{"_id":"625d60a37646f356cf524dfd","slug":"unknown-facts-about-three-times-national-award-winner-surekha-sikri-on-her-birth-anniversary","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Surekha Sikri: अपने आखिरी वक्त में आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं 'बालिका वधू' की दादी सा, सोनू सूद ने की थी मदद","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
Surekha Sikri: अपने आखिरी वक्त में आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं 'बालिका वधू' की दादी सा, सोनू सूद ने की थी मदद
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा चौधरी
Updated Tue, 19 Apr 2022 09:29 AM IST
विज्ञापन
1 of 5
सुरेखा सीकरी
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
हिंदी सिनेमा में बहुत से ऐसे कलाकार हैं जो अपने ग्लैमर नहीं अपने टैलेंट के बलबूते पर जाने जाते है। ऐसी ही कलाकारों में शुमार थीं सुरेखा सीकरी। 19 अप्रैल 1945 को नई दिल्ली में जन्मी सुरेखा सीकरी का बचपन अमरोहा और नैनीताल में गुजरा था। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई के बाद उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से ग्रैजेशन किया था। 16 जुलाई 2021 को सुरेखा सीकरी का निधन हो गया था। आज उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर हम आपको उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ बातें बताने जा रहे हैं।
2 of 5
सुरेखा सीकरी
- फोटो : Social Media
सुरेखा सीकरी बचपन से ही पढ़ाई में अच्छी थी। वह लेखक या फिर पत्रकार बनना चाहती थीं, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान अब्राहम अलकाजी साहब का नाटक हुआ था। उनकी बहन इससे प्रभावित हुईं और उन्होंने अपने लिए नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का फॉर्म मंगा लिया, लेकिन वह फॉर्म ऐसे ही पड़ा रहा। उनकी मां ने उन्हें फॉर्म भरने के लिए कहा तो पहले वह इसे नहीं भरना चाहती थीं, लेकिन बाद में वह मान गईं और 1995 में उनका सलेक्शन भी हो गया।
3 of 5
सुरेखा सीकरी
- फोटो : Instagram
अपने करियर में उन्होंने कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया, लेकिन घर-घर तक पहचान उन्हें ‘बालिका वधू’ धारावाहिक में दादी सा यानी कल्याणी देवी के किरदार ने दिलाई। दादी सा बनकर उन्होंने अपने खौफ और प्यार का मिलाजुला रूप दिखाया, जिसका हर कोई मुरीद हो गया था। इसके अलावा वह 'एक था राजा एक थी रानी' और 'परदेस में है मेरा दिल' सीरियल में भी दिखाई दी थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
सुरेखा सीकरी
- फोटो : सोशल मीडिया
उन्होंने कई बेहतरीन फिल्मों में भी काम किया, जिसमें उनके अभिनय को काफी सराहा गया था। उन्हें 1988 में आई फिल्म 'तमस', 1995 में आई फिल्म 'मम्मो' और 2018 में आई 'बधाई हो' के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का तीन बार नेशनल अवॉर्ड भी मिला था। वह 'सरफरोश', 'नजर', 'तुमसा नहीं देखा' जैसी कई फिल्मों में शामिल रहीं।
विज्ञापन
5 of 5
सुरेखा सीकरी
- फोटो : Social Media
सुरेखा के जीवन में एक वक्त ऐसा भी आया था, जब वह आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं। इसी बीच उन्हें ब्रेन स्टोक हो गया और पैसे की कमी की वजह से उन्हें अपना इलाज कराने में भी परेशानी हुई। वहीं, 'बधाई हो' की रिलीज के दौरान उन्हें लकवा मार गया था। ऐसे में उनकी मदद करने के लिए अभिनेता सोनू सूद, आयुष्मान खुराना, गजराज राव और 'बधाई हो' के डायरेक्टर अमित शर्मा आगे आए थे। उस समय सोनू सूद ने ट्वीट कर कहा था कि वह सुरक्षित हाथों में हैं और जल्द ठीक हो जाएंगी। हालांकि उनकी ओर से बयान दिया गया था कि उन्हें फाइनैंशियल हेल्प की जरूरत नहीं है और उनका परिवार उनके साथ है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।