विनोद मेहरा के जिंदगी में दो नंबर ऐसा कुंडली मार के बैठ गया था कि इसने आखिर तक उनका पीछा नहीं छोड़ा। 13 फरवरी 1945 को पंजाब के अमृतसर शहर में जन्मे विनोद मेहरा का दो नंबर से खास नाता रहा है। राजेश खन्ना जिस टैलेंट सर्च प्रतियोगिता से बॉलीवुड में आए थे, उसी प्रतियोगिता से विनोद मेहरा भी आए थे। इस प्रतियोगिता में राजेश खन्ना पहले नंबर पर रहे और विनोद मेहरा दूसरे नंबर पर, यहीं से दो नंबर विनोद मेहरा का पीछा नहीं छोड़ा।
Vinod Mehra: राजेश खन्ना वाले कंपटीशन में लगा दो नंबर का ये ठप्पा, जीवन भर इस नंबर से नहीं उभर पाए विनोद मेहरा
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साल 1965 में फिल्मफेयर और यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स नाम की संस्था ने मिलकर 'आल इंडिया टैलेंट कॉन्टेस्ट' का आयोजन किया था। बिमल रॉय, बीआर चोपड़ा, नासिर हुसैन, जीपी सिप्पी, जे ओम प्रकाश और शक्ति सामंत जैसे दिग्गज फिल्मकारों ने उस प्रतियोगिता को जज किया था। उस जमाने में यह बहुत बड़ी प्रतियोगिता थी। प्रतियोगिता में दस हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया। राजेश खन्ना पहले नंबर पर चुने गए और विनोद मेहरा दूसरे नंबर रहे। राजेश खन्ना के रूप में बॉलीवुड को पहला सुपर स्टार मिला लेकिन विनोद मेहरा सेकेंड लीड एक्टर के रूप में ही ज्यादातर फिल्मों में नजर आए।
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वैसे तो विनोद मेहरा ने 13 साल की उम्र में ही बाल कलाकार के तौर पर फिल्म 'रागिनी' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। लेकिन विनोद मेहरा का झुकाव कभी अभिनय की तरफ नहीं रहा। वह एक प्राइवेट कंपनी में जॉब कर रहे थे। तभी उनके कुछ दोस्तों ने 'आल इंडिया टैलेंट कॉन्टेस्ट' में भाग लेने की सलाह दी और फाइनल राउंड में विनोद मेहरा दूसरे नंबर पर रहे। साल 1971 में विनोद मेहरा ने फिल्म 'एक थी रीता' से बतौर हीरो अपने करियर की शुरुआत की लेकिन यह फिल्म उतनी सफल फिल्म नहीं रही।
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विनोद मेहरा के अभिनय करियर की गाड़ी अपने रफ्तार से चल ही रही थी कि तभी अपनी मां की वजह से उन्हें मीना ब्रोक से शादी करनी पड़ी। शादी के कुछ ही दिनों के बाद उन्हें पहली बार दिल का दौरा पड़ा लेकिन बाल बाल बच गए। मीना ब्रोक से तलाक लेने के बाद विनोद मेहरा ने बिंदिया गोस्वामी से शादी की लेकिन यह शादी भी ज्यादा दिनों तक नहीं टिकी और बिंदिया गोस्वामी ने विनोद मेहरा को तलाक देकर निर्माता- निर्देशक जेपी दत्ता से शादी कर ली। विनोद मेहरा ने तीसरी शादी किरण से की और शादी के दो साल के बाद उनकी 30 अक्टूबर 1990 को मृत्यु हो है। रेखा के साथ तो विनोद मेहरा के संबंध जग जाहिर ही है। रेखा से शादी के बाद भी उन्हें अपनी पत्नी का दर्जा नहीं दे पाए।
विनोद मेहरा ने बतौर निर्माता, निर्देशक अपने करियर की दूसरी पारी की शुरुआत फिल्म 'गुरुदेव' से की। इस फिल्म में ऋषि कपूर, श्रीदेवी और अनिल कपूर जैसे बड़े सितारों ने काम किया था। बताया जाता है कि स्टार्स के डेट्स प्रॉब्लम की वजह से फिल्म के निर्माण में काफी देरी हुई और फिल्म का बजट ज्यादा बढ़ गया जिसकी वजह से विनोद मेहरा तनाव में रहने लगे। 30 अक्टूबर 1990 को अचानक दिल का दौरा पड़ने से मात्र 45 वर्ष उनकी मृत्यु हो गई। विनोद मेहरा को दिल का दौरा दूसरी बार पड़ा। पहली बार तब पड़ा था जब उनकी पहली शादी हुई थी। इस तरह से दो नंबर उनकी मृत्यु तक पीछा नहीं छोड़ा।
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