शुरू होने की जानकारी दी थी। उन्होंने ट्विटर पर बताया कि 28 मार्च दोपहर 12 बजे और शाम 7 बजे डीडी भारती चैनल पर हर रोज़ महाभारत के दो एपिसोड दिखाये जाएंगे। महाभारत का प्रसारण 1988 से 1990 तक दूरदर्शन पर किया गया था। बता दें कि रामानंद सागर की रामायण का पहली बार प्रसारण साल 1987 में दूरदर्शन पर हुआ था।
वहीं बीआर चोपड़ा की महाभारत का प्रसारण भी साल 1988 में पहली बार दूरदर्शन पर हुआ था। रामायण और महाभारत को लोग इतने उत्साह से देखते थे कि सड़कें सूनसान हो जाती थीं। इन धार्मिक कार्यक्रमों के प्रसारण के वक्त बाहर सड़कों का माहौल एक दम कर्फ्यू की तरह ही होता था।
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