शाहिद कपूर की हिट फिल्म ‘कबीर सिंह’ की रिलीज से पहले ही इसकी ओरीजनल तेलुगू फिल्म ‘अर्जुन रेड्डी’ के चलते देश भर में चर्चित हुए अभिनेता विजय देवरकोंडा ने अपनी पहली बहुभाषी फिल्म ‘लाइगर’ के लिए जबर्दस्त ट्रेनिंग ली है। फिल्म में एक मिक्स मार्शल आर्ट्स चैंपियन के रूप में दिखेंगे। फिल्म के ट्रेलर ने रिलीज के समय से ही इंटरनेट पर धूम मचा रखी है। इस ट्रेलर को ध्यान से देखने पर ये भी पता चलता है कि फिल्म ‘लाइगर’ के लिए विजय ने काफी मेहनत की है और उनका शरीर सौष्ठव ही फिल्म का मुख्य आकर्षण है। चलिए, आज आपको बताते हैं कि विजय देवरकोंडा के इस बदले बदले से कसरती शरीर का राज क्या है, और कौन है वह शख्स जितने इस बॉडी बिल्डिंग में विजय देवरकोंडा को प्रशिक्षित किया..
Vijay Devarakonda: विजय देवरकोंडा ने ‘लाइगर’ के लिए इस तरह बनाई बॉडी, कोच ने ‘अमर उजाला’ के साथ साझा किए राज
शाहिद कपूर की हिट फिल्म ‘कबीर सिंह’ की रिलीज से पहले ही इसकी ओरीजनल तेलुगू फिल्म ‘अर्जुन रेड्डी’ के चलते देश भर में चर्चित हुए अभिनेता विजय देवरकोंडा ने अपनी पहली बहुभाषी फिल्म ‘लाइगर’ के लिए जबर्दस्त ट्रेनिंग ली है।
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एमएमए के खिलाड़ी का सही रूप
'लाइगर' विजय देवरकोंडा की यह पहली पैन इंडिया फिल्म है। फिल्म में विजय देवरकोंडा का जबरदस्त लुक नजर आ रहा है, उन्होंने इस तरह का लुक बनाने के लिए काफी मेहनत की। इस लुक को क्रिएट करने में उनके पर्सनल ट्रेनर कुलदीप सेठी का बहुत बड़ा हाथ है। कुलदीप बताते हैं, 'लाइगर' में एक मुक्केबाज की भूमिका विजय देवरकोंडा के लिए शारीरिक और मानसिक तौर पर काफी चुनौतीपूर्ण रही है। विजय ने एक ऐसे शख्स की भूमिका निभाई है जो मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) चैम्पियनशिप में हिस्सा लेता है।'
एथलीट की तरह दिखना जरूरी था
कुलदीप बताते हैं, ‘फिल्म ‘लाइगर’ की तैयारियां शुरू करते समय हमने सबसे पहले मांसपेशियों को बढ़ाने के लिए अधिक शक्ति प्रशिक्षण के साथ शुरुआत की और धीरे धीरे हमने उसकी गतिशीलता को बढ़ाने के लिए हार्डकोर, प्लायोमेट्रिक और चपलता अभ्यास जोड़े। मुझे यह सुनिश्चित करना था कि उनका शरीर एक एथलीट की तरह विकसित होना चाहिए न कि बॉडी बिल्डर की तरह। हमें खुशी है कि हमने फिल्म की कहानी के हिसाब से विजय देवरकोंडा का शरीर विकसित करने में कामयाबी पाई और नतीजा सबके सामने है।’
खुराक में सही संतुलन जरूरी
फिल्म ‘लाइगर’ का ट्रेलर अपने आप में इस बात का सबूत है कि बड़े परदे पर अरसे बाद कोई हीरो इतनी फुर्ती के साथ एक्शन सीन्स करता दिखेगा। कुलदीप कहते हैं, 'ऐसा शरीर पाने के लिए मांसपेशियों को मजबूत करना जरूरी है। मैंने इसके लिए कार्बोहाइड्रेट्स का सी संतुलन बनाया और कुछ समय बाद इसे पूरी तरह से बंद कर दिया और प्रोटीन, फाइबर और पानी बढ़ा दिया। बहुत सारे लोग ऐसा करते समय पानी कम कर देते हैं लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। हां, शूटिंग के समय मैंने उनका पानी आधा कम कर दिया। अपने शरीर को शानदार दिखाने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए और वह हिम्मत ‘लाइगर’ में विजय देवरकोंडा ने दिखाई है। उन्होंने अपनी पूरी बॉडी पर बहुत मेहनत की है।’
चोट के बावजूद हिम्मत नहीं हारी
फिल्म की शूटिंग से जुड़े रहे लोग बताते हैं कि फिल्म ‘लाइगर’ की शूटिंग के दौरान विजय देवरकोंडा को चोट भी लगी थी। इस बारे में कुलदीप बताते हैं, 'विजय के कंधे में चोट लगी थी इसलिए मुझे बहुत सावधानी बरतनी पड़ रही थी। लेकिन विजय ने बिना इसकी परवाह किए पूरे समर्पण भाव से ट्रेनिंग ली। वह कभी भी हार नहीं माने और ना ही मुझसे कोई सवाल किया। वह एक आज्ञाकारी स्टूडेंट की तरह मेरी हर बात मानते रहे और नतीजा यह निकला कि जिस तरह से मैं उनके शरीर में परिवर्तन लाना चाह रहा था, उसे मैं कर पाया। विजय देवरकोंडा खुद को चुस्त दुरुस्त शख्सियत की तरह पेश करते रहे हैं लेकिन फिल्म ‘लाइगर’ के लिए उन्होंने खुद को पूरी तरह बदल दिया।'