फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Bismillah Khan Birth Anniversary: शहनाई से था सबसे ज्यादा लगाव, ‘दूसरी बेगम’ कह आखिरी सांस तक नहीं छोड़ा था साथ

Mon, 21 Mar 2022 06:04 PM IST
मेघा चौधरी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: मेघा चौधरी Updated Mon, 21 Mar 2022 06:04 PM IST
विज्ञापन
Ustad Bismillah Khan Birth Anniversary: lesser known facts about shehnai maestro bismillah khan
उस्ताद बिस्मिल्लाह खां - फोटो : सोशल मीडिया

उस्ताद बिस्मिल्लाह खां का जन्म 21 मार्च 1916 को डुमरांव, बिहार में हुआ था। दुनियाभर के मंचों तक शहनाई को पहुंचाने का श्रेय बिस्मिल्लाह खां को ही जाता है। उन्होंने अपने चाचा अली बैदु विलायतु से छह साल की उम्र में ही प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था। वह पैगंबर खान और मिथुन की दूसरी संतान थे। उनके पिता बिहार के डुमराव के एक कोर्ट में परफॉर्म किया करते थे। बिस्मिल्लाह खान का नाम आज सब जानते हैं, लेकिन कुछ बातें ऐसी भी हैं, जिन्हें आप नहीं जानते आज हम आपको ऐसी ही कुछ बातें बताने जा रहे हैं।

Ustad Bismillah Khan Birth Anniversary: lesser known facts about shehnai maestro bismillah khan
उस्ताद बिस्मिल्लाह खां - फोटो : सोशल मीडिया

उस्ताद बिस्मिल्लाह खां का असली नाम कमरुद्दीन था, क्योंकि बड़े भाई का नाम शमशुद्दीन था, इसलिए पिता ने मिलता जुलता नाम रखा था, लेकिन जब उनके दादा जी ने अल्लाह को धन्यावाद किया और बिस्मिल्लाह कहा तो, उनका जन्म के बाद रखा गया नाम बदल गया। इसके बाद से ही उन्हें बिस्मिल्लाह कहा जाने लगा।

Ustad Bismillah Khan Birth Anniversary: lesser known facts about shehnai maestro bismillah khan
उस्ताद बिस्मिल्लाह खां - फोटो : सोशल मीडिया

उस्ताद खां की शादी 16 साल की छोटी उम्र में हो गई थी। लेकिन, उन्हें अपने वाद्य यंत्र से बहुत प्यार था, जिसे वे अपनी दूसरी बेगम कहा करते थे। जब उन्हें सुपुर्द ए खाक किया गया तो साथ में उनकी शहनाई को भी दफना दिया गया था। उनकी आखिरी इच्छा कभी पूरी नहीं हो पाई। वह इंडिया गेट पर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देना चाहते थे, लेकिन 21 अगस्त 2006 में उनकी मृत्यु हो गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
Ustad Bismillah Khan Birth Anniversary: lesser known facts about shehnai maestro bismillah khan
उस्ताद बिस्मिल्लाह खां - फोटो : अमर उजाला

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ का गाना ‘ये जो देश है मेरा’ का इंस्ट्रमेंटल ट्रेक बिस्मिल्लाह खां की शहनाई की धुन पर तैयार हुआ था। उन्होंने कन्नड़ सुपरस्टार राजकुमार की फिल्म ‘सनादि अपन्ना’, सत्यजीत रे की फिल्म ‘जलसाघर’ और विजय भट्ट की फिल्म ‘गूंज उठी शहनाई’ में भी शहनाई बजाई थी।

विज्ञापन
Ustad Bismillah Khan Birth Anniversary: lesser known facts about shehnai maestro bismillah khan
उस्ताद बिस्मिल्लाह खां - फोटो : SELF

एक बार बिस्मिल्लाह खां की चार शहनाइयां चोरी हो गईं, उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने मामले की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि उन्हीं के एक नाती ने 17000 रुपये के लिए ये शहनाई चोरी कर बेच दीं। इनमें तीन शहनाइयां चांदी की थीं और एक लकड़ी की थी, लेकिन उसका बेस भी चांदी का ही था। पुलिस ने उनके नाती शादाब और वाराणसी के चौक इलाके के 2 ज्वैलर्स को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में बताया कि उन्होंने शहनाइयों को गलाकर 1.66 किलो चांदी उसमें से निकाल ली।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed