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वॉर में ऋतिक की हीरोइन से जानिए, फिल्म इंडस्ट्री में कैसे हुई एंट्री? अब शमशेरा में आएंगी नजर
Wed, 02 Oct 2019 12:35 PM IST
भावना शर्मा
अभिनेत्री वाणी कपूर
अभिनेत्री वाणी कपूर
Published by: भावना शर्मा
Updated Wed, 02 Oct 2019 12:35 PM IST
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vani kapoor
- फोटो : social media
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एक मॉडल के तौर पर मैंने दिल्ली में खूब काम किया। पहली पहली बार मुंबई एक विज्ञापन फिल्म में काम करने आई। उसी यात्रा के दौरान यशराज फिल्म्स के लोगों से मेरा मिलना हुआ। वे लोग किसी फिल्म के लिए नया चेहरा तलाश रहे थे। मुझे अच्छी तरह याद है तब मुझसे नाचने के लिए कहा गया था। उसके बाद तमाम बार और ऑडीशन लिए गए और यशराज फिल्म्स में मेरा प्रवेश हो गया। शायद मौका मुझे तलाश रहा था और मेरे माता पिता ने मुझे शुरू से ही इस मौके के लिए तैयार रखा था।
Vani Kapoor
- फोटो : social media
मैं भी माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं
मेरे माता पिता फिल्मों के शौकीन रहे हैं। मेरी मां मुझे बहुत सी फिल्म दिखाया करती थीं। मुझे आज भी याद है मेरी पहली फिल्म, हम आपके हैं कौन। ये तो नहीं याद मैं तब कितने साल की रही होंगी पर माधुरी दीक्षित को पहली बार बड़े पर्दे पर मैंने तभी देखा। मेरी मां ने मुझे कई पुरानी फिल्में भी दिखाई थीं, जैसे सीता और गीता, खूबसूरत, चालबाज़ और भी ना जाने कितनी। मां को दमदार किरदारों वाली फिल्में देखने का ज्यादा शौक था। मैंने भी उनके साथ कई हॉलीवुड व हिन्दी फिल्में देखी हैं। फिल्में हर तरह का तनाव मिटा देती हैं।
मेरे माता पिता फिल्मों के शौकीन रहे हैं। मेरी मां मुझे बहुत सी फिल्म दिखाया करती थीं। मुझे आज भी याद है मेरी पहली फिल्म, हम आपके हैं कौन। ये तो नहीं याद मैं तब कितने साल की रही होंगी पर माधुरी दीक्षित को पहली बार बड़े पर्दे पर मैंने तभी देखा। मेरी मां ने मुझे कई पुरानी फिल्में भी दिखाई थीं, जैसे सीता और गीता, खूबसूरत, चालबाज़ और भी ना जाने कितनी। मां को दमदार किरदारों वाली फिल्में देखने का ज्यादा शौक था। मैंने भी उनके साथ कई हॉलीवुड व हिन्दी फिल्में देखी हैं। फिल्में हर तरह का तनाव मिटा देती हैं।
vani kapoor
खुद को तैयार रखना जरूरी
बचपन में इतनी फिल्में देखने के बाद मुझे ये तो साफ हो गया था कि मुझे क्या करना है। पर तब भी एक अभिनेत्री बनने का ख्याल दूर की कौड़ी ही लगता था। मैं बचपन से अभिनेत्री बनना चाहती थी और इसके लिए खूब तैयारी की है मैंने। किसी भी क्षेत्र में अपना करियर बनाने से पहले खुद से जरूर पूछना चाहिए कि आप इसके लिए तैयार हैं कि नहीं। जिस काम में दिल लगे, वही काम अगर आपका करियर बन जाए तो उससे अच्छा कुछ नहीं है।
बचपन में इतनी फिल्में देखने के बाद मुझे ये तो साफ हो गया था कि मुझे क्या करना है। पर तब भी एक अभिनेत्री बनने का ख्याल दूर की कौड़ी ही लगता था। मैं बचपन से अभिनेत्री बनना चाहती थी और इसके लिए खूब तैयारी की है मैंने। किसी भी क्षेत्र में अपना करियर बनाने से पहले खुद से जरूर पूछना चाहिए कि आप इसके लिए तैयार हैं कि नहीं। जिस काम में दिल लगे, वही काम अगर आपका करियर बन जाए तो उससे अच्छा कुछ नहीं है।
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vani kapoor
- फोटो : social media
आसान नहीं है इंडस्ट्री
फिल्म इंडस्ट्री आसान नहीं है। यहां काम ढूंढना काफी मुश्किल है। कई बार ऐसे मौके आते हैं, जब दिमाग में तरह तरह के ख्याल आने लगते हैं। इस क्षेत्र में आने की तैयारी कर रहे युवाओं से मेरा यही कहना है कि ज़िंदगी को खुशी से जियो। निराशा से कुछ सही नहीं होता। साथ ही साथ अपने काम में हमेशा अपना सौ प्रतिशत जरूर देना चाहिए क्योंकि आपकी ज़िंदगी मुफ्त की नहीं है। हर चुनौती को एक एक दिन कर पार करना चाहिए। आपको नहीं पता कि कब कोई आपका काम पसंद कर रहा है, क्या पता कल का दिन और भी अच्छा हो।
फिल्म इंडस्ट्री आसान नहीं है। यहां काम ढूंढना काफी मुश्किल है। कई बार ऐसे मौके आते हैं, जब दिमाग में तरह तरह के ख्याल आने लगते हैं। इस क्षेत्र में आने की तैयारी कर रहे युवाओं से मेरा यही कहना है कि ज़िंदगी को खुशी से जियो। निराशा से कुछ सही नहीं होता। साथ ही साथ अपने काम में हमेशा अपना सौ प्रतिशत जरूर देना चाहिए क्योंकि आपकी ज़िंदगी मुफ्त की नहीं है। हर चुनौती को एक एक दिन कर पार करना चाहिए। आपको नहीं पता कि कब कोई आपका काम पसंद कर रहा है, क्या पता कल का दिन और भी अच्छा हो।
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Vani Kapoor
इंतजार है इस रोल का
अब लोग अपने आसपास की कहानियां परदे पर देखना चाहते हैं। वे ऐसे किरदारों पर यकीन करने लगे हैं जो साधारण परिस्थितियों में रहते हुए भी कुछ बड़ा कर जाते हैं। इस तरह की कहानियों में काफी उछाल आया है। अपने आपको इस समय और इस तरह के बदलाव का हिस्सा पाकर मैं बेहद खुश भी पाती हूं। महिला किरदारों पर केंद्रित फिल्में भी खूब बन रही हैं। मुझे अभी तक इस तरह की फिल्म के लिए कोई ऑफर तो नहीं आया है लेकिन हां, मैं चाहती हूं कि कुछ ऐसा दिलचस्प किरदार मेरे पास आए ताकि मैं उस कहानी के लिए अपने अंदर के कलाकार को और भी विकसित कर पाऊं।
अब लोग अपने आसपास की कहानियां परदे पर देखना चाहते हैं। वे ऐसे किरदारों पर यकीन करने लगे हैं जो साधारण परिस्थितियों में रहते हुए भी कुछ बड़ा कर जाते हैं। इस तरह की कहानियों में काफी उछाल आया है। अपने आपको इस समय और इस तरह के बदलाव का हिस्सा पाकर मैं बेहद खुश भी पाती हूं। महिला किरदारों पर केंद्रित फिल्में भी खूब बन रही हैं। मुझे अभी तक इस तरह की फिल्म के लिए कोई ऑफर तो नहीं आया है लेकिन हां, मैं चाहती हूं कि कुछ ऐसा दिलचस्प किरदार मेरे पास आए ताकि मैं उस कहानी के लिए अपने अंदर के कलाकार को और भी विकसित कर पाऊं।