'द कश्मीर फाइल्स' से लेकर 'द वैक्सीन वॉर' जैसी फिल्में बनाने के लिए पहचाने जाने वाले मशहूर फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री अक्सर अपने बयानों और टिप्पणी को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। विवेक अग्निहोत्री अक्सर हर मुद्दे पर अपने विचार खुलकर रखते हैं और वह आए दिन बॉलीवुड और इसके कलाकारों पर भी निशाना साधते नजर आते हैं। लेकिन पिछले काफी समय से लगातार बॉलीवुड और इसकी कमियों को उजागर कर रहे विवेक के निशाने पर हाल ही में एयरलाइंस कंपनी इंडिगो रही। फिल्ममेकर ने कुछ समय पहले ही सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर एयरलाइंस कंपनी को जमकर सुनाया..
Vivek Agnihotri: विवेक अग्निहोत्री ने निशाने पर आई इंडिगो एयरलाइंस, गुस्से में निर्देशक ने मांगा अपना रिफंड
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निर्देशक विवेक अग्निहोत्री का गुस्सा आज एयरलाइंस कंपनी इंडिगो पर फूटा। दरअसल, उनकी फ्लाइट तकरीबन डेढ़ घंटे लेट थी, जिसने उन्हें परेशान कर दिया। इतना ही नहीं फ्लाइट में देरी की शिकायतों के अलावा उन्होंने कहा कि शौचालय भी साफ नहीं थे। इंडिगो फ्लाइट की ऐसी हालत देखकर विवेक अग्निहोत्री अपने गुस्से पर काबू नहीं कर सके और उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर अपना गुस्सा निकाला।
विवेक अग्निहोत्री ने लोकप्रिय एयरलाइन इंडिगो की जमकर आलोचना की क्योंकि वह और उनके साथी पैसेंजर्स बिना किसी जानकारी, पानी या साफ-सुथरे शौचालय के डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक फ्लाइट में फंसे रहे। निर्देशक ने एक्स पर पोस्ट के जरिए अपनी शिकायत साझा की। फिल्म निर्माता ने खुलासा किया कि वह सुबह 11:10 बजे फ्लाइट में चढ़े थे लेकिन दोपहर 12:40 बजे तक विमान में ही फंसे रहे। अपना अनुभव साझा करते हुए, विवेक ने मांग की कि उन्हें और उनके साथी यात्रियों को उनके टिकटों का रिफंड दिया जाए।
विवेक अग्निहोत्री ने लिखा, 'सुबह 11:10 बजे विमान में चढ़े। 12:40 बजे हैं... 1:30 घंटे और कप्तान या चालक दल से जानकारी का एक शब्द भी नहीं। दुनिया भर में उड़ानों में देरी होती है लेकिन यात्रियों के प्रति ऐसी उदासीनता का अनोखा गुण है इंडिगो के पास। साथ ही, क्या देरी जानने का कोई तरीका नहीं है? ये सभी अत्यधिक उन्नत एआई सॉफ्टवेयर किस लिए हैं? परेशान और भटके हुए दल के साथ यात्रियों को एसी वाली सुरंग में क्यों बंद कर दिया गया है?'
विवेक अग्निहोत्री ने आगे लिखा, 'शौचालय पूरे फर्श पर टिशू पेपर से गंदे हैं। लोग पानी के लिए चिल्ला रहे हैं। हर हॉस्टेस इसे दूसरे को दे रही है। मैं शायद ही कभी इंडिगो से उड़ान भरता हूं और मुझे हमेशा उनका क्रू-फ्लायर इंटरैक्शन दयनीय लगता है। फ्लायर्स का नाराज होना उनकी गलती नहीं है। एयरलाइंस और उनके चालक दल अपनी उदासीनता या अहंकार से नाराजगी सुनिश्चित करते हैं। यदि उड़ानों में 30 मिनट से अधिक की देरी होती है, तो क्या एयरलाइंस को हवाई किराए का एक हिस्सा वापस नहीं करना चाहिए?'